Aaj ka Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 31 जनवरी 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 31 जनवरी 2023
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन उत्तरायण
🌦️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – माघ माह
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि :- दशमी 11.53 AM तक तत्पश्चात एकादशी
✏️ तिथि के स्वामी :- दशमी तिथि के स्वामी यमराज जी और एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी है।
💫 नक्षत्र : रोहिणी – 12:39 ए एम, फरवरी 01 तक
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- रोहिणी नक्षत्र के देवता ब्रम्हा और स्वामी चंद्र देव जी है ।
📢 योग :- ब्रह्म 10.59 AM तक तत्पश्चात इंद्र
⚡ प्रथम करण : – गर 11.53 AM तक
✨ द्वितीय करण – वणिज – 12:55 ए एम, फरवरी 01 तक
🔥 गुलिक काल : – दोपहर 12:00 से 01:30 तक है ।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से गुड़ खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : दिन – 3:00 से 4:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:34:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:26:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:25 ए एम से 06:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:51 ए एम से 07:10 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:13 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:23 पी एम से 03:06 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:57 पी एम से 06:23 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:59 पी एम से 07:18 पी एम
💧 अमृत काल : 09:08 पी एम से 10:54 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, फरवरी 01 से 01:01 ए एम, फरवरी 01
❄️ रवि योग : 07:10 ए एम से 12:39 ए एम, फरवरी 01
☄️ रोहिणी नक्षत्र – आज रात 12 बजकर 39 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏻 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में पंचमुखा दीपक प्रज्वलित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व व त्यौहार – माघ मेला बाबा रामदेव जी रुणेचा (राज.), पद्मनारायण राय पुण्य तिथि, दो दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल स्थगित दिवस, सोमनाथ शर्मा जन्म दिवस, दत्तात्रेय रामचंद्र बेंद्रे, ज्ञानपीठ पुरस्कार जन्म दिवस, मोर (भारत का राष्ट्रीय पक्षी) घोषणा दिवस, अभिनेत्री – प्रीति जिंटा जन्मोत्सव, मनीराम बागड़ी पुण्य तिथि, विश्व कुष्ठ उन्मूलन दिवस, राष्ट्रीय पिछड़ा दिवस
✍🏼 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात ढंदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🌷 Vastu tips 🌸
वास्तु शास्त्र में आज हम बात कर रहे हैं रसोईघर, यानी किचन में तस्वीर लगाने के बारे में. घर में किचन सबसे जगह होती है क्योंकि यह हमारी अन्नपूर्णा है। इसलिए इसकी खूबसूरती और सौभाग्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। रसोईघर में माता अन्नपूर्णा का एक चित्र जरूर होना चाहिए। साथ ही फलों व सब्जियों से भरा एक सुंदर सा चित्र अपनी रसोई में लगाएं।
तस्वीरों से मिलेगा ये फायदा माता अन्यपूर्णा और फलों व सब्जियों के चित्रों को लगाने से घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहती। हमेशा अनाज के भंडार भरे रहते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यानी आपको कभी आभाव और किल्लतों का सामना नहीं करना होगा।
गणेश जी की तस्वीर करेगी परेशानी दूर इसके अलावा अगर आपकी रसोई वास्तु के अनुसार दक्षिण-पूर्व या दक्षिण दिशा में नहीं बनी है या उसमें वास्तु से जुड़ी कोई अन्य परेशानी है तो रसोई के उत्तर-पूर्व, यानी ईशान कोण में सिंदूरी रंग के गणेश जी, यानी कि हेरम्ब गणेश जी की तस्वीर लगानी चाहिए।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सुबह के समय पानी पीने से होनेवाले फायदे
सुबह उठकर बिना ब्रश किए पानी पीना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। बिना ब्रश किए पानी पीने से शरीर की पाचन शक्ति मजबूत होती है। इस वजह से आप दिन भर जो भी चीज़ खाते हैं वह अच्छी तरह से पच जाती है। इसके अलावा सुबह बिना ब्रश किए पानी पीने से शरीर की कई प्रकार की बीमारियां भी दूर होती हैं।
सुबह खाली पेट बिना ब्रश किए पानी पीने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी होती है। अगर आपको भी बहुत जल्द सर्दी, खांसी और जुकाम हो जाता है तो आप सुबह के समय में रोज़ाना बिना ब्रश किए पानी पिएं।
अगर आप लंबे, घने बाल और ग्लोइंग स्किन चाहते हैं तो बिना ब्रश किए पानी पीना शुरू कर दें। साथ ही पेट संबधी समस्या जैसे-कब्ज, मुंह में छाले, कच्ची डकार से परेशान व्यक्ति को भी रोज़ाना सुबह पानी पीना चाहिए।
अगर आप हाई ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज हैं। तो आपको सुबह में पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा सुबह खाली पेट बिना ब्रश किए पानी पीने से मोटापा भी कम होता है।
🪵 आरोग्य संजीवनी 🍶
सांसों की बदबू करे दूर मुलेठी पाउडर में एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो मुंह में बैक्टीरिया के विकास को कम करते हैं, इससे सांसों से आने वाली बदबू की समस्या दूर हो सकती है। मुलेठी पाउडर से दांतों को ब्रश करने से कैविटी और प्लाक से बचाव होता है, जिससे आपके मसूड़े और दांत स्वस्थ रहते हैं।
इम्यूनिटी करे स्ट्रांग मुलेठी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाती है। इस तरह से आप कई तरह के इंफेक्शन से बचे रह सकते हैं। यदि आपको थकान, कमजोरी महसूस होती है, ऊर्जा की कमी है तो शरीर की स्टैमिना, ताकत को बढ़ाने के लिए भी मुलेठी पाउडर का सेवन कर सकते हैं। एक बर्तन में पानी, मुलेठी का जड़, अदरक का टुकड़ा, चायपत्ती डालकर उबालें। इसे छान कर इसमें शहद मिलाएं और मुलेठी की चाय पीकर इसके फायदे पाएं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
रामदेव शाबर मंत्र साधना : रामदेव पीर का चम्तकारिक मंत्र
रामदेव शाबर मंत्र साधना आज में एक ऐसी रामदेव शाबर मंत्र साधना लेकर आया हु जो बहुत ही प्राचीन साधना हे और गोपनीय साधना हे,जिस तरह पीर की साधना होती हे और उसके जो निति नियम लगते हे ठीक वैसी तरह रामदेव पीर साधना में लगते हे,ये साधना बहुत ही सात्विक तरीके से की जाने वाली साधना हे, एकबार अगर रामदेव पीर साधक पर भक्त पर प्रसन्न हो जाये तो उसके सारे कष्ट को वो दूर कर देते हे,
रामदेव पीर साधना पुरे हिंदुस्तान में की जाती हे पर अलग अलग नाम से उसकी साधना की जाती हे,ये साधना ज्यादातर कष्ट पीड़ा,दुसरे का भला करने के लिए काम आती हे और इस साधना की सिद्धि प्राप्त करके आप किसीका भला करोगे तो रामदेवजी महाराज साधक की हर मनोकामना पूर्ण करता हे,
तो चलिए विस्तार से जानते हे इस रामदेव शाबर मंत्र साधना को कैसे करे और इसकी सिद्धि कैसे हासिल करे उसके बारे में विस्तार से चर्चा करते हे.
🎠 रामदेव शाबर मंत्र साधना
🗣️ मंत्र
अहंग गुरूजी ॐ नमो सत नामे कोटि सिमरण,
तपे धरतीमाता अजपा जाप थी तपे रामापीर,
जपता जाप धरता ध्यान सिंगवाणी शुन्य में परछाया!!
👉🏻 विधि
ये साधना सात्विक साधना हे इसलिए आपको पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करना जरुरी हे अगर आप ब्रह्मचर्य पालन नहीं करोगे तो आपको साधना में सिद्धि नहीं मिलेगी,साधना के दरमियाँन आप कुवारी कन्या को भोजन कराये और अपनी शक्ति अनुसार उसको दक्षिणा दे
🧘🏻♀️ साधना का प्रारम्भ दूज से (बीज) से होगा,स्नानादिक और स्वच्छ होकर तस्बी की माला या रुद्राक्ष की माला से उपर्युक्त मंत्र का 10001 बार जाप करना हे, साधना के दरमियाँन गाय के घी का दीया जलाना हे और गूगल लोबान की धुनी लगानी हे,जब आप मंत्रजाप करने बैठो तब सर पर हरे रंग का कपडा बांधकर साधना करनी हे,
ये रामदेव शाबर मंत्र साधना 12 दूज (बीज) तक आपको पूरी श्रधा के साथ करनी हे, इस तरह आप 12 दूज तक पूर्ण पवित्रता से रामदेव पीर साधना करोगे तो आपकी ये साधना सफल हो जाएगी.
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री रामदेवायै नम: ★᭄●●●●●
⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी हैं। यह दक्षिण दिशा के स्वामी है। इनका निवास स्थान यमलोक है।
शास्त्रों के अनुसार यमराज जी मृत्यु के देवता कहे गए हैं। यह भगवान सूर्य और उनकी पत्नी संज्ञा के पुत्र है, यमुना अर्थात (यमी) इनकी जुड़वां बहन और मनु इनके भाई कहे गए है। यमराज की पत्नी का नाम देवी धुमोरना तथा इनके पुत्र का नाम कतिला है।
यमराज जी का वाहन महिष / भैंसे को माना गया हैं। वे समस्त जीवों के शुभ अशुभ कर्मों का निर्णय करते हैं।
इस दिन इनकी पूजा करने, इनसे अपने पापो के लिए क्षमा माँगने से जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं, निश्चित ही सभी रोगों से छुटकारा मिलता है, नरक के दर्शन नहीं होते है अकाल मृत्यु के योग भी समाप्त हो जाते है।
इस तिथि को धर्मिणी भी कहा गया है। समान्यता यह तिथि धर्म और धन प्रदान करने वाली मानी गयी है । दशमी तिथि में नया वाहन खरीदना शुभ माना गया है। इस तिथि को सरकार से संबंधी कार्यों का आरम्भ किया जा सकता है।
यमराज जी का समस्त रोगों को बाधाओं को दूर करने वाले मन्त्र :- “ॐ क्रौं ह्रीँ आं वैवस्वताय धर्मराजाय भक्तानुग्रहकृते नम : “॥ की एक माला का जाप अथवा कम से कम 21 बार इस मन्त्र का जाप करें ।

