19 गांवों की सिंचाई से लेकर ग्रामीणों की समस्याओं तक, जनविश्वास अभियान में सक्रिय दिखे कलेक्टर

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को ढीमरखेड़ा क्षेत्र में कलेक्टर आशीष तिवारी ने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया । इस दौरान उन्होंने 19 गांवों के 2372 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने वाली ढीमरखेड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के झिर्री पंप हाउस का जायजा लिया । वहीं 5 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन की गुणवत्ता परखी और जनसंवाद शिविर में पहुंचे 119 ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं । इसके अलावा स्वामित्व योजना के तहत तीन हितग्राहियों को आवासीय भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंपे । सगौना आंगनवाड़ी केंद्र में नन्ही पलक महोबिया की कविता ने भी कलेक्टर का ध्यान आकर्षित किया ।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम निधि सिंह गोहल, जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे ।
*19 गांवों को मिलेगी सिंचाई सुविधा, झिर्री पंप हाउस का निरीक्षण*
कलेक्टर आशीष तिवारी ने ग्राम हरदुली स्थित ढीमरखेड़ा माइक्रो उद्वहन सिंचाई योजना के झिर्री पंप हाउस का निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने योजना के प्रगतिरत कार्यों, पंप हाउस की व्यवस्थाओं और संचालन प्रणाली की जानकारी ली ।
कार्यपालन यंत्री ए.के. तिवारी ने बताया कि इस योजना के माध्यम से ढीमरखेड़ा तहसील के 19 गांवों के 2372 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी । पंप हाउस का कार्य कमांड एरिया सहित पूरा हो चुका है । यहां 1341 हॉर्स पावर क्षमता के दो पंप स्थापित किए गए हैं, जिनमें से एक पंप स्टैंडबाय के रूप में रखा गया है ।
कलेक्टर ने पंप हाउस स्थित स्काडा रूम का निरीक्षण कर नियंत्रण एवं संचालन व्यवस्था की जानकारी ली । उन्होंने ऑपरेटरों को जिम्मेदारी और सजगता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए ।
*तकनीकी जानकारी नहीं मिलने पर अधिकारी से जताई नाराजगी*
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री से पंप की तकनीकी कार्यप्रणाली और उसमें मौजूद स्टेज की जानकारी मांगी । संबंधित अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की । उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों को अपने कार्यों और तकनीकी व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके ।
*जनसंवाद शिविर में 119 ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं*
ग्राम पंचायत ढीमरखेड़ा में आयोजित जनसंवाद शिविर में कलेक्टर ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं । शिविर में 119 ग्रामीण विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे । इनमें राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित समस्याएं और मांगें शामिल रहीं।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए । साथ ही कार्रवाई की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें ।
शिविर समाप्त होने के बाद भी कलेक्टर मंगल भवन में ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनसे व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर समस्याओं की जानकारी ली ।
*5.25 करोड़ से बन रहे जनपद भवन की गुणवत्ता परखी*
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत ढीमरखेड़ा में 5 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन नवीन जनपद पंचायत भवन का औचक निरीक्षण किया । उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का जायजा लेते हुए निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए ।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य ने बताया कि भवन का निर्माण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त स्टाम्प शुल्क वसूली के विरुद्ध अनुदान मद से कराया जा रहा है । कलेक्टर ने निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ।
*तीन हितग्राहियों को मिली आवासीय भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री*
स्वामित्व योजना के तहत आयोजित शिविर में कलेक्टर ने तीन हितग्राहियों को उनकी आवासीय भूमि की निःशुल्क रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंपे । इनमें विनोद विश्वकर्मा को 232 वर्ग मीटर, राकेश बर्मन को 156 वर्ग मीटर तथा मीराबाई दुबे को 329 वर्ग मीटर भूमि की रजिस्ट्री प्रदान की गई ।
इस योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में मकानों और भूमि के स्वामित्व को अभिलेखबद्ध कर पात्र हितग्राहियों को कानूनी अधिकार प्रदान किए जाते हैं ।
*नन्ही पलक की कविता ने जीता कलेक्टर का दिल*
ग्राम सगौना स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर आशीष तिवारी बच्चों के बीच पहुंचे और उनकी पढ़ाई एवं गतिविधियों की जानकारी ली। इसी दौरान नन्ही पलक महोबिया ने कलेक्टर के कहने पर पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘हम चलाएं गाड़ी, जाएंगे आंगनवाड़ी…’ कविता सुनाई ।
पलक की मासूम प्रस्तुति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर कलेक्टर ने उसे चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया । उन्होंने आंगनवाड़ी सुपरवाइजर भावना साहू को केंद्र में नियमित कक्षाएं संचालित करने तथा बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने के निर्देश दिए । साथ ही बच्चों के पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा ।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण, विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और पात्र हितग्राहियों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है ।



