मध्य प्रदेश

मनरेगा पर पाबंदियों का असर: निर्माण कार्य ठप, मजदूरों का पलायन तेज

ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी

जबेरा, दमोह। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। लगातार बढ़ती प्रशासनिक और तकनीकी पाबंदियों के साथ-साथ भुगतान में हो रही देरी के कारण योजना के तहत चल रहे अधिकांश निर्माण कार्य ठप पड़ गए हैं। इसका सीधा असर मजदूरों की आजीविका पर पड़ रहा है, जिससे वे गांव छोड़कर शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।जानकारी के अनुसार क्षेत्र में मनरेगा के तहत स्वीकृत तालाब निर्माण, सीसी रोड, नाला निर्माण, मिट्टी कार्य और जल संरक्षण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से बंद पड़े हैं। निर्माण एजेंसियों का कहना है कि सख्त नियमों और तकनीकी बाधाओं के चलते कार्य कराना मुश्किल हो गया है। वहीं, मजदूरी और बिलों का समय पर भुगतान नहीं होने से एजेंसियां भी काम शुरू करने से पीछे हट रही हैं।ग्रामीण मजदूरों का कहना है कि मनरेगा ही उनके परिवार के भरण-पोषण का मुख्य साधन था, लेकिन कई महीनों से काम नहीं मिलने और भुगतान में देरी के कारण उन्हें मजबूरी में अन्य जिलों और शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इससे गांवों की आर्थिक व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मजदूरी का भुगतान कई-कई सप्ताह और महीनों तक लंबित रहता है, जिससे उन्हें उधार लेकर परिवार चलाना पड़ रहा है। वहीं, निर्माण एजेंसियों के बिल अटके होने से नए कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा योजना गरीबों के लिए जीवनरेखा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे उनके जीवन पर असर डाल रही है। आगामी चुनाव में भी यह मुद्दा प्रमुख रूप से उठने की संभावना जताई जा रही है।ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:मनरेगा मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए निर्माण एजेंसियों के लंबित बिल जल्द जारी किए जाएंनिर्माण कार्यों पर लगी अनावश्यक पाबंदियां हटाई जाएं बंद पड़े कार्यों को तुरंत पुनः शुरू कराया जाए गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी और मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए मनरेगा कार्यों को तत्काल प्रभाव से शुरू करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है।

Related Articles

Back to top button