ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 22 जुलाई 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 22 जुलाई 2023

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 09:26 AM तक उपरांत पंचमी
🖍️ तिथि का स्वामी – चतुर्थी तिथि के स्वामी भगवान गणपति जी और पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 04:58 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी : इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है । तथा राशि स्वामी सूर्य है।
📢 योग – वरीयान योग 01:24 PM तक, उसके बाद परिघ योग
प्रथम करण : विष्टि – 09:26 ए एम तक
द्वितीय करण : बव – 10:37 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6 से 7:30 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:00 से 10:30 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:19:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:41:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:14 ए एम से 04:55 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:35 ए एम से 05:37 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:55 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:39 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:17 पी एम से 07:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:18 पी एम से 08:20 पी एम
💧 अमृत काल : 09:46 ए एम से 11:34 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:07 ए एम, जुलाई 23 से 12:48 ए एम, जुलाई 23
❄️ रवि योग : 05:37 ए एम से 04:58 पी एम
☄️ वरीयान योग – 22 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक
🌍 पृथ्वी लोक की भद्रा – 22 जुलाई को सुबह 9 बजकर 27 मिनट तक
🚗 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती भेंट करें।
🌳 *वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवियोग, राष्ट्रीय झण्डा अंगीकरण दिवस, राष्ट्रीय आम दिवस, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायक यतींद्र मोहन सेनगुप्ता स्मृति दिवस, सरदार तेजा सिंह अकरपुरी जयन्ती, प्रसिद्ध पार्श्व गायक मुकेश जयन्ती, भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडेय जयन्ती, पद्म भूषण प्राप्तकर्ता मुत्तू लक्ष्मी रेड्डी स्मृति दिवस, ‘रेमन मैगसेसे पुरस्कार’ सम्मानित संदीप पांडेय जयन्ती, विश्व मस्तिष्क दिवस ✍🏼 विशेष – चतुर्थी तिथि को मूली एवं पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। इस चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों त्याज्य होता है। इसलिए चतुर्थी तिथि को मूली और तिल एवं पञ्चमी को बिल्वफल नहीं खाना न ही दान करना चाहिए। चतुर्थी तिथि एक खल और हानिप्रद तिथि मानी जाती है। इस चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेश जी हैं तथा यह चतुर्थी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्थी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी गयी है। 🛕 *_Vastu tips* 🏚️
पूर्व दिशा से जुड़े नियम— वास्तुविज्ञान की मानें तो पूर्व दिशा के स्वामी सूर्य और इंद्र देव को माना गया हैं। जो कि बुद्धि, साहस, ज्ञान और सफलता का प्रतीक होती हैं। इस दिशा में घर का प्रवेश द्वारा होना अच्छा माना जाता हैं सूर्य इसी दिशा से उगता हैं ऐसे में अगर पूर्व दिशा में मुख्य द्वार होता हैं। तो घर में रौशनी के साथ साथ सकारात्मकता भी आती हैं जिससे सुख शांति हमेशा बनी रहती हैं इसके अलावा घर की पूर्व दिशा में बड़ी बड़ी खिड़कियों का होना भी अच्छा माना जाता हैं इससे नकारात्मकता का नाश होता हैं।
वास्तुशास्त्र की मानें तो घर की पूर्व दिशा में बगीचा होना शुभ होता हैं और बगीचे में सूरजमुखी व गेंदे के फूलों को लगाने से घर में हमेशा ही सुख समृद्धि बनी रहती हैं साथ ही दुर्भाग्य का भी नाश हो जाता हैं। इसके अलावा अगर घर की पूर्व दिशा में उगते हुए सूरज की पेंटिंग या तस्वीर लगाई जाए तो इससे चारों ओर शांति का माहौल रहता है और एकाग्रता भी बढ़ती हैं।
🔑 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें हम सीधा -सीधा नहीं बता सकते ।उन्हें घुमा फिरा कर कहना पड़ता है। ऐसे ही हिंदी के महान कवि तुलसीदास जी ने स्त्रियों के बारे में दो गोपनीय बातें कहीं हैं।
कभी भी एक मनुष्य को सुंदर स्त्री को देखकर मूर्ख नहीं बनना चाहिए ।उसे अपने विवेक से काम लेना चाहिए।
मां और अपनी स्त्री को छोड़करअन्य सभी महिलाओं को बहन के बराबर समझना चाहिए।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
लीवर कमजोर होने के लक्षण क्या होते हैं? यदि आपका लीवर कमजोर हो रहा है तो आपके शरीर में कुछ विशेष लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसमें कमजोरी होना, भूख कम होना, उल्टी होना, नींद ना आना, दिनभर थकान महसूस होना, शरीर में सुस्ती बनी रहना, तेजी से वजन घटना और लीवर में सूजन जैसे लक्षण शामिल है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, लीवर की बीमारियों को देश में मौतों का दसवां सबसे आम कारण माना जाता है। लगभग 10 लाख भारतीयों हर साल लिवर सिरोसिस से ग्रसित होते हैं। यह भी दुनिया में मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है।
ज्यादा दवाई खाने से लीवर डेमेज हो सकता है। लीवर का काम जड़ी-बूटियों, सप्लीमेंट्स और दवाओं सहित व्यक्ति द्वारा उपभोग की जाने वाली किसी भी चीज़ को तोड़ना है। कुछ दवाएं बहुत हार्ड होती है जिसका बहुत अधिक सेवन करने से लीवर को नुकसान हो सकता है। हर छोटी बीमारी में दवा खाने की आपकी आदत लीवर में इंफेक्शन से लेकर लीवर फेल होने तक की नौबत ला सकती है।
🌹 गुरु भक्ति योग 🌸
आचार्य श्री गोपी राम ने मानव जीवन से जुड़े हर पहलु पर अपनी नीतियों का निर्माण किया हैं जिसका अनुसरण करने वाला मनुष्य हमेशा ही सफल और सुखी रहता हैं हमने अपनी नीतियों के जरिए कुछ ऐसे स्थानों के बारे में बताया हैं जहां अधिक समय तक रुकना भविष्य को खतरे में डाल सकता हैं, तो आज हम इसी विषय पर चर्चा कर रहे हैं, तो आइए जानते हैं।
जिस देश में आदर सम्मान न हो, जहां पर आजीविका का कोई साधन न हो, जहां कोई भी बंधु बांधव या रिश्तेदार ना हो साथ किसी तरह की विद्या या फिर गुणों को सीखने की संभावना ना हो ऐसे देश, स्थान पर अधिक वक्त तक नहीं रुकना चाहिए। वरना व्यक्ति के साथ उसके पूरे परिवार का भविष्य खतरे में पड़ सकता हैं।
हर व्यक्ति अपने देश, गांव और शहर को छोड़ कर किसी अन्य स्थान पर नयी बात, नयी विद्या, रोजगार और नया गुण सिखने के लिए जाता हैं लेकिन अगर वहां इन सभी में किसी भी बात की संभावना न हो। ऐसे देश और स्थान पर जाने से व्यक्ति को किसी भी प्रकार का लाभ प्राप्त नहीं होगा। हमारी नीति कहती हैं जहां पर आजीविका का कोई साधन न हो वहां पर भी अधिक समय तक रूकना मूर्खता होती हैं क्योंकि ऐसे स्थान पर रहने से व्यक्ति तरक्की नहीं करता हैं बल्कि परेशानियों से जकड़ जाता हैं ऐसे में इन स्थानों को तुरंत छोड़ देने में भलाई होती है।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ चतुर्थी तिथि में तिल का दान और भक्षण दोनों भी त्याज्य है। आज गणपति, गजानन, विघ्नहर्ता श्री गणेशजी की पूजा का विशेष महत्त्व है। आज गणपति की पूजा के उपरान्त मोदक, बेशन के लड्डू एवं विशेष रूप से दूर्वादल का भोग लगाना चाहिये इससे मनोकामना की सिद्धि तत्काल होती है।
ज्योतिष शास्त्रानुसार जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्थी तिथि को होता है वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। चतुर्थी तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान एवं अच्छे संस्कारों वाला होता है। ऐसे लोग अपने मित्रों के प्रति प्रेम भाव रखते हैं तथा इनकी सन्तानें अच्छी होती है। इन्हें धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है और ये सांसारिक सुखों का पूर्ण उपभोग करते हैं।

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