दमोह में प्रथम रजिस्टर्ड वसीयतकर्ता बनी विद्या देवी मिश्रा

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने हरीश मिश्रा को दमोह जिले के पहले संपदा 2.0 योजना के हितधारी होने की दी बधाई
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । आम जनमानस को घर बैठे त्वरित सुविधाओं का लाभ मिले इसके लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सम्पदा 2.0 योजना को प्रदेश में लागू किया गया है। योजना के तहत अब किसी भी क्रेता- विक्रेता एवं गवाहों का वसीयत एवं बेनामा कराने के लिये पंजीयक कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। दस्तावेज सही होने पर समय सीमा में ही ऑन
लाईन प्रक्रिया संबधित अधिकारी को करनी होगी। इसी योजना के तहत दमोह जिले की प्रथम महिला वसीयतकर्ता के रूप में विघा देवी मिश्रा ने अपने पुत्र हरीश मिश्रा के पक्ष में वसीयत सम्पदा 2.0 के तहत पंजीकृत करायी है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले में सम्पदा 2.0 के तहत ई पंजीयन वसीयत पंजीकृत कराने वाली विघा देवी मिश्रा एवं जिला पंजीयक कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों को बधाई देते हुये रजिस्टर्ड वसीयत हरीश मिश्रा को प्रदान की।
इस अवसर पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने संपदा 2.0 को लॉन्च किया था और इसका उद्देश्य यह था कि घर बैठे व्यक्ति को रजिस्ट्री की सुविधा मिल जाए और उसको किसी कार्यालय के चक्कर ना लगाना पड़े। इस तरीके की पूरी डिजिटाइज व्यवस्था अब चालू की गई और बहुत खुशी है की हमारे जिला पंजीयन कार्यालय की पूरी टीम ने इसमें बहुत अच्छे से मेहनत की और आज हमारे यहाँ दमोह में पहली हरीश मिश्रा की रजिस्ट्री संपदा 2.0 के अंतर्गत हुई है। हरीश मिश्रा को दमोह जिले के पहले संपदा 2.0 योजना के हितधारी होने की बधाई देता और हमारी पूरी टीम को धन्यवाद और बधाई कि उन्होंने जो मेहनत की उसकी वजह से इसको सफलता पूर्वक लागू कर पाए। आगे आने वाले समय में यह और तेजी से बढ़े ताकि ऑनलाइन रजिस्ट्रियां जितनी अधिक से अधिक हो सके हों, लोगों को चल करके आना ना पड़े, जो समय लगता था वह कम से कम होता जाए, यह प्रयास है, इसकी यह पहली शुरुआत है।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा मार्च आने वाला है और जैसे-जैसे मार्च पास आता है, सत्र के आखिर में रजिस्ट्रियों की तादाद बढ़ती जाती है, इसीलिए रजिस्ट्रियां संपदा 2.0 के अंतर्गत अधिक से अधिक कराएं। इसके लिये पूरा स्टाफ, पूरे अधिकारी प्रतिबद्ध है, हम लोगों को पूरी तरह से अच्छे से फेसिलिटेटेड इसमें करेंगे।
जिला पंजीयक मोनिका नवरंग ने कहा संपदा 2.0 मध्यप्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना को 10 अक्टूबर 24 को मुख्यमंत्री जी द्वारा भोपाल में लॉन्च किया गया था और इससे पहले संपदा वन में आधार केवाईसी वगैरह नहीं होता था, अब इस संपदा 2.0 में आधार केवाईसी के माध्यम से रजिस्ट्री होगी, इससे फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेंगी और जीयोटेग के हिसाब से संपत्ति के दस्तावेज में जो फोटो लगते हैं वो इसमें लगेंगे जिससे वहाँ पर भूमि की पहचान स्थापित हो सकेगी । लोगों को इसमें एक सुविधा और दी गई है की जो घर बैठे रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, वह वीडियो केवाईसी के माध्यम से भी अपनी रजिस्ट्री करा सकते हैं, जिनके लिए उनको पंजीयन कार्यालय में आने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया पहली रजिस्ट्री हमारे यहाँ हरीश मिश्रा की हुई है उनकी माता जी के द्वारा उनको एक वसीयत प्रदाय की गई है। उन्होंने आज संपदा 2.0 में स्लॉट बुक करके हमारे यहाँ दमोह जिले में पहली रजिस्ट्री करवाई है।
उन्होंने कहा सरकार की एक अच्छी योजना है जिसका लाभ आमजन को उठाना चाहिये। घर बैठे योजना का लाभ उठाया जा सकता है सब कुछ आन लाईन होगा। कार्यालय में क्रेता-विक्रेता एवं गवाहों को भी आने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिले की प्रथम वसीयत को सम्पदा 2.0 के तहत पंजीयन करने वाले बरिष्ठ उप पंजीयक बी.पी. साहू ने कहा कि सरकार की अति महत्वाकांछी योजना सम्पदा 2.0 है जिसके तहत कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है। उन्होने आमजन से अपील करते हुये कहा कि अपने सभी दस्तावेज आधारकार्ड अपडेट करके रखें, ताकि कभी आपको वसीयत या बेनामा पंजीकृत कराना पड़े तो परेशानी न हो। मास्टर द्रेनर हर्षा मिश्रा ने कहा जिले के सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं वह लोग जो जिला पंजीयक कार्यालय से जुडे हुये हैं को प्रशिक्षण दिया गया है। सरकार की अति महत्वाकांछी योजना सम्पदा 2.0 है जिसमें फर्जीवाडे एवं दलालों की कार्य प्रणाली पर अंकुश लगेगा। अगर दस्तावेज सही हैं और इनको सही तरीके से अपलोड किया गया है, तो समय सीमा में रजिस्टी हो जायेगी। क्रेता-विक्रेता को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पडेंगे।



