धार्मिक

करवा चौथ पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत, पति की लंबी उम्र की कामना

बाजारों में रही रौनक, बादलों ने चंद्र दर्शन में डाली बाधा
ब्यूरो चीफ: शब्बीर अहमद
बेगमगंज। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में करवा चौथ का पर्व श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनकर अपने सुहाग की मंगलकामना की।
बाजारों में सुबह से दिखी चहल-पहल
करवा चौथ के पर्व को लेकर नगर के बाजारों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही दुकानों पर महिलाओं की आवाजाही बनी रही। साड़ी, चूड़ी, मेहंदी, सौंदर्य प्रसाधन, पूजन सामग्री और अन्य श्रृंगार के सामान की दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ी। महिलाओं ने पर्व की तैयारियों के लिए जमकर खरीदारी की, जिससे बाजारों में रौनक बनी रही और व्यापारियों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दी।
चंद्र दर्शन के इंतजार में रहीं महिलाएं
दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद शाम को महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और चंद्रमा के निकलने का इंतजार किया। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्र दर्शन नहीं हो सके। इसके बावजूद महिलाओं ने अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार पूजा की। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया।
प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है करवा चौथ
करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। बेगमगंज नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह रहा। पूरे दिन धार्मिक आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच करवा चौथ का त्योहार मनाया गया।

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