मध्य प्रदेश

भ्रष्टाचार की बू? समय सीमा बीतने के बाद भी घुघरी सचिव ने नहीं दी RTI की जानकारी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया     

उमरियापान । शासन की योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए बनाए गए सूचना का अधिकार (RTI) कानून को जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत घुघरी में ठेंगा दिखाया जा रहा है।  ग्राम पंचायत घुघरी के सचिव रामदयाल पटेल पर जानकारी छिपाने और आवेदक को गुमराह करने के आरोप लग रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम घुघरी निवासी राजेंद्र प्रसाद रजक ने दिनांक 17/02/2026 को लोक सूचना अधिकारी (जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा) के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया था। इस आवेदन के माध्यम से उन्होंने ग्राम पंचायत घुघरी में 14वें और 15वें वित्त आयोग के तहत हुए निर्माण कार्यों, सामुदायिक भवन निर्माण और सचिव द्वारा लगाए गए बिल-वाउचरों की सत्याप्रति मांगी थी।
*30 दिन की समय सीमा हुई खत्म*
RTI अधिनियम की धारा 6(1) के तहत, मांगी गई जानकारी 30 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जानी अनिवार्य है।  लेकिन आवेदन को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आवेदक का आरोप है कि सचिव रामदयाल पटेल द्वारा आज दिनांक तक कोई जानकारी प्रदान नहीं की गई है।
*बढ़ रहा है संदेह*
आवेदक राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उन्होंने पंचायत में हुए खर्चों और बैठकों के अनुमोदन की जानकारी मांगी थी। लेकिन नियत समय में जानकारी न मिलने से यह संदेह गहरा रहा है कि क्या पंचायत के कार्यों में कोई वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है, जिसे छिपाने के लिए सचिव हीला-हवाली कर रहे हैं। राजेन्द्र प्रसाद रजक ने बताया कि मैंने नियमानुसार आवेदन किया और बीपीएल श्रेणी (क्रमांक 311) में होने के कारण दस्तावेजों की मांग की थी। लेकिन अब तक मुझे कोई जवाब नहीं मिला है, जो मेरे अधिकारों का हनन है।

Related Articles

Back to top button