राष्ट्रीय राजमार्ग 44 फोरलाइन के घटिया निर्माण के चलते परखच्चे उडे

गढ्ढो मे सडक ढूढना हुआ मुश्किल
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । कुछ महिनो पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग 44 का डामलीकरण सडक का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से किया गया था घटिया निर्माण के कारण बरसात के एक ही पानी से सडक की पोल खुल गई गौरझामर से लेकर सागर तक पूरी सडक गढ्ढो गढ्ढो मे दिखाई दे रही है गढ्ढे इतने गहरे व चौडे हो चुके है की वाहनो को गढढो से बचाते हुए सर्पाकार तेज रफ्तार से चलाना खतरे से खाली नही है गढ्ढो की लम्बी श्रृंखला के कारण रोज एक्सीडेंट हो रहे है गौरझामर घोसीपट्टी, बरकौटी, सुरखी, चितौरा, सागर के बीच सडक पर गढ्ढो ने ऐसा तांडव मचाया है की बेजां गढ्ढो की भरमार के कारण सडक को गढढों मे ढूंढना तक मुश्किल हो गया है लोगो को समझ में नही आ रहा है की सडक मे गढ्ढे है की गढढों मे सडक है। राष्ट्र को कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक जोडने वाला देश का सबसे बडा व महत्वपूर्ण मार्ग की इस प्रकार की दुर्दशा बेहद चिंताजनक है देश मे चलने वाली डबल इंजन सरकार के राज मे रोडो की इस प्रकार की बदहाली से सरकार की भी पोल खुल रही है सरकार इस ओर ध्यान दे।



