ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 14 मई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 14 मई 2023

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्येष्ठ मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कृष्ण पक्ष दशमी 02:46 AM, May 15 तक है।
✏️ तिथि स्वामी – दशमी तिथि के देवता हैं यमराज।इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र- शतभिषा 10:16 AM तक उसके बाद पूर्व भाद्रपद
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी राहु है। तथा राशि स्वामी शनि है।
🔔 योग 03:56 AM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग
प्रथम करण : वणिज – 03:43 पी एम तक
द्वितीय करण – विष्टि – 02:46 ए एम, मई 15 तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:24:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:36:00 P,M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:49 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:28 ए एम से 05:31 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:33 पी एम से 03:27 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:03 पी एम से 07:24 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:04 पी एम से 08:07 पी एम
💧 अमृत काल : 01:31 ए एम, मई 15 से 03:02 ए एम, मई 15
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, मई 15
🚓 यात्रा शकुन-ईलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में आम चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मातृ दिवस, फेसबुक (Facebook) के संस्थापक – मार्क जुकरबर्ग जन्मोत्सव, नाटककार जगदीशचन्द्र माथुर स्मृति दिवस, शिक्षाशास्त्री अल्लादि कृष्णास्वामी अय्यर जन्म दिवस, सांभजी सम्राट जन्म दिवस, मदर्स डे, वारसा संधि स्थापना दिवस, महेन्द्र सिंह टिकैत, किसान नेता पुण्यतिथि, अरुण चन्द्र गुहा – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी जन्म दिवस, विश्व प्रवासी पक्षी दिवस, पंचक जारी
✍🏼 तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗽 Vastu tips 🗼
ऐसा चकला-बेलन करवा सकता है घर में क्लेश
हर घर में रोटी बनाने के लिए पत्थर या लकड़ी के चकला-बेलन का इस्तेमाल होता है। वास्तु के मुताबिक, ऐसा चकला-बेलव बिल्कुल भी उपयोग में नहीं लाना चाहिए जो रोटी बनाते समय आवाज करता हो। इससे घर में लड़ाई-झगड़ा होता है साथ ही पैसा का भी नुकसान होता है।
चकला-बेलन को गंदा कभी न छोड़ें
वास्तु के अनुसार, चकला-बेलन को कभी भी गंदा नहीं छोड़ना चाहिए। इस्तेमाल के बाद हमेशा इसे साफ और सूखा कर ही रखना चाहिए। कहा जाता है कि चकला-बेलन को गंदा छोड़ने से मां अन्नपूर्णा नाराज हो जाती हैं। साथ ही घर में वास्तु दोष का खतरा भी बढ़ जाता है।
🫓 चकला-बेलन खरीदते समय इन बातों का रखें ख्याल
चकला-बेलन खरीदने के लिए गुरुवार और बुधवार का दिन सबसे अच्छा माना जाता है। वहीं मंगलवार और शनिवार के दिन इसकी खरीददारी कभी नहीं करनी चाहिए। चकल-बेलन खरीदते समय ध्यान रखें क ये कहीं से भी ऊंचा नीचा न हो। साथ ही इसमें रोटी बनाते समय आवाज न आती हो।
💱 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ठंडी चाय को दोबारा गर्म करके पीने से क्या होता है चाय को कई बार उबालने से उसमे कैंसरस बैक्टीरिया बनने लगते हैं. ऐसे में इस तरह की चाय पीने से कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है. दोबारा गर्म करने पर चाय से टैनिन बाहर निकल जाता है, जिससे उसका स्वाद कड़वा हो जाता है. देखा जाए तो चाय बनने के 15 मिनट बाद तक ही पीने लायल बचती है
बांस का चावल इसी तरह अगर आप एक चाय पत्ती को बार-बार उबालकर उससे चाय बनाते हैं तो यह आपके शरीर के लिए स्लो पोइसन की तरह काम करता है. चाय के तुरंत बाद पानी क्यों नहीं पिया जाता अगर आप गर्म चाय पीने के बाद पानी पी लेते हैं और इसी को अपनी आदत भी बना लेते हैं तो जान लीजिये की ऐसा करने पर इनडाइजेशन, लूज मोशन, सर्दी-जुकाम। गले में खराश, नाक से ब्लीडिंग, दांतों में सड़न, पीलापन, सेंसिटिविटी होने लगती है.
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
दूध में भीगे हुए चने का सेवन करने से फायदे हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो दूध में काले चने को भिगोकर खाने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। कहा गया है कि दोनों में कैल्शियम और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है इसमें विटामिन सी डी आज भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
दूध में भिगोया हुआ काला चना एनर्जी बूस्टर बताया गया है। सुबह इसका सेवन कर लेने से दिनभर थकान महसूस नहीं होती। मेहनत करने के बाद भी शरीर में थकान महसूस नहीं होते न ही कमजोरी आती है। दूध में भिगोया हुआ काला चना का सेवन पाचन तंत्र के लिए रामबाण औषधि के समान है। पेट से जुड़ी हुई समस्याएं जैसे एसिडिटी, गैस तथा कब्ज से छुटकारा दिलाता है।
हड्डियों को मजबूत करने में भी दूध में भिगोया हुआ चना काफी सहयोगी सिद्ध होता है। बताया गया है कि दूध और चना दोनों ही प्रोटीन और कैल्शियम का मुख्य स्रोत है। वही हड्डियों के लिए कैल्शियम प्राप्त हो जाता है। जोड़ों के दर्द में काफी राहत मिलती है। ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में दूध में भीगे हुए चने का सेवन काफी हितकर बताया गया है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम पोटेशियम मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
भारत का अध्यात्म से गहरा रिश्ता रहा है। यहां संतों, ऋषियों, योगियों और गुरूओं की कई अद्भुत और चमत्कारी कथाएं प्रचलित हैं। विदेशी भी अध्यात्म के रास्ते पर चलने के लिए भारत का रुख करते हैं। आज हम ऐसे ही बातों के बारे में बताएंगे उनके प्रति भक्तों की गहरी आस्था उन्हें अपने शरण में ले आती है। हम बात कर रहे हैं । आचार्य श्री गोपी राम से। उन्होंने ऐसी कई बातें कही हैं जिनका हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव है। आचार्य श्री गोपी राम का कहना था कि इंसान के जीवन में जब अच्छा समय आने वाला होता है तो इसके कई संकेत मिलने लगते हैं।
पशु-पक्षी का घर आना आपके घर में अगर अचान पशु-पक्षी आ रहे हैं तो समझिए आपको जल्द कोई शुभ समाचार मिलेगा। इसका मतलब ये भी होता ही कि घर में धन का लाभ होगा। इतना ही नहीं पशु-पक्षी का घर आने का अर्थ है आपके घर-परिवार पर ईश्वर की कृपा होने वाली है।
साधु-संत का नजर आना अगर आपको अचानक ही कोई साधु-संत दिख गए हैं तो समझ लीजिए आपके अच्छे दिनों की शुरुआत होने वाली है। साधु-संत का दिखना मतलब आप पर देवी-देवता की कृपा दृष्टि बनी रहेगी और भाग्य आपका हमेशा साथ देगा।
आंखों में आंसू आना अगर आप किसी भजन-कीर्तन में गए हैं और आप भक्ति में इतने लीन हो गए हैं कि आपके आंखों से आंसू आने लगा है तो समझिए भगवान आपके साथ है। अब आपको सारी परेशानियों से छुटकारा मिलने वाला है। भक्ति करते समय आंसू आना शुभ संकेत होता है।
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेने वाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

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