आंगनबाडी केन्द्र : नौनिहालो की जिंदगी से हो रहा है खिलवाड

ग्राम पटना खुर्द की तस्वीर
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । अबोध नौनिहालो को बुनियादी ज्ञान से परिचित कराने तथा कुपोषण से बचाने के लिए मप्र शासन व्दारा महिला एवं बाल विकास परियोजना के अंतर्गत सुदूरवर्ती ग्रामीण अंचलों के भटुये मंजरे टोलो तक आंगनबाडी केन्द्रो के व्यवस्थित संचालन की व्यवस्था पोषण आहार के साथ की है इसके लिये लगभग सभी आंगनबाडी केन्द्रो को अपने पक्के भवन भी मुहैया कराये है इन सबके बाबजूद सागर जिले की केसली तहसील का एक गांव पटना खुर्द की एक आंगनबाडी केन्द्र इसका अपवाद बनी हुई हैं जहां पर यह आंगनबाडी एक कच्चै खपरैल घर मे लगाई जा रही है जहां पर बरसात से बचने के लिए पन्नी जिलेटिन छाकर बच्चो को पानी से बचाने के प्रयास किये जा रहे है मच्छर व सीलन भरे कच्चे घर मे कब बिषैले जीव जन्तु निकल आये कुछ कहा नही जा सकता, अभी हाल की घटनाओ जिनमे जर्जर भवनो के बरसात मे गिरने व बच्चो के दबने के जो समाचार देखने सुनने को मिल रहे है उनसे सबक लेने की जरुरत है।
बतादे पटना खुर्द में ग्राम पंचायत है और आंगनबाडी मे भी नीचे से लेकर ऊपर तक भी पूरा अमला जिसमे कार्यकर्ता, सहायिका सेक्टर व परियोजना अधिकारी आदि नियुक्त किये गये है इन सबके होते हुये यदि एक आंगनबाडी इस हालत मे लगाई जा रही हो तो यह बेहद चिन्ता का विषय हैं छोटे छोटे अबोध बच्चो के साथ इस कच्चे घर मे आंगनबाडी किसके आदेश से लगाई जा रही है इसकी जांच होना चाहिए। बतादे की केसली ब्लाक की आधिकांश आंगनबाडी भगवान भरोसे चल रही है लोगो का कहना है की महिला एवं बाल विकास परियोजना केसली मे पदस्थ परियोजना अधिकारी के आये दिन अनुपस्थित रहने से आंगनबाडी केन्द्रो की देखरेख नही होने से वह भगवान भरोसे अनियमितताओ के साथ चल रही है। नागरिकों ने कलेक्टर सागर से औचक निरीक्षण करने व लापरवाहो पर कडी कार्यवाही की मांग की है।



