मध्य प्रदेश

पिपरिया सहलावन के सचिव पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

कलेक्टर जनसुनवाई में हुई शिकायत नहीं हों रही कार्यवाही
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पिपरिया सहलावन में सचिव अनिल कुमार दीक्षित ढीमरखेड़ा सचिव संघ के अध्यक्ष हैं। अनिल दीक्षित हमेशा विवादित रहे हैं इन्होंने कटरिया, हरदी, उमरियापान, घुघरी, पचपेढ़ी, पिपरिया सहलावन में इनका कार्यकाल हमेशा जनता की उपेक्षा शासकीय कार्यों को जनता तक न पहुंचाना आदिवासी सरपंच के विकास कार्य ढप्प हैं, पंचों की उपेक्षा की जाती हैं केवल कागजों पर काम कर रहे हैं जमीनी स्तर पर कार्य किए ही नहीं गए हैं। ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य घटिया किए जा रहे हैं निर्माण कार्यों में सूचना पटल भी नहीं लगाया गया है। मनसुख के घर से राजकुमार बर्मन के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य की जांच, बालस्वरूप बिलौहा के घर से जगमोहन के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य, ग्राम पंचायत भवन बाउंड्री एवं फर्शीकरण , चौपाल चबूतरा रमेश नामदेव के घर के पास, भटिया मोहल्ला का चौपाल चबूतरा में भ्रष्टाचार किया गया है। किसी भी ग्राम पंचायत के विकास और सुशासन में पंचायत सचिव की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह वह पद होता है जो शासन की योजनाओं को गांव स्तर पर क्रियान्वित करता है और ग्रामवासियों की समस्याओं का प्राथमिक स्तर पर समाधान करता है। लेकिन जब यही पदाधिकारी भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और विवादों में घिर जाए, तो पूरा पंचायत तंत्र चरमरा जाता है। ऐसा ही एक नाम है अनिल दीक्षित, जो वर्तमान में ग्राम पंचायत पिपरिया सहलावन में सचिव पद पर पदस्थ लेकिन उनकी पहचान एक संवेदनशील प्रशासक की बजाय, एक विवादित और भ्रष्ट सचिव के रूप में ज्यादा बनी हुई है। अनिल दीक्षित पर ग्रामीणों ने कई बार भ्रष्टाचार, मनमानी और शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं । चाहे वह ग्राम पंचायत कटरिया हो, हरदी हो या पिपरिया सहलावन जहां भी उन्होंने काम किया, वहां विवाद उनके साथ-साथ चले। जनसुनवाई के माध्यम से ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और आरोप कटनी कलेक्टर तक भी पहुंचाए हैं, और मांग की गई थी कि सचिव अनिल दीक्षित की कार्यप्रणाली की उच्च स्तरीय जांच हो। ग्राम पंचायत पिपरिया सहलावन के नागरिकों ने हाल ही में जनसुनवाई के दौरान कटनी जिला कलेक्टर के समक्ष यह मामला उठाया कि अनिल दीक्षित के कार्यकाल में पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता का अभाव रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव दीक्षित द्वारा पंचायत निधियों का दुरुपयोग किया गया, मनरेगा योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार हुआ, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य विकास योजनाओं में मनमाने तरीके से राशि आहरित की गई और वास्तविक हितग्राहियों को लाभ नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर दिलीप कुमार यादव से आग्रह किया है कि ऐसे भृष्ट सचिव अनिल दीक्षित का ढीमरखेड़ा ब्लॉक के बाहर तबादला किया जाए।

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