मध्य प्रदेश

कुदवारी में विश्व आदिवासी दिवस मनाया

समाज के सम्मान, अधिकार और संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर ग्राम कुदवारी में आदिवासी समाज की एकता, सम्मान और गौरवशाली संस्कृति को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया । समाजसेवी चंद्रकांत ‘चंदू’ चौरसिया के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए ।
कार्यक्रम में समाज के लोगों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा स्वल्पाहार और जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक एकता और अधिकारों को लेकर विचार-विमर्श किया गया । वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज ने देश के इतिहास, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है । समाज के महान जननायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है ।
कार्यक्रम के दौरान “बिरसा मुंडा अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से वातावरण देशभक्ति और उत्साह से भर गया । उपस्थित लोगों ने समाज में एकता बनाए रखने, बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का संकल्प लिया ।
बिरसा मुंडा के योगदान को किया याद
वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा सहित आदिवासी समाज के अन्य महापुरुषों के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आदिवासी समाज का संघर्ष प्रेरणादायी रहा है ।
कार्यक्रम में भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया गया । वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है । उनके त्याग और देशभक्ति को सदैव याद रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है ।
समाजसेवी चंद्रकांत ‘चंदू’ चौरसिया ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराएं देश की अमूल्य धरोहर हैं । समाज को शिक्षा, जागरूकता और एकजुटता के माध्यम से आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है । उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।
विश्व आदिवासी दिवस का महत्व
विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस दुनिया भर के आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति, भाषा, परंपराओं और पहचान के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है । भारत में भी यह दिन आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत और स्वतंत्रता संग्राम में उसके योगदान को याद करने के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश देता है।

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