थाने में तीन साल से जमे प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह राजपूत का नहीं हो रहा स्थानांतरण

कटनी जिले के बाहर होना चाहिए स्थानांतरण
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | कटनी जिले के उमरियापान थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह राजपूत बैंच नंबर 228 करीब तीन वर्षों से अधिक समय हो चुका है, लेकिन उनका स्थानांतरण अब तक नहीं हुआ । आमतौर पर पुलिस विभाग में स्थानांतरण नीति के तहत एक निश्चित अवधि के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला कर दिया जाता है, लेकिन प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह राजपूत बैंच नंबर 228 का मामला अपवाद बना हुआ है। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में तीन साल की सेवा के बाद किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का स्थानांतरण सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। इस नियम का उद्देश्य यह होता है कि कोई भी पुलिसकर्मी एक ही स्थान पर अत्यधिक प्रभाव न जमा ले, जिससे भ्रष्टाचार, पक्षपात और अन्य अवांछनीय गतिविधियों की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन उमरियापान थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह राजपूत पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से तैनात हैं और अब तक उनका स्थानांतरण नहीं किया गया। यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिरकार उन्हें इस थाने में बनाए रखने के पीछे क्या कारण है?
*राजनीतिक संरक्षण के चलते नही हैं प्रशासन का डर*
पुलिस विभाग में कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता है । यदि किसी पुलिसकर्मी के संबंध प्रभावशाली नेताओं या उच्च अधिकारियों से हैं, तो उनका तबादला नहीं किया जाता । योगेंद्र सिंह राजपूत का मामला भी इसी श्रेणी में आ सकता है, जहां वे किसी प्रभावशाली व्यक्ति के संरक्षण में हैं ।
*आर्थिक लेन-देन और मिलीभगत*
स्थानीय स्तर पर कई बार पुलिसकर्मियों और अवैध गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के बीच सांठगांठ हो जाती है। यदि कोई पुलिसकर्मी किसी विशेष क्षेत्र में लंबे समय तक कार्यरत रहता है, तो उसकी पकड़ वहां मजबूत हो जाती है । व्यापारियों, स्थानीय दबंगों, दलालों और अवैध कारोबार करने वालों से आर्थिक लाभ लेने की संभावना बढ़ जाती है ।
*वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी*
यदि किसी पुलिसकर्मी को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रखा जाता है, तो इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ जाती है । क्या वरिष्ठ अधिकारियों को इस बात की जानकारी नहीं है कि योगेंद्र सिंह राजपूत तीन वर्षों से अधिक समय से उमरियापान थाने में तैनात हैं? या फिर वे जानबूझकर इस मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं?
*थाने की रणनीतिक स्थिति और मुखबिरी तंत्र*
उमरियापान थाना एक महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है, जहां से कई तरह की सूचनाएं और गतिविधियां संचालित होती हैं । यहां पदस्थ होने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अक्सर स्थानीय प्रभावशाली लोगों से संबंध बना लेते हैं । कहा जाता है कि जो भी उमरियापान थाने की कमान संभालता है, वह किसी न किसी का मुखबिर बन जाता है।
*अनेकों शिकायत के बाद नहीं हों रहा स्थानांतरण*
स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि कई बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लगातार शिकायतें आ रही हैं और फिर भी उसका स्थानांतरण नहीं हो रहा, तो यह साफ संकेत है कि उसके पीछे कोई मजबूत हाथ है। पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन से समाजसेवी ने आग्रह किया है कि उमरियापान थाना में लंबे समय से पदस्थ प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह राजपूत का स्थानांतरण कटनी जिले से बाहर किया जाए।



