चैतन्य देवियों के स्वरूप से फैल रहा दिव्य प्रकाश

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईखेड़ा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर चैतन्य देवियों की मनमोहक झांकी का भव्य आयोजन स्थानीय सेवा केंद्र प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय दिव्य संस्कार भवन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नरसिंहपुर में 6 से 11 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात्रि 8 से 11 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें प्रतिदिन नगर के प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिक बंधुओं के द्वारा आरती पूजन एवं दीप प्रज्वलित करके झांकी का शुभारंभ किया जाता है ।
इसी क्रम में गुरुवार 10 अक्तूबर 24 को अतिथि गण भ्राता हरी प्रताप ममार समाजसेवी एवं संचालक कोंडिया शुगर मिल, भ्राता आशीष राज वैद्य पार्षद रानी अवंतीबाई वार्ड, वरिष्ठ एडवोकेट भ्राता विनय जैन, भ्राता नितिन नेमा, ब्रांच मैनेजर iccci बैंक, भ्राता डॉक्टर महेश त्रिपाठी सेवानिवृत्त आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, भ्राता बीके यशवंत माउंट आबू, बीके विजय माउंट आबू ,भ्राता विशाल मेश्राम वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र, भ्राता सत्येंद्र ममार, भ्राता इंद्रेश कौरव, भ्राता रामेश्वर शर्मा SDO सेवानिवृत टेलीफोन, क्षेत्रीय संचालिका ब्रह्मा कुमारीज ब्र कु कुसुम दीदी ने आरती पूजन व दीप प्रज्वलित कर चैतन्य देवियों के झांकी का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर “रक्तबीज वध” प्रेरणादाई लघु नाटिका प्रस्तुत की गई।
ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू राजस्थान से पधारे भ्राता बीके यशवंत एवं बीके विजय भाई के द्वारा नशा मुक्ति रथ में प्रेरणादाई कुंभकरण की झांकी दिखाई गई एवं LED के द्वारा नशा मुक्ति के लिए प्रेरणाएं दी गई।
इस अवसर पर ब्र कुसुम दीदी ने कहा कि आध्यात्म प्रधान देश भारतवर्ष में चिर प्रचलित त्यौहार शक्ति पूजा बड़ी धूमधाम के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है । यह त्योहार हमें संदेश देता है कि नारी शक्ति स्वरुप है नारी का सम्मान ही शक्ति की पूजा है। नारी अबला नहीं सबला शिव शक्ति बनकर संसार में व्याप्त आसुरी शक्तियों को समाप्त कर मानव जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाने की आधार मूरत है। अतः हम सभी को सिर्फ 9 दिन ही नारी शक्ति का पूजन या गायन नहीं लेकिन भारतवर्ष की हर नारी शक्ति को शिव की शक्ति आराध्या एवं देवी रूप से सम्मानित करें तो पुनः भारत की संस्कृति जागृत हो जाएगी और भारत भूमि स्वर्ग बन जाएगा।
डॉ महेश त्रिपाठी ने कहा कि ब्रह्मा कुमारीज के द्वारा चैतन्य देवियों का बहुत अच्छा आयोजन है किया जा रहा है।
चैतन्य देवी स्वरूप के साथ-साथ यहां की हर एक नारी शक्ति को देखकर ऐसे लगता है जैसे की इनसे एक दिव्य प्रकाश फैल रहा है। ऐसे आयोजन आगे भी होते रहे तो इससे समाज में माताओं बहनों के प्रति सम्मान बढ़ेगा।
एडवोकेट विनय जैन ने कहा कि निश्चित रूप से यह देवियां बंदिनीय और पूजनीय है क्योंकि इन्होंने समाज सेवा के लिए अपने आप को परमात्मा शिव पर संपूर्ण समर्पण किया हुआ है।
भ्राता हरी प्रताप सिंह ने कहा कि यहां हर्ष उत्साह के साथ-साथ शुद्ध और पवित्र वातावरण देखने को मिला है। नवरात्रि के 9 दिन में आज हमें यहां चैतन्य देवियों के दर्शन मिले मैं अपने आपको धन्य महसूस कर रहा हूं।
भ्राता विशाल मेश्राम ने कहा कि यहां का इतना शुद्ध पवित्र वातावरण है ठीक जब भी आप मुझे बुलाते हैं मैं इस वातावरण में आने से अपने आप को रोक नहीं पाता हूं।
अन्य अतिथियों ने भी शुभकामनाएं प्रेषित की।
इसके बाद सभी को ईश्वरीय वरदान एवं प्रसाद दिया गया।



