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अटल जी ने सत्ता और बहुमत प्राप्त करने के लिए पाप नहीं किया

दिव्य चिंतन
लेखक : हरीश मिश्र (राष्ट्रीय संयोजक, एंटी हॉर्स ट्रेडिंग फ्रंट)

संघ स्थापना के समय ही डॉक्टर हेडगेवार जी ने राष्ट्र के आंतरिक और बाहरी राष्ट्र विरोधी गुप्त रोगों को पहचान लिया था। हेडगेवार जी जानते थे, राष्ट्र विरोधी पनौतियों का उपचार राष्ट्र को समर्पित स्वयं सेवक ही कर सकते हैं।
संघ अनुशासन की भट्टी से तपकर निकले स्वयं सेवकों ने सोते हुए समाज के आत्मसम्मान का जगाया। कश्मीर से कन्याकुमारी तक यह राष्ट्र हमारा है, इस भाव को जगाने में स्वयं सेवकों को सफलता मिली।
भाजपा धीरे-धीरे विवेकानंद के पथ पर बढ़ी। शिक्षा से लेकर रोजगार, संस्कृति से लेकर विज्ञान, राष्ट्रवाद से राजनीति तक भगवा परचम लहराया। भाजपा बीज से वट वृक्ष बन गई । प्रारंभिक काल में अटल जी ने सत्ता और बहुमत प्राप्त करने के लिए पाप नहीं किया। आडवाणी जी ने विलक्षण, सफल और प्रभावी संगठन खड़ा किया। राष्ट्र सेवा की, व्यक्तिगत श्रेय नहीं लिया। भगवा को श्रेष्ठ सम्मान दिया। मुश्किल मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया। चारों दिशाओं में दस्तक दी।
संघ कार्य को समर्पित प्रचारक, ग्रहस्थ आश्रम के साधक, राजनैतिक तपस्वी स्व. अटल जी, स्व. ठाकरे जी, स्व. पटवा जी, स्व. कैलाश सारंग, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जे पी नड्डा जैसे खास पदाधिकारियों से लेकर आम कार्यकर्ता तक प्रातः उठकर संघ शाखा में जाते। स्पर्श के खेल मैं शिवाजी खेलते थे । द्वंद के खेल दंड अभ्यास और सूर्य नमस्कार करते थे।
परिणाम संसद में भाजपा के 303 सांसद पहुंचे। आज पूरे देश में भाजपा के 1398 विधायक और 11 राज्यों में सरकार है। लेकिन सत्ता के लिए धीरे-धीरे भाजपा ने सिद्धांतों और विचारों को त्याग दिया। जो व्यक्ति और दल, बेईमान, भ्रष्ट और राष्ट्र विरोधी थे ,जो दंड के भागी थे ,उनके साथ स्पर्श का खेल खेला और कश्मीर की कली से मोहब्बत की।
सत्ता के लिए दल बदलने वाले राजनैतिक एड्स संक्रमित व्यक्तियों और संगठनों के संपर्क में आने से भाजपा को एड्स हो गया।
भाजपा में एड्स के लक्षण दिखने लगे। इस वायरस ने भाजपा की राष्ट्रवादी कोशिकाओं पर हमला किया है। एचआईवी वायरस ने खास और आम कार्यकर्ताओं के द्वंद के खेल, दंड अभ्यास और सूर्य नमस्कार करने की क्षमताओं को कम कर दिया।
भाजपा एक धर्मशाला बन गई। जिसमें दरवाजे नहीं हैं। कोई भी कांग्रेसी, बसपा, सपा, टी एम सी जैसे भ्रष्ट, बेईमान, राष्ट्र विरोधी राजनैतिक एड्स संक्रमित व्यक्ति सत्ता की प्यास बुझाने के लिए संपर्क कर सकता है। शर्त है भाजपा को सत्ता सुख मिलने चाहिए, भले ही रात के अंधेरे में कलंकित कार्य करना पड़े।
भाजपा अपना धर्म नष्ट कर चुकी । सत्ता में आने के लिए चटाई बिछा कर अपनी चमड़ी की कुटाई करा कर संक्रमित हो रही है।
जो आज उत्तर प्रदेश में भाजपा छोड़ रहे हैं वे राजनैतिक व्यक्ति बसपा,सपा, टी एम सी, कांग्रेस के कोठे पर पहले वेश्यावृत्ति कर चुके हैं।
सबसे बड़े दल के रुप में भाजपा 1996 में सदन में पहुंची। तब आडवाणी जी ने कहा था 21 वीं सदी भाजपा की होगी। लेकिन उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी इतनी ऊंचाई पर पहुंचने पर भाजपा को एड्स हो जाएगा।
आज भाजपा के कार्यकर्ता इस संक्रमण के कारण छाती और सर पीटते दिख रहे हैं। अभी भी समय है । भाजपा परम वैभव शाली राष्ट्र निर्माण , हेडगेवार जी के सपनों को साकार करने के मां भारती को अर्पित, समर्पित, संघ की भट्टी में तप कर कुंदन बने स्वयं सेवकों के दम पर कदम ताल करते हुए परम वैभव शाली राष्ट्र का निर्माण करे।

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