धर्मान्तरण के विरुद्ध कठोर कानून बनाने की मांग

बिरसा मुंडा रानी दुर्गावती जन जागरण समिति का धर्म रक्षक सम्मेलन संपन्न
सिलवानी। बिरसा मुंडा रानी दुर्गावती जन जागरण धर्म रक्षक समिति प्रखंड सिलवानी द्वारा सोमवार को बजरंग चौराहा स्थित शनि मंदिर प्रांगण में धर्म रक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त भागचंद ऊईके, जिला जनपद सदस्य राकेश ऊईके, आनंद सिंह ठाकुर, रघुनंदन मसकोले एवं ललिता जाटव उपस्थित रहे।
समिति के वक्ताओं ने कहा कि देश में धर्मान्तरण की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं, जो केवल धार्मिक परिवर्तन नहीं बल्कि राष्ट्रान्तरण का स्वरूप ले चुकी हैं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी एवं इस्लामिक संगठनों द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज को सबसे अधिक निशाना बनाया जा रहा है। परिणामस्वरूप कई जनजातियाँ जैसे नागा और बोडो समाज अपनी मौलिक पहचान खोने की कगार पर हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व रिटायर्ड जज नरीमन द्वारा ईसाई संगठनों के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में धर्मांतरण विरोधी कानूनों को निरस्त करने की मांग की गई है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित सुनवाई कर कई आयोगों को नोटिस जारी किए, किंतु एससी-एसटी आयोग को नोटिस नहीं दिए गए।
समिति ने इस अवसर पर माँग की कि देश में धर्मान्तरण के विरुद्ध कठोर कानून बनाया जाए।
धर्मान्तरण में लिप्त व्यक्तियों को आजीवन कारावास की सजा दी जाए।
ऐसे शिक्षण व स्वास्थ्य संस्थान जो धर्मान्तरण में संलिप्त हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद कर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाए।
विदेशी एनजीओ द्वारा ईसाई मिशनरियों को दिए जा रहे आर्थिक सहयोग पर रोक लगाई जाए।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर धर्म रक्षण और सामाजिक समरसता बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन सुपयार सिंह ठाकुर ने किया।
विरसा मुण्डा रानी दुर्गावती जन जागरण धर्म रक्षक समिति ने ज्ञापन में विभिन्न मांगों का उल्लेख किया है जिनमें धर्मान्तरण के खिलाफ देश में कठोर कानून बनाते हुए धर्मान्तरण कार्यों के खिलाफ आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया जावे।
जो शिक्षण संस्थायें एवं स्वास्थ्य संस्थाये शिक्षा एवं स्वास्थ्य के नाम पर धर्मान्तरण का कार्य करते है उन्हे तत्काल प्रभाव से बंद कर उनके उपर 50 लाख का जुर्माना लगाया जाये।
विदेशी संस्थाओं द्वारा एनजीओं के माध्यम से ईसाई मिशनरियों को धर्मान्तरण हेतु जो आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है उसे तत्काल प्रभाव से रोका जावे।
कार्यक्रम के अंत में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई और समिति की गतिविधियों से अवगत कराया गया। तत्पश्चात रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम कार्यालय में रीडर को ज्ञापन सौंपा। रैली में धर्मांतरण रोकने संबंधी नारे लगाते चल रहे थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनजातीय बंधु उपस्थित रहे।



