Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 13 जून 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 13 जून 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 09:29 AM तक उपरांत एकादशी
✏️ तिथि स्वामी – दशमी तिथि के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रेवती 01:32 PM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं तथा नक्षत्र स्वामी बुध है।
🔔 योग – सौभाग्य योग 05:55 AM तक, उसके बाद शोभन योग 04:18 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 09:28 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 09:05 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का (अशुभ गुलिक) काल 12:21 पी एम से 01:58 पी एम
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : मंगलवार का राहुकाल 03:35 पी एम से 05:11 पी एम राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:49 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:18 पी एम से 07:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:20 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 11:10 ए एम से 12:45 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:01 ए एम, जून 14 से 12:41 ए एम, जून 14
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 01:32 पी एम से 05:23 ए एम, जून 14
🌊 अमृत सिद्धि योग : 01:32 पी एम से 05:23 ए एम, जून 14
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में पंचमुखा दीपक प्रज्वलित करें।
🌲 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – ऊधम सिंह शहीद दिवस, मुग़ल बादशाह रफ़ीउद्दाराजात स्मृति दिवस, ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित मेजर विवेक गुप्ता पुण्य तिथि, क्रांतिकारी गणेश दामोदर सावरकर जन्म दिवस, मशहूर गीतकार प्रेम धवन जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय रंगहीनता जागरूकता दिवस, पंचक समाप्ति 13.31
✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗽 Vastu tips 🗼
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की छत पर कोई भी फालतू सामान या कबाड़ा नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के मन और मस्तिष्क पर नकारात्मक असर पड़ता है और पितृ दोष भी लगता है. पूरे घर का माहौल खराब हो जाता है। साथ ही यह आपके घर में कलह का कारण भी बन सकता है। तो आपके घर में यदि बिना उपयोग का फालतू सामान बहुत समय से पड़ा है तो उसे तुरंत घर के बाहर करिये।
वहीं अगर आपके घर में ऐसा कोई सामान है जो उपयोगी तो है परंतु अभी उसका कोई काम नहीं है तो ऐसी चीजों को ऐसे ही कहीं भी न पटके, उन्हें व्यवस्थित ढंग से एक जगह पर रख दें। वास्तु शास्त्र में ये थी चर्चा घर की छत पर रखे फालतू सामान के बारे में। उम्मीद है आप इस वास्तु टिप्स को अपनाकर जरूरर लाभ उठाएंगे।
⏺️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार राहु, शनि के समान ही पापी ग्रह होता है ।
कुण्डली में अगर यह ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो जीवन में प्रगति को बाधित करने के अलावा कई प्रकार के रोगों से परेशान करता है ।
राहू ग्रह का रत्न गोमेद होता है जिसे धारण करने से राहु से सम्बन्धित रोगों से बचाव एवं मुक्ति मिलती है । राहु के कारण से अक्सर पेट खराब रहता है । मस्तिष्क रोग, हृदय रोग, कुष्ठ रोग उत्पन्न होता है ।
राहु बाधा से कैंसर, गठिया, चेचक एवं प्रेत बाधा का भी सामना करना पड़ता है । गोमेद को चांदी अंगूठी में पहनना इन रोगों एवं परेशानियों में लाभप्रद होता है । रक्त की कमी एवं मूत्र रोग आदि के विषय में जानते हैं ।
त्वचा सम्बन्धी रोग, हैजा, बवासीर, का कारक केतु को माना जाता है । इससे सम्बन्धित रोग और रत्न की भी बात करेंगे । वैसे केतु और राहु दोनों एक ही शरीर के दो भाग माने जाते हैं ।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
रूमेटाइड अर्थराइटिस क्यों होता है- रूमेटाइड अर्थराइटिस, असल में इम्यून सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों की वजह से होता है। दरअसल, ये एक ऑटोइम्यून और इंफ्लेमेटरी डिजीज है जिसमें कि हमारा इम्यून सिस्टम, हमारे ही शरीर पर हमला कर देती है। इसमें ये हड्डियों, टिशूज और सेल्स को नष्ट करने लगती है और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन आ जाती है।
जोड़ों पर हमला करती है रूमेटाइड अर्थराइटिस रूमेटाइड अर्थराइटिस सबसे पहले आपके ज्वाइंट्स पर हमला करती है। जैसे कि पहले ये आपके हाथ, कलाइयों और घुटने के जोड़ों पर हमला करती है। इसकी वजह से जोड़ों में सूजन आ जाती है और टिशूज खराब हो जाते हैं। ये टिशूज डैमेज लंबे समय तक चलने वाले या पुराने दर्द, संतुलन की कमी और हड्डियों की विकृति का कारण बन सकते हैं। इतना ही नहीं ये पूरे शरीर के टिशूज को भी प्रभावित कर सकता है और फेफड़ों, दिल और आंखों जैसे अंगों में समस्याएं पैदा कर सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आज मैं आपलोगों को एक ऐसा टोटका बता रहा हूँ, जिसे आपको स्नान करते समय करना है । इसको कुछ दिनों तक रोज नहाते समय करें । छोटा सा तांत्रिक उपाय है यकीन मानिये आप मालामाल हो जाएंगे ।
वैसे तो अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रतिदिन नहाना बहुत आवश्यक होता है । लेकिन नहाते समय यदि एक छोटा उपाय करने से आपकी आर्थिक स्थिति भी सुधर जाए तो फिर इससे अच्छी बात हो सकती है ।
इस एक छोटे से तांत्रिक उपाय को करें तो धन संबंधी मामलों की रुकावटें समाप्त हो जाती हैं । धन संबंधी मामलों में कई बार हम ईमानदारी से पूरी मेहनत करते हैं लेकिन सकारात्मक फल प्राप्त नहीं हो पाते हैं ।
परिणामतः पैसों की तंगी बढऩे लगती है । ऐसे में अक्सर मन ख्याल आता है, कि मेहनत के बाद भी हमें उचित प्रतिफल प्राप्त क्यों नहीं हो रहा है ? आखिर कारण क्या हो सकती है ।
इसके पीछे ज्योतिषीय दोष हो सकते हैं या किसी की बुरी नजर का दोष भी हो सकता है । यदि कुण्डली में किसी ग्रह दोष की बाधा है तो उसका उचित उपचार करना चाहिए ।
परन्तु आज मैं एक ऐसा उपाय बता रहा हूँ, जिससे बुरी नजर के दोष और कुण्डली के भी सभी दोषों से राहत मिलती है । करना यह है, कि स्नान हेतु भरे बाल्टी के पानी पर अपनी तर्जनी अंगुली से त्रिभुज का निशान बनाएं ।
इसके बाद एक अक्षर का बीज मंत्र “ह्रीं” पानी पर लिखें । इस प्रकार प्रतिदिन नहाने से पहले यह उपाय करें । इस तांत्रिक उपाय के संबंध में किसी प्रकार की कोई शंका या संदेह नहीं करना चाहिए ।
(शेष कल)
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

