गैरतगंज में भ्रष्टाचार का आरोप: 9.60 करोड़ की सड़क 6 महीने में उखड़ी, ग्रामीणों में आक्रोश

रिपोर्टर : रीना विनोद मालवीय
गैरतगंज । जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कहूला से महगवां के बीच बनाई गई डामर सड़क, जिसकी लागत लगभग 9 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है, निर्माण के महज 6 महीने के भीतर ही उखड़ने लगी है। इस मामले ने विभागीय कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
6 महीने में खराब हुई सड़क, ग्रामीणों में नाराज़गी
महुना ग्राम सहित आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के दौरान ही आपत्ति जताई गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अनदेखी की गई। अब सड़क जगह-जगह से उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों पर भी सवाल
ग्रामीणों ने इस संबंध में CM Helpline (181) पर शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन आरोप है कि बिना संतुष्टि और बिना सुधार के शिकायतों को बंद कर दिया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई है तथा पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
आंदोलन की चेतावनी
महुना क्षेत्र के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का पुनर्निर्माण नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे।
प्रशासन से उठे सवाल
करोड़ों की लागत वाली सड़क इतनी जल्दी खराब कैसे हो गई?
क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की गई थी?
शिकायतों को बिना समाधान के बंद क्यों किया गया?
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग रायसेन के सहायक यंत्री आशीष कांबले ने कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि निर्माण में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और ग्रामीणों को राहत कब मिलती है।



