पाटन निकाय नहीं दे रहा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आवेदकों की जानकारियां, सूचना के अधिकार की हो रही अहवेलना

क्यों कर रही सीएमओ बिना वजह लोगों के आवेदन निरस्त ?
ब्यूरो प्रमुख : मनीष श्रीवास
जबलपुर, पाटन । जिले की पाटन नगर पालिक परिषद् में चल रहे डीजल चोरी एवं अधिकारी कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों की कारों में रोजाना सैकड़ों लीटर डीजल का गोल माल किया जा रहा है। इसी संबंध में वार्ड न 15 के राजेंद्र सिंह ने दिनांक 12 जुलाई 2024 को सूचना के अधिकार तहत निम्न जानकारी चाही (1) नगर परिषद् पाटन के स्वामित वाले वाहनों की सूची आरटीओ रजिस्ट्रेशन क्रमांक सहित चाही गई थी। (2) नगर परिषद पाटन के स्वामित वाले वाहनों में नगर के किस पेट्रोल पम्प से डीजल भराया जाता है ये जानकारी आवेदक के द्वारा चाही गई थी। (3) नगर परिषद पाटन के स्वामित वाले वाहनों में रोजाना प्रति वाहन कितनी मात्रा में डीजल दिया जाता है ये जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 (1) के तहत दिनांक 12/07/2024 को आवेदन पत्र प्रेषित किया गया था। निकाय के द्वारा आर टी आई कार्यकर्ता को दिनांक 8 अगस्त 2024 को पत्र क्र 2313/2024 के माध्यम से बताया जाता है । कि उक्त जानकारी प्रश्नात्मक है एवं आपके द्वारा किस वाहन की जानकारी चाही गई है। इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं है जबकि आवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया था। आवेदक ने बताया की लोक सूचना अधिकारी श्रीमती जयश्री चौहान के द्वारा उक्त जानकारी नहीं दी जा रही है। और आवेदन बिना वजह निरस्त किए जा रहे हैं। क्या पाटन निकाय में पदस्थ सीएमओ के द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिससे बचने के लिए सूचना के तहत जानकारी मांगने वाले सभी आवेदन सीएमओ के द्वारा निरस्त कर दिए जाते है। आखिर एक जिम्मेदार पद पर बैठा अधिकारी इतनी लापरवाही कैसे कर सकता है। साथ ही इन्हें किसका संरक्षण मिला हुआ है जो संविधान से मिले आम नागरिकों के मौलिक अधिकारो को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी करने पर उतारू है।
इस दौरान इनका क्या कहना –
जब नगरी निकाय के स्वामित वाले वाहनों में नगर के किस पेट्रोल पम्प से डीजल भराया जाता है जब सीएमओ प्रभारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है वही जब सूचना के तहत दिए गए आवेदन पर बात की गई तो उन्होंने बताया। कि में ऑफिस में बैठी हूं आप कार्यालय आए मिलकर बात करते हैं। आखिर आपको क्या परेशानी है जब आवेदक ने मिलने से इंकार कर दिया तो सीएमओ अधिकारी ने फोन काट दिया।



