ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 11 नवम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 11 नवम्बर 2023

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – कार्तिक मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – कार्तिक मास कृष्ण पक्ष वार शनिवार त्रयोदशी तिथि 01:58 PM तक उपरांत चतुर्दशी |
✏️ तिथी स्वामी : त्रयोदशी तिथि के देवता हैं शिव। इस दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की विधि- विधान से पूजा की जाती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र चित्रा 01:47 AM तक उपरांत स्वाति
🪐 नक्षत्र स्वामी – चित्रा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह और अधिष्ठाता देव विश्वकर्मा हैं।नक्षत्र के देवता त्वष्टा हैं जो एक आदित्य हैं।
🔔 योग – प्रीति योग 04:58 PM तक, उसके बाद आयुष्मान योग
प्रथम करण : वणिज – 01:57 पी एम तक
द्वितीय करण : विष्टि – 02:25 ए एम, नवम्बर 12 तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:33:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:27:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:38 ए एम से 05:28 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:03 ए एम से 06:19 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:37 ए एम से 12:23 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:54 पी एम से 02:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:41 पी एम से 06:07 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:41 पी एम से 06:57 पी एम
💧 अमृत काल : 06:57 पी एम से 08:39 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:35 पी एम से 12:26 ए एम, नवम्बर 12
सर्वार्थ सिद्धि योग : 01:47 ए एम, नवम्बर 12 से 06:19 ए एम, नवम्बर 12
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में काला कम्बल चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/मास शिवरात्रि/सर्वार्थसिद्धि योग, हनुमान जयंती, भारतीय रिज़र्व बैंक गवर्नर आई. जी. पटेल जन्म दिवस, अभिनेत्री माला सिन्हा जन्म दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी राम सिंह पठानिया शहीद दिवस, पोलैंड स्वतंत्रता दिवस (स्वितो नीपोडेग्लोस्की), अंगोला स्वतंत्रता दिवस, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद जन्‍म दिवस, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस
✍🏼 विशेष – त्रियोदशी को बैगन नहीं खाना चाहिए , त्रियोदशी को बैगन खाने से पुत्र को कष्ट मिलता है।शास्त्रों में चतुर्दशी को हिंसा, अनैतिक कार्य, मांस-मदिरा का सेवन, तिल का तेल, लाल रंग का साग, काँसे के बर्तन में भोजन एवं शारीरिक संबंध बनाना मना किया गया है।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे नरक चतुर्दशी के दिन नालियों पर दीए जलाने के बारे में। नरक चर्तुदशी के दिन हर किसी को घर की नाली पर कम से कम एक दिया जरूर जलाना चाहिए । आज के दिन नालियों पर दीये जलाने की यह व्यवस्था हमें सिखाती हैं कि घर की और आस-पास की सभी नालियां हमेशा साफ-सुथरी रहनी चाहिए और जल की निकासी कभी भी रुकनी नहीं चाहिए, क्योंकि घर की नालियों की स्थिति का सीधा संबंध घर की आर्थिक स्थिति से होता है। अगर घर की नालियां जाम हो जाये तो घर की आमदनी भी रुक जाती है।
जहां नालियां जाम हैं, वहां पीछे से सप्लाई ऑटोमैटिक बंद हो जाती है और पानी का संबंध वरुण देव से है और वरुण का संबंध धन से है, इसीलिए वरुण के निवास समुद्र को रत्नाकर कहा जाता है। लिहाजा घर की नालियां साफ होनी चाहिए, घर का कूड़ा-करकट बाहर होना चाहिए और नालियों पर दीपक जलाएं जाने चाहिए, तभी घर में धन का फ्लो बढ़ेगा। तो आज के दिन नालियों पर दीया तो जलाना ही है, साथ ही नालियों की साफ-सफाई का भी पूरा ध्यान रखना जरूरी है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सर्वबाधा निवारण अचूक मंत्र क्या है?
दुर्गा सप्तसदी के श्लोक सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन–धान्य सुतान्वित:।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:।।
का पाठ करने से सभी बाधाओं का निवारण हो सकता है। इसके पाठ करने के विभिन्न स्तर हो सकते है।
सम्पूर्ण सप्तसदी का पाठ 9 या 108 बार उक्त मंत्र के सम्पुट के साथ एक वृहद कार्यक्रम हो सकता है। पाठ की समाप्ति पर हवन कन्या पूजा ,प्रसाद और दान निश्चित रूप से कारगर साबित होगा। ध्यान रहे इसे योग्य पंडित के मार्गदर्शन में ही करना उचित होगा।
अन्यथा आप सप्तसदी के पांचवे अध्याय तंत्रोतम रात्रिसूक्तम के प्रत्येक श्लोक पर सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो …..के सम्पुट के साथ स्वयं प्रत्येक दिन करें। आप सवा लाख मंत्र का संकल्प ले कर गिनती निकाल ले कि पांचवे अध्याय के कितने पाठ करने होंगे। ऐसे क्षमता अनुसार दिनों में भाग देकर एक अनुष्ठान का संकल्प लेकर पाठ प्रारम्भ करें। अनुष्ठान के दौरान मदिरा और नॉन वेज का सेवन न करे तो अच्छा
आरोग्य संजीवनी 🫖
जीभ पर चक्कतों का होना
लिवर की गर्मी बढ़ने से जीभ पर चक्कते हो जाते हैं। ये पीले-सफेद रंग के धब्बेदार चक्कतों के रूप में नजर आते हैं जैसे मुंह में छाले हों। ये बहुत दर्दनाक होता है और कई बार तो लोगों को खाने-पीने में भी दिक्कत होने लगती है। तो, अगर आपको हर कुछ दिनों पर लिवर में छाले हो रहे हों तो सतर्क हो जाएं क्योंकि ये लिवर में गर्मी का लक्षण है।
मुंह से बदबू अगर लगातार आ रही है तो ये लिवर से जुड़ी गर्मी की वजह से हो सकती है। इसके अलावा ये मल का रंग बदलना भी लिवर में गंदगी जमा होने का ही लक्षण है। तो, अगर शरीर में ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो सेचत रहें। क्योंकि लंबे समय में ये आपके पूरे लिवर को डैमेज कर सकती है और किसी गंभीर बीमारी के शिकार हो सकते हैं।
🪔 गुरु भक्ति योग 🪔
10 नवम्बर 2023: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, कथा, मंत्र और उपाय सहित सभी सामग्री एक साथ
कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन आरोग्य की प्राप्ति के लिए भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। धनतेरस के दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि, इस दिन यमराज की पूजा दीपदान करके की जाती है। इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के नाम का दीप प्रज्वलित किया जाता है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से स्कंद पुराण के अनुसार यम दीपदान में किस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए और धनतेरस पर दीपदान की विधि क्या है।
दीपदान के दौरान करें इस मंत्र का जपयम दीपदान (स्कन्द पुराण) कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को सायंकाल के समय किसी पात्र में मिट्टी के दीपक रखकर उन्हें तिल के तेल से पूर्ण करे। उनमें नवीन रूई की बत्ती रखे और उनको प्रकाशित करके गन्धादि से पूजन करे। फिर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके ‘मृत्युना दण्डपाशाभ्यां कालेन श्यामया सह । त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम ॥’ से दीपों का दान करे तो उससे यमराज प्रसन्न होते हैं। यह त्रयोदशी प्रदोष व्यापिनी शुभ होती है। यदि वह दो दिन हो या न हो तो दूसरे दिन करें ।धनतेरस पर ऐसे करें दीपदान
धनत्रयोदशी (व्रतोत्सव ) – कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को सायंकाल के समय एक दीपक को तेल से भरकर प्रज्वलित करे और गन्धादि से पूजन करके अपने मकान के द्वारदेश में अन्न की ढेरी पर रखे। स्मरण रहे वह दीप रातभर जलते रहना चाहिए, बुझना नहीं चाहिये। सूर्यास्त के बाद ही जलाएं यम के नाम का दिया ऐसी मान्यता है कि धनतेरस पर यम के नाम का दीपदान करने से व्यक्ति को अल्पआयु में मृत्यु का भय नहीं रहता है। इसलिए धनतेरस की रात यमदेव के नाम का दिया घर से बाहर रखा जाता है। इस बात का ख्याल रखें की यम के नाम का दिया सूर्यास्त के बाद रात को सोने से पहले रखा जाता है।
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।

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