मध्य प्रदेश

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विद्यार्थियों को दी गई विधिक जागरूकता की जानकारी

सिलवानी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन राकेश मोहन प्रधान के मार्गदर्शन में तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत 1 नवंबर से 6 नवंबर 2026 तक विभिन्न विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रविवार, 1 नवंबर को शासकीय बालक गांधी आश्रम सिलवानी में छात्र-छात्राओं के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी की अध्यक्ष एवं न्यायाधीश सुनीता पचौरिया ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में विद्यालयों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारत में बाल यौन शोषण एवं दुर्व्यवहार की रोकथाम के लिए व्यापक कानूनी प्रावधान हैं। इनमें वर्ष 2012 में लागू किया गया पॉक्सो (POCSO) अधिनियम प्रमुख है। इस कानून के अंतर्गत बच्चों के विरुद्ध होने वाले विभिन्न यौन अपराधों को परिभाषित कर उनके लिए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। साथ ही मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों की व्यवस्था भी की गई है।
न्यायाधीश सुनीता पचौरिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों एवं सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को आत्मविश्वासी एवं निर्भीक बनाने के साथ ही समाज में बाल सुरक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सुरक्षित बचपन ही सशक्त एवं जागरूक समाज की नींव है। बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविर में विकासखंड शिक्षा अधिकारी रूपेंद्र ठाकुर ने विद्यार्थियों को शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कक्षा 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर टॉप करने वाले नियमित विद्यार्थियों को निःशुल्क ई-स्कूटी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक हरिशरण व्यास, गोविंद सिंह राजपूत, लखन लोधी, अंकिता सोनी, लक्ष्मी शिल्पी, शिक्षक कमलेश अहिरवार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक मयंक रघुवंशी ने किया।

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