धार्मिक

भक्ति, आस्था और संस्कारों से सराबोर हुआ ग्राम गुटोरी

श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन हुआ श्रीकृष्ण विवाह महोत्सव, बाल लीलाओं का हुआ भावपूर्ण वर्णन
सिलवानी। आदिवासी अंचल के ग्राम गुटोरी में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान इन दिनों पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक भावनाओं से सराबोर है। कथा वाचक पूज्य पंडित आशुतोष उपाध्याय जी महाराज के मुखारविंद से श्रद्धालु प्रतिदिन श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कर रहे हैं। कथा के पांचवें दिवस भगवान श्रीकृष्ण के विवाह महोत्सव का पावन आयोजन श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने मोहा मन
कथा वाचक पंडित आशुतोष उपाध्याय जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की अद्भुत बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। मैया यशोदा और बाल कृष्ण के वात्सल्य प्रेम का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक लीलाओं ने कथा पंडाल में उपस्थित भक्तों का मन मोह लिया।
कथा के दौरान नंद बाबा के घर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, नामकरण संस्कार तथा बाल सखाओं के साथ उनकी विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया गया। गोपालों के साथ माखन चोरी की लीला के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, सरलता और प्रेम का सुंदर संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया।
गोदान की महिमा और गौ सेवा का महत्व बताया
कथा के दौरान गोदान की महिमा तथा सनातन परंपरा में गौ माता के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कथा वाचक ने गौ सेवा और गोदान को श्रद्धा, सेवा तथा धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए इसके महत्व को समझाया।

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