मध्य प्रदेश

मंदिर पर गिरा बिजली का खंभा, स्कूल के मासूमों की जान से खिलवाड़!

8 दिन से सोया बिजली विभाग, आखिर किस बड़े हादसे का इंतजार?
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज  । सुल्तानगंज क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे! यहां बिजली विभाग की लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया है, जहां मंदिर भी सुरक्षित नहीं और स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की जिंदगी भी खतरे में है!
मामला है रायसेन जिले की तहसील सुल्तानगंज के ग्राम पंचायत जमुनिया पिपलिया का। जहां अटल ज्योति बिजली लाइन मंदिरों के बीच से और स्कूल के ठीक सामने से होकर गुजर रही है।
बताया जा रहा है कि करीब 8 दिन पहले बिजली का एक खंभा टूटकर सीधे मंदिर पर जा गिरा। गनीमत रही कि उस वक्त वहां कोई बच्चा या ग्रामीण मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
जरा सोचिए! जिस रास्ते से रोज नन्हे-मुन्ने बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल जाते हैं, उसी रास्ते पर टूटे बिजली के खंभे और तारों का खतरा मंडरा रहा है।
    ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों को बार-बार फोन लगाकर शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन और गैर-जिम्मेदाराना जवाब मिलने की बात सामने आ रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जवाब दिया जाता है— क्या होगा शिकायत करने से?
वाह रे व्यवस्था! क्या अब ग्रामीणों को अपनी समस्या बताने का भी अधिकार नहीं है?
*जिम्मेदार अधिकारियों से सीधे सवाल:*
क्या बिजली विभाग किसी मासूम बच्चे के घायल होने या किसी की जान जाने का इंतजार कर रहा है?
क्या मंदिर पर खंभा गिरना भी विभाग के लिए कोई गंभीर घटना नहीं है?
आखिर 8 दिन बीत जाने के बाद भी टूटे खंभे को सुरक्षित तरीके से ठीक क्यों नहीं किया गया?
   आज सवाल सिर्फ एक टूटे हुए खंभे का नहीं है, सवाल है सैकड़ों ग्रामीणों की सुरक्षा का, सवाल है स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की जिंदगी का और सवाल है जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही का!
प्रशासन और बिजली विभाग से मांग है कि तत्काल मौके पर पहुंचकर टूटे खंभे और बिजली लाइन को सुरक्षित कराया जाए।
क्योंकि याद रखिए… हादसा होने के बाद मुआवजा देने से बेहतर है, हादसा होने से पहले जिम्मेदारी निभाना!
अब जनता पूछ रही है— आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन?

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