कलेक्टर ने विकासखंड कटनी विजयराघवगढ, बड़वारा एवं ढीमारखेडा को जल भावग्रस्त क्षेत्र से किया मुक्त

विकासखण्ड रीठी, बहोरीबंद एवं नगरीय निकाय, शहरी क्षेत्र में लागू रहेगा जल अभावग्रस्त क्षेत्र का प्रतिबंधात्मक आदेश
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अवि प्रसाद ने वर्तमान में प्री मानसून के आगमन व आगामी दिनों मे वर्षा प्रारंभ को दृष्टिगत रखते हुए विकासखण्ड कटनी, विजयराघवगढ, बड़वारा एवं ढीमरखेडा में पेयजल संकट एवं पेयजल परिवहन की स्थिति निर्मित नहीं होने से इन विकासखण्डों को जल आभावग्रस्त क्षेत्र से मुक्त कर दिया है। जबकि विकासखण्ड रीठी, बहोरीबंद एवं नगरीय निकाय, शहरी क्षेत्र में पूर्व में जारी जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित होने संबंधी आदेश यथावत प्रभावी रहेगा।
कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा इस संबंध में मंगलवार को जारी आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र रीठी, बहोरीबंद विकासखण्ड एवं नगरीय, शहरी क्षेत्रों में किसी भी शासकीय भूमि पर स्थित जल स्त्रोतों में पेयजल तथा घरेलू प्रयोजनों को छोड़कर अन्य किसी प्रयोजनों के लिए नहरों में प्रवाहित जल के अलावा अन्य स्त्रोतों का दोहन किन्ही भी साधनों द्वारा जल उपयोग नहीं करेगा ।
जिले के जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र रीठी, बहोरीबंद विकासखण्ड एवं नगरीय, शहरी क्षेत्रों में समस्त नदी, नालो स्टापडैम, सार्वजनिक कुओं तथा अन्य जल स्त्रोतों का उपयोग एवं घरेलू प्रयोजन हेतु सुरक्षित रखा गया है । इसी प्रकार कोई भी व्यक्ति स्वयं अथवा प्राइवेट ठेकेदार पूर्व मे जारी आदेशानुसार अपर कलेक्टर जिला कटनी के पूर्व अनुज्ञा प्राप्त किये बिना किसी भी प्रयोजन के लिए नवीन नलकूप का निर्माण नहीं करेंगा । यह आदेश शासकीय नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा।
जल अभाव ग्रस्त क्षेत्र रीठी, बहोरीबंद विकासखण्ड एवं नगरीय व शहरी क्षेत्रों में पूर्व अनुसार ही जिन व्यक्तियों को अपनी निजी भूमि पर खनन कार्य कराना है । उन्हें ऐसा करने के लिए निर्धारित प्रारूप में निर्धारित शुल्क के साथ, नलकूप खनन की अनुमति जारी किये जाने हेतु अपर कलेक्टर, जिला कटनी को आवेदन करना होगा । जबकि नगरीय क्षेत्र में नलकूप खनन के लिए पेयजल व्यवस्था हेतु अधिकृत इंजीनियर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन के प्रकरणों में संबंधित क्षेत्र के सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जिला कटनी के प्रतिवेदन के आधार पर नलकूप खनन की अनुमति दी जाएगी ।
सार्वजनिक पेयजल स्रोत सूख जाने के कारण वैकल्पिक रूप से दूसरा कोई सार्वजनिक पेयजल स्त्रोत उपलब्ध नहीं होने पर जनहित में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व ) उस क्षेत्र के निजी पेयजल स्त्रोत को पेयजल परिरक्षण संशोधित अधिनियम 2022 के सेक्शन 4 (ए) तथा 4 (बी) के प्रावधानों के अधीन निश्चित अवधि हेतु अधिग्रहण कर सकेंगे आदेश की उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध म०प्र० पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी ।
जल अभावग्रस्त क्षेत्र में आदेश के प्रभावी कियान्वयन सम्बंधित समस्त अनुविभागीय दण्डाधिकारी, तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी अनुविभागीय अधिकारी ( पुलिस ) सभी थाना प्रभारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समस्त फील्ड स्तर के अधिकारी और कर्मचारी मुख्य नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देशित किया गया है।



