Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 16 मई 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 16 मई 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष द्वादशी 11:36 PM तक उसके बाद त्रयोदशी है ।
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी इस तिथि के स्वामी श्री हरि विष्णु जी हैं।
💫 नक्षत्र-उत्तर भाद्रपद 08:15 AM तक उसके बाद रेवती
🪐 नक्षत्र स्वामी – उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं। तथा स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति देव हैं।
🔊 योग- प्रीति योग 11:15 PM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 12:17 पी एम तक
✨ द्वितीय करण – तैतिल – 11:36 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – मंगलवार का (शुभ गुलिक काल) दोपहर 12:00 से 01:30 तक है ।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है. यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल दिन – 3:00 से 4:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:23:00 AM
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:37:00 PM
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:48 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:28 ए एम से 05:30 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:50 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:34 पी एम से 03:28 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:04 पी एम से 07:25 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:05 पी एम से 08:08 पी एम
💧 अमृत काल : 05:18 ए एम, मई 17 से 06:52 ए एम, मई 17
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:38 ए एम, मई 17
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:30 ए एम से 08:15 ए एम
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में संतरा चढाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – ए. नारायणस्वामी जन्म दिवस, कर्नल धर्मवीर सिंह पुण्यतिथि, भारतीय उद्योगपति रुस्तमजी होमसजी मोदी स्मृति दिवस, साक्षात्कार’ के संस्थापक-संपादक गुलशेर ख़ाँ शानी जन्म दिवस, शोधकर्ता विजया मुले जन्म दिवस, प्रशासक मुहम्मद हबीबुल्लाह स्मृति दिवस, सिक्किम स्थापना दिवस, राष्ट्रीय डेंगू दिवस, पंचक जारी
✍🏼 विशेष – द्वादशी के दिन तुलसी तोड़ना निषिद्ध है। द्वादशी के दिन यात्रा नहीं करनी चाहिए, इस दिन यात्रा करने से धन हानि एवं असफलता की सम्भावना रहती है। द्वादशी के दिन मसूर का सेवन वर्जित है।
🏠 Vastu Tips 🏪
वास्तु शास्त्र में आज हम आपको उत्तर-पूर्व दिशा से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे। अधिकतर लोग अपनी सहूलियत के हिसाब से कोई भी चीज कहीं भी रख देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना ठीक नहीं है। जहां उचित दिशा में रखी गई चीजों से शुभ फल प्राप्त होते हैं। वहीं अनुचित दिशा में रखी गई चीजों से अशुभ फलों की प्राप्ति होती है और आज हम आपको उत्तर-पूर्व दिशा के बारे में ऐसी ही कुछ बातें बता रहे हैं।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक, यानी बिजली से जुड़े सामान या गर्मी उत्पन्न करने वाले उपकरणों को कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। इस स्थिति को जितना हो सके, अवॉयड करना चाहिए। अन्यथा ऐसा करने से रिश्तों में अनबन की स्थिति आती है। कोई भी एक-दूसरे की बात को ज्यादा तवज्जों नहीं देते हैं। वास्तु शास्त्र में ये थी चर्चा उत्तर-पूर्व दिशा से जुड़ी कुछ खास बातों की चर्चा। उम्मीद है आप इस वास्तु टिप्स को अपनाकर जरुर लाभ उठाएंगे।
वास्तु के अनुसार, अगर आपके घर में इलेक्ट्रॉनिक की ऐसी वस्तुएं हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं। तो इन्हें जरूरतमंदों को दान में दे दें। बेकार पड़ी इलेक्ट्रॉनिक चीजों को इकट्ठा न करें। इससे घर में नकरात्मक शक्तियों का वास रहता है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पुदीने का पानी पीने के फायदे: पुदीने का पानी, गर्मियों के लिए वो ड्रिंक है जो कि आपके शरीर की कई समस्याओं को दूर कर सकता है। दरअसल, पुदीने की प्रकृति ठंडी होती है और जब आप इसका सेवन करते हैं तो ये शरीर के लिए तरह-तरह की चीजें करता है और तमाम प्रकार की समस्याओं से बचाता है। तो, आइए सबसे पहले जानते हैं पुदीने का पानी कैसे बनाया जाता है और फिर शरीर की तमाम समस्याओं के लिए इसके फायदे के बारे में जानेंगे।
पुदीने का पानी कैसे बनाया जाता है-पुदीने का पानी बनाने के लिए पहले तो पुदीने को पीस लें या इस फिर इसकी पत्तियों को कूच कर पानी में मिला लें। उसके बाद इसमें हल्का सा काला नमक, नींबू और मिश्री मिलाएं। थोड़ी देर छोड़ दें और फिर इसे अच्छे से मिलाएं। उसके बाद इसे ऐसे ही रहने दें, फिर इसका पानी पी लें।
पैरों की जलन दूर करता है पुदीने का पानी आपके पेट की जलन को दूर करता है। इसकी ठंडी तासीर आपके पेट की परत को ठंडा करते हुए शरीर में पित्त शांत करती है और बेचैनी में कमी लाती है। इससे पैरों में हो रही जलन कम होती है और आप आराम महसूस करते हैं। फिर रेगुलर इसे पीना इस समस्या को जड़ से खत्म करने में मदद कर सकता है।
☘️ आरोग्य संजीवनी 🍃
रात में नींद न आने के 4 बड़े कारण रात में एक्सरसाइज आजकल लोगों को अपने ऑफिस और बाकी कामों से दिनभर समय नहीं मिलता है और ऐसे में वह खुद को फिट रखने के लिए रात में एक्सरसाइज करने लगते हैं। कम ही लोग जानते होंगे कि रात में एक्सरसाइज करना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है। दिनभर की थकान के बाद अगर आप रात में एक्सरसाइज करते हैं तो इससे हार्ट रेट बढ़ जाती है और नर्वस सिस्टम तेज काम करने लगता है। अगर आप भी रात में एक्सरसाइज करते हैं तो बंद कर दें।
सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल आजकल लोग भले ही ऑफिस से घर चले जाते हैं लेकिन ऑफिस का काम घर में भी पीछा नहीं छोड़ता है। ऑफिस के कई ग्रुप बने होते हैं जिनमें मैसेज आते रहते हैं, अगर आप भी ऐसे ग्रुप में जुड़े हुए हैं तो सबसे पहले आप ग्रुप नोटिफिकेशन को साइलेंट कर दें। इसके अलावा बिस्तर पर जाने से 30 मिनट पहले अपने मोबाइल को अलग टेबल पर रख दें और फिर सुबह उठने के बाद ही देखें। अगर आप बिस्तर पर लेटे हुए मोबाइल इस्तेमाल करेंगे तो आपको नींद नहीं आएगी।
रात में कॉफी और चाय कई लोग खाना खाने के बाद अक्सर चाय या कॉफी पीते हैं। अगर आप भी रात में सोने से पहले कॉफी और चाय पीते हैं तो आज ही बंद कर दें। कैफीनयुक्त ड्रिंक्स पीने से नींद नहीं आती है। अगर आपको कॉफी पीना पसंद है तो इसे दिन में या सुबह के वक्त ही पिएं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीति में काफी कुछ लिखा है। उनके द्वारा बताई गई हर एक मनुष्य को जीवन में लक्ष्य पाने के लिए प्रेरित करता हूं। भले ही हमारी नीतियां आपको थोड़े कठोर लगे लेकिन ये कठोरता ही जीवन की सच्चाई है। अगर हमारी नीतियां और विचार पर गौर किया जाए, तो व्यक्ति अपने जीवन में जरूर सफलता हासिल कर सकता है। हमारे इन्हीं विचारों में से आज हम एक और विचार का विश्लेषण करेंगे। आज के विचार में हमने सुख-शांति के बारे में बताया है। दरअसल, हम कहते हैं कि असली सुख-शांति धन के पीछे भागने में नहीं है बल्कि इस काम को करने से मिलती हैं। आइए जानते हैं।
🗣️ श्लोक
सन्तोषामृततृप्तानां यत्सुखं शान्तिरेव च।
न च तद्धनलुब्धानामितश्चेतश्च धावाताम्॥
👉🏽 भावार्थ :
संतोष के अमृत से तृप्त व्यक्तियों को जो सुख और शान्ति मिलता है, वह सुख- शान्ति धन के पीछे इधर-उधर भागनेवालों को नहीं मिलती
आचार्य श्री गोपी राम के इस कथन के मुताबिक, आज के समय में लोग धन के पीछे इस कदर भागते हैं कि उसे पाने की चाहत में घर-परिवार तक को छोड़ दिया है। यहीं आदत उनके निजी जीवन की तबाही का कारण बनती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वह धन कमाने के लिए इस कदर से पागल हो जाते हैं कि वह अपने आसपास मौजूद हर एक चीज को अनदेखा कर देते हैं।
आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जीवन में वहीं व्यक्ति आगे बढ़ता है और सफल हो पाता है जिसके पास संतोष हो। यदि किसी के पास संतोष होगा तो वो हर एक चीज के पीछे नहीं भागेगा बल्कि वह अपने आसपास मौजूद चीजों को समझने के साथ जरूरते भी पूरी करेगा। इसलिए हम कहते हैं कि धन के पीछे भागने वाले इंसान से कहीं ज्यादा खुश वह रहता है जिसके पास जीवन जीने के पर्याप्त संसाधनों के बाद संतोष भी हो।
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⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

