भीषण गर्मी में पैदल पहुंचीं जिला पंचायत सीईओ, दूरस्थ गांवों में विकास कार्यों की गुणवत्ता परखी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। विकासखंड ढीमरखेड़ा के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लेने जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने भीषण गर्मी और तपती दोपहरी के बीच पैदल भ्रमण कर निरीक्षण किया । सकरी मेढ़ों, कटीली झाड़ियों और पथरीले रास्तों से होकर लगभग ढाई से तीन किलोमीटर पैदल चलते हुए उन्होंने आधा दर्जन से अधिक गांवों में पहुंचकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और उपयोगिता को परखा ।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ढीमरखेड़ा, कोठी, झिन्ना पिपरिया, भमका, खमतरा, पहरुआ सहित अन्य गांवों में नवीन जनपद पंचायत भवन निर्माण, गेहूं खरीदी केंद्र, जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत खेत तालाब एवं डगवेल, आंगनवाड़ी भवन तथा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में निर्माणाधीन लैब और अतिरिक्त कक्षों का अवलोकन किया।
ढीमरखेड़ा मुख्यालय में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन नवीन जनपद पंचायत भवन का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने साइट चयन की सराहना की। उन्होंने भवन की ड्राइंग, डिजाइन एवं एस्टीमेट की जानकारी लेते हुए निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में केवल आईएसआई मान्यता प्राप्त सामग्री का ही उपयोग किया जाए। साथ ही श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण स्थल के समीप स्थित प्रयोगशाला का भी अवलोकन किया । यहां कंप्रेसिव टेस्टिंग मशीन (CTM) सहित अन्य उपकरणों की जानकारी लेते हुए कांक्रीट क्यूब की टेस्टिंग कराई और फील्ड लैब की कार्यप्रणाली की जांच की। उन्होंने साइट इंस्पेक्शन रजिस्टर में टिप्पणी लिखकर हस्ताक्षर भी किए तथा श्रमिकों की संख्या और कार्य प्रगति की जानकारी ली।
झिन्ना पिपरिया के गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचकर उन्होंने किसानों से संवाद किया। केंद्र प्रभारी से गेहूं के स्टॉक, उठाव, स्लॉट बुकिंग और किसानों के लिए उपलब्ध पेयजल एवं छाया जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
कोठी में जनमन आंगनवाड़ी भवन एवं मुर्गी पालन शेड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने आंगनवाड़ी भवन की प्रशंसा की । ग्राम पंचायत द्वारा 45 मुर्गियों के पालन हेतु बनाए गए शेड की जानकारी लेते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता और पोषण दोनों में लाभ मिलेगा । आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया ।
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभिन्न जल संरचनाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने तकनीकी मानकों के पालन और समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए । एक तालाब के निरीक्षण के दौरान उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षा जल का उचित संग्रहण सुनिश्चित होना चाहिए ।
पहरुआ गांव में 123 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भवन का औचक निरीक्षण करते हुए उन्होंने तीन लैब और चार अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य की प्रगति देखी । इस दौरान उन्होंने पीआईयू अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा ।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, जनपद पंचायत सीईओ युजवेंद्र कोरी, जिला समन्वयक कमलेश सैनी, सहायक यंत्री अजय केसरबानी, योगेंद्र असाटी, उमेश सोनी, उपयंत्री एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे ।



