मध्य प्रदेश

उपभोक्ताओं को अब सब्सिडी के साथ मिलेगी सौर ऊर्जा पैनल से सस्ती बिजली

पीएम सूर्य घर योजना की शुरूआत
रायसेन। यदि आपके घर में बिजली की खपत प्रतिमाह 150 यूनिट से अधिक है और आपके पास आपकी खुद की छत है, तो यह खबर आपके काम की है। अब बिजली उपभोक्ता खुद ही घर पर बिजली उत्पादन कर सकता है। तमाम उपयोग के बाद यदि बिजली की बचत हो रही हो तो, उसे बिजली कंपनी को बेच भी सकता है। दरअसल, फरवरी माह में पीएम सूर्य घर योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत उपभोक्ताओं को सब्सिडी के साथ एक किलो वाट से लेकर तीन किलोवाट तक सोलर पैनल लगवाने का अवसर मिलेगा। यह सामान्य सोलर रूफटॉप योजना का बदला हुआ रूप ही है।
360 यूनिट तक हो सकता है उत्पादन……
सोलर पैनल के एक किलोवाट पर लगभग 120 यूनिट प्रतिमाह, दो किलोवाट पर 240 यूनिट प्रतिमाह एवं तीन किलोवाट पर 360 यूनिट प्रतिमाह बिजली बनेगी। घर में बिजली की खपत कम होने पर, बची हुई बिजली कंपनी के मीटर में दर्ज होगी। यदि दिन में खुद की बिजली कम खर्च हुुई और रात में मप्र मध्य क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी की बिजली खर्च की, तो भी दिन की बिजली की बचत का फायदा एक माह बाद आने वाले बिल में मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत सोलर पैनल से सीधे ही घर में बिजली का कनेक्शन हो सकता है। बैटरी में स्टोर करने की जरूरत नहीं है।
मेंटेनेंस पांच साल, लाइफ 25 साल…..
सोलर पैनल लगवाने के लिए नेशनल पोर्टल अथवा बिजली कंपनी के स्मार्ट बिजली पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। सोलर पैनल लगाने के लिए बिजली कपनी की कोई भूमिका नहीं होती। निर्धारित वेंडर से संपर्क कर सोलर पैनल लगवाया जा सकता है। बिजली कंपनी सिर्फ सोलर पैनल के साथ लगने वाले मीटर को उपभोक्ता के घर में लगाती है। वेंडर पांच साल तक सोलर पैनल का मेंटेनेंस करता है। जबकि पैनल की लाइफ 25 साल बताई गई है। सोलर पैनल की लागत प्रति किलोवाट 50 से 60 हजार रुपए तक हो सकती है।, जिसका भुगतान सोलर वेंडर को करना पड़ता है। बाद में सरकार सब्सिडी उपभोक्ता के खाते में भेजती है।
यह है सब्सिडी ….
कंपनी के जेई प्रांजल शर्मा ने बताया कि इस योजना में एक किलोवाट पर 30 हजार रुपए, दो किलोवाट पर 60 हजार एवं तीन किलोवाट व अधिक के सोलर रूफटॉप कनेक्शन पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी सीधे उपभोक्ताओं के बैंक खाते में दी जाएगी।

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