हाईकोर्ट की दो टूक : पहले जमा करों पैसा, फिर जमानत पर विचार

उमरियापान के चिटफंड मामले में आरोपियों को फिर लगा झटका
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
जबलपुर उमरियापान । शिखर सहकारी समिति मर्या. के नाम से चिटफंड कंपनी बनाकर उमरियापान, पचपेढ़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में लाखों रूपये की धोखाधड़ी मामले में कंपनी संचालक नरेन्द्र पौराणिक, एजेंट अंशुल चौरसिया, मुकेश चौरसिया, मनीष पौराणिक को हाईकोर्ट ने भी जमानत देने से इंकार कर दिया है।
स्मरण रहे कि उक्त चारों तथाकथित आरोपियों द्वारा ग्रामीणों को अपने झांसे में लेकर ज्यादा ब्याज का प्रलोभन दिया और जैसे ही पैसा देने की बारी आई तो उक्त चारों आरोपी पैसा देने से मुकर गये। खाताधारकों की रिपोर्ट रिपोर्ट पर उमरियापान थाने में मामला पंजीबद्ध किया गया। अन्वेषण कार्यवाही उपरांत संबंधित आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है जहां से न्यायालय ने जेल भेज दिया था तब से उक्त तथाकथित चारों आरोपी कटनी जिले की झिझरी जेल की चारदिवारी में कैद हैं। आरोपियों के परिजनों की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष जमानत के लिये अर्जी लगाई गई। जिस पर सुनवाई करते हुये माननीय न्यायालय ने आदेशित किया है कि पहले वे पैसा जमा करें तब जमानत पर विचार किया जायेगा। आरोपी अधिवक्ता की ओर से इस बावत् शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है कि जमानत दिनांक से दो माह के अंदर पूरा पैसा जमा कर देंगे जिस पर न्यायालय की ओर से चारों आरोपियों को यह आदेशित किया गया कि वें अभी डेढ-डेढ लाख रूपये (अलग-अलग ) न्यायालय के समक्ष जमा करें इसके उपरांत जमानत पर विचार किया जायेगा।
दो माह में अदा कर देंगे पूरा पैसा
चारों आरोपियों की ओर से न्यायालय को यह विश्वास दिलाया गया है और शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है उनके द्वारा जो भी राशि गबन की गई है उसका 1/4-1/4 चारों आरोपी जमानत दिनांक से दो माह के अंदर जमा कर देंगे। यदि निर्धारित समय अवधि में इनके द्वारा पैसा जमा नहीं किया जाता है इनकी जमानत स्वमेय निरस्त मानी जावेगी। खाताधारकों की ओर से पैनल लायर हरीश शुक्ला के द्वारा पैरवी की गई।



