स्व-सहायता समूह तथा नमो ड्रोन योजना की मदद से वंदना के जीवन में आया बदलाव
आर्थिक उन्नति के साथ समाज में मान-सम्मान भी बढ़ा
अब ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती हैं वंदना केवट,
नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आया बुलावा
सिलवानी । रायसेन जिले की सिलवानी जनपद के ग्राम भानपुर निवासी वंदना केवट स्व-सहायता समूह तथा नमो ड्रोन योजना की मदद से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को साकार कर रहीं हैं। वंदना केवट अब क्षेत्र में ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती है। उन्हें नई दिल्ली में 15 अगस्त को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया गया है, जिससे वह और उनका परिवार बेहद खुश है। वंदना केवट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि स्व-सहायता समूह तथा नमो ड्रोन योजना की मदद से उनके जीवन में बदलाव आया है। वह आर्थिक रूप से सक्षम हुईं हैं तथा समाज में भी मान-सम्मान बढ़ा है।
वंदना केवट ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनका परिवार आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहा था। उनके पास कहने को सात एकड़ जमीन है। लेकिन ट्यूबवेल नहीं होने के कारण वह एक ही फसल ले पाती थी और इतनी आमदानी भी नहीं हो पाती थी कि सालभर का गुजारा हो जाए। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ही बदल गई। उन्होंने लक्ष्मी स्व-सहायता समूह बनाया तथा अन्य महिलाओं को भी इस समूह से जोड़ा। इसके बाद उन्होंने ऋण लेकर खेत में ट्यूबवेल कराया और दो फसल लेना शुरू किया। इससे खेती में लाभ होने लगा तथा ऋण की किस्त भी जमा होने लगी। इसके अलावा उन्होंने ऋण लेकर घर में ही किराना दुकान भी खोली है। वंदना केवट ने समूह से जुड़ने के बाद बीएसडब्ल्यू किया तथा कृषि से स्नातक की पढ़ाई भी की।
वंदना केवट से ड्रोन वाली दीदी बनने तक के सफर के बारे में उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन योजना में चयनित होने के बाद उन्हें ग्वालियर में ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद उन्हें इसी वर्ष मार्च महीने में योजना के तहत निःशुल्क ड्रोन दिया गया। कम्पनी से आए इंजीनियर ने भी उन्हें ड्रोन चलाने का पूरा प्रशिक्षण दिया। जिसके बाद वह खेतों में ड्रोन से कीटनाशकों का छिड़काव करने लगी। वंदना ने मार्च से अभी तक 35 से ज्यादा किसानों के खेत में ड्रोन द्वारा कीटनाशक का छिड़काव किया है। किसान भाईयों को एक एकड़ में कीटनाशक छिड़काव में लगभग डेढ़ से दो घण्टे लगते हैं, इस काम को वह ड्रोन के माध्यम से 10 से 15 मिनिट में कर देती हैं। इससे किसान के समय की भी बचत होती है। वंदना ने बताया कि अभी तक वह 30 हजार रू से ज्यादा की आय हो चुकी है।
ड्रोन दीदी ने बताया कि यदि किसी किसान को फसल में कीटनाशक का छिड़काव ड्रोन से करवाना होता है तो पहले उसे पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद वह निर्धारित दिन किसान के खेत में पहुंचकर ड्रोन से कीटनाशक का छिड़काव कर देती हें। वंदना कहती हैं कि नमो ड्रोन योजना से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में बहुत सुधार हुआ है और परिवार के जीवन स्तर में भी बदलाव आया है।
वंदना केवट का विवाह महेन्द्र से 2011 में हुआ था जब वह हाईस्कूल पास थी, विवाह के बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखी और हायर सेकंडरी पास की । इसके बाद वह महिला स्व सहायता समूह से जुड़ गई और लक्ष्मी स्व सहायता समूह बनाया और आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ की। उनके सभी कार्यों में उनके पति महेन्द्र केवट जो की हाई स्कूल परीक्षा पास है, हमेशा ही कंधे से कंधा लगाकर साथ दिया।
उनकी दो संतान अनुराग केवट 11 साल कक्षा 6 में और अनन्या केवट 6 साल कक्षा 2 में अध्ययनरत है।
वंदना केवट ने बताया कि इस ड्रोन से इफ्को कंपनी के नैनो यूरिया, नैनो डीएपी का स्प्रे किसानों के खेत में किया जाता है। किसान विदेशी उत्पाद दवाइयों का ज्यादा छिड़काव कर रहे गई जिससे जमीन बंजर होती जा रही है, सरकार स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए ही ड्रोन स्प्रे उपलब्ध कराया गया है। ड्रोन स्प्रे के साथ ई ऑटो भी है जो कि एक बार चार्ज होने पर 150 किमी चलता है, वही ऑटो जनरेटर की व्यवस्था भी जिससे पुन चार्ज करके कार्य पूरा किया जा सकता है। इसके लिए वह आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री और इफ्को कंपनी एक बार फिर बहुत बहुत धन्यवाद देती है।



