नशा जीवन को बर्बाद करता है : न्यायाधीश के. एस. शाक्य
रिपोर्टर : आकाश गोहिल
बेगमगंज । नवयुवको , किशोरों , बालकों एवं छात्रों में ड्रग तस्करी एवं दुरुपयोग की असाधारण वृद्धि को रोकथाम के संबंध में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन तहसील विधिक साक्षरता समिति के अध्यक्ष द्वित्तीय सत्र न्यायाधीश केएस शाक्य की अध्यक्षता में बालकों के खुला आश्रय गृह में आयोजित किया गया।
शिविर में उपस्थित बच्चों को समझाइश देते हुए श्री शाक्य ने कहाकि आप बच्चों की उम्र पढ़ने-लिखने की है पढ़ लिखकर अच्छे इंसान बने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहे ताकि आपका जीवन अच्छे से गुजरे । यदि कोई बच्चा भूलवश गुटखा अथवा जर्दा खाने की लत में लग गया है तो उसे तुरंत छोड़ देना चाहिए । अन्यथा यह जीवन के लिए बहुत घातक होता है । कैंसर जैसी घातक बीमारियां पैदा करता है । जिससे जीवन नष्ट हो जाता है ।
न्यायाधीश शिवहरे ने एक – एक बच्चे से उसके बारे में पूछते हुए उसकी दिनचर्या एवं गतिविधियों की जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि इनमें से कुछ बच्चे जो कि कबाड़ा बीनते हैं। वह दिन भर कबाड़ा बीनते हैं और उससे जो पैसा मिलता है उस पैसे से गुटका लेकर खाते हैं।
तब उन्होंने ऐसे बच्चों को प्रेम से समझाइश दी और गुटका नहीं खाने की सीख देते हुए गुटखा खाने से होने वाले नुकसान के संबंध में भी बताया। तो दोनों बच्चों ने भविष्य में गुटका नहीं खाने का संकल्प लिया ।
तहसील विधिक साक्षरता समिति के अध्यक्ष अपर सत्र न्यायाधीश एसके शाक्य ने अपने विचार रखते हुए बच्चों को मार्गदर्शन दिया और भविष्य में अच्छी पढ़ाई कर अच्छा इंसान बनने की सीख दी । वही अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता ने भी अपने विचार रखे ।
अंत में सभी मौजूद बच्चो को न्यायाधीशगण ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए पढ़ाई लिखाई कर अच्छा इंसान बनने के लिए संकल्प दोहरवाया । इसके पश्चात खुला आश्रय गृह स्थल का न्यायाधीशगण ने सभी 12 वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण कराने हेतु निर्देश दिए गए।



