बिजली विभाग की मनमानी 5 एचपी पंप को बना दिया 8 एचपी, किसानों के साथ कर रहे अतिरिक्त वसूली

मामला जा पहुंचा जिला कलेक्टर तक
सिहोरा विद्युत वितरण का लम्बे समय से चल रहा हैं ये खेल
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर। जबलपुर जिले की सिहोरा क्षेत्र में इन दोनों किसानों के खेतों में लगे हुये सिंचाई पम्प के अतिरिक्त भार को लेकर किसान जहां पीड़ित हैं। वहीं सिहोरा वार्ड क्रमांक 11 निवासी किसान जिसकी 1 हेक्टेयर कृषि भूमि में 5 एचपी सिंचाई पम्प खेत में 1993 से लगातार चल रहा हैं। जिसका विद्युत वितरण केन्द्र सिहोरा द्वारा 8 एचपी का कर दिया गया है? कैसे हो सकता है 5 एचपी से 8 एचपी का सिंचाई पम्प? मामला जा पहुंचा अनुविभागीय अधिकारी सिहोरा से जिला कलेक्टर जबलपुर तक।
5HP पम्प का भार किया गया 8 HP का पीड़ित किसान ने लगाई गुहार – सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक 11 निवासी वासुदेव पिता स्व: लालजी प्रसाद दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 एचपी पम्प कनेक्शन के लिए 8 एचपी का बिल मुझे प्राप्त हुआ हैं। इस सुधार कर 5 एचपी वापस करने हेतु आवेदन पत्र लिखित रूप से विद्युत वितरण केंद्र सिहोरा एवं एसडीएम रुपेश सिंघाई को लिखित दिनांक 4/3/2025 को दिया गया था। आवेदन में लिखा है कि मार्च 2024 तक का 5 एचपी मोटर पम्प का भुक्तान प्राप्त हो रहा था। जिसे अचानक से विद्युत वितरण केन्द्र के द्वारा 1 हेक्टेयर भूमि का पम्प अचानक से बढ़ा कर 8 एचपी कर अधिक मात्रा में बिल भेज दिया गया है। इसकी लिखित शिकायत मेरे द्वारा बिजली विभाग से की। लेकिन इसका कोई सुधार नहीं हुआ। फिर मैने इस समस्या को लेकर लिखित सिहोरा एसडीएम को दी गई। उन्होंने मुझसे कहा कि ये मेरा काम नहीं है आप कंज्यूमर कोर्ट जाएं। क्या अनुविभाग़ में बैठें उच्च अधिकारी केवल मीटिंग के साथ वेतन तक सीमित हैं क्या? इनकी जवाबदेही नहीं बनती हैं। मेरे द्वारा निवेदन पत्र देकर छोटे से कार्य के लिए समाधान मांगने गया था।
जिसका समाधान सिर्फ एक फोन या लेटर से हो सकता था। उसके लिये कंज्यूमर कोर्ट और कलेक्टर ऑफिस तक आना पड़े तो आप समझ सकते हैं कि जिल में स्थानीय प्रशासन की क्या व्यवस्था होंगी।
पीड़ित द्वारा प्रशासन को खुला चैलेंज – पीड़ित द्वारा लिखित आवेदन से विद्युत वितरण केन्द्र को खुला चैलेंज दिया हैं कि पम्प निकाल कर चैक करना चाहें तो करें। अगर 5 एचपी से 8 एचपी का पम्प पाया गया तो मुझे उचित दण्ड दिया जाए। नहीं तो मेरे 5 एच पम्प का बिल किया जाएं। इस परेशानी को लेकर पीड़ित किसान ने 1912 पर भी शिकायत की थीं जिसका समाधान नहीं हुआ था। जिसको लेकर पीड़ित ने जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना से पुनः गुहार लगाकर आवेदन पत्र से समाधान करने की मांग रखी है।



