मध्य प्रदेश

पीएम आवास के नाम पर पैसे देने के बाद भी नहीं मिला लाभ कलेक्टर के नाम की शिकायत

सिलवानी। हर गरीब का अपना एक मकान हो इसी मकसद से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरुआत की और इस योजना पर सरकार करोडो रूपये खर्च भी कर रही है। लेकिन देश के पीएम नरेन्द्र मोदी का सपना रायसेन जिले की सिलवानी तहसील में चकनाचूर होता दिखाई दे रहा है। ब्लाक की ग्राम पंचायत सिंहपुरी उचेरा में सचिव मेघा अहिरवार की मनमानी के चलते इसी योजना का लाभ पात्र हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है।
गुरूवार को ग्राम पंचायत सिंहपुरी के रामप्रसाद अहिरवार पिता स्व. वीरा अहिरवार एवं देवीशरण अहिरवार पिता स्व. रमेश अहिरवार ने ग्राम पंचायत की सचिव मेघा अहिरवार द्वारा प्रधानमंत्री आवास के नाम पर बीस हजार रिष्वत लेने एवं प्रधानमंत्री आवास प्रदान न किए जाने के संबंध में एसडीएम कार्यालय में कलेक्टर के नाम आवेदन दिया है। दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम सिंहपुरी का निवासी होकर कृषि मजदूरी का कार्य करते है। प्रार्थी का आर्थिक स्तर निम्न होकर अत्यंत दयनीय स्थिति है और प्रार्थी गरीबी रेखा के नीचे यापन करता है। प्रार्थी के पास गरीबी रेखा का राशन कार्ड भी है। प्रार्थी के पिता से उनके जीवनकाल में लगभग एक वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत सिंहपुरी की सचिव मेघा अहिरवार के पति लखन अहिरवार के द्वारा प्रधानमंत्री आवास प्रदान किए जाने के नाम पर दस हजार रूपए की रिष्वत मांगी गई थी। मेरे पिताजी ने यह सोचकर राशि प्रदान कर दी कि उसकी गरीबी हालत के दिनों में बदलाव आ जाएगा और उसे कुटीर प्राप्त हो जाएगा। परंतु हाय रे शासन के नुमाइंदे उन्हें कोई भी शर्म व दया गरीब के पिता पर नहीं आई। कुछ दिनों के बाद प्रार्थी के पिता का स्वर्गवास हो गया। इसके बाद मेघा अहिरवार एवं उसके पति से कहा गया कि पिता ने पैसे दिए अब तो कम से कम कुटीर दिलवा दो इस पर मेघा अहिरवार व उसके पति लखन अहिरवार ने कहा कि दस हजार रूपए और दो तो आपको कुटीर प्रदान करवा देंगे। प्रार्थी द्वारा मेघा अहिरवार के पति लखन अहिरवार को दस हजार और प्रदान किए गए। प्रार्थी द्वारा 20 हजार रूपए दिए जा चुके है और कुटीर के लिए कई बार बोला भी गया लेकिन अभी तक कुटीर प्रदान नहीं की गई। शासन चाहे भले ही कई योजनाओं की घोषणा करले परंतु मौके पर फील्ड में पदस्थ कर्मचारी शासन की योजनाओं पर पलीता लगाए रखते है जिसका एक उदाहरण मैं स्वयं प्रार्थी हूं। ग्राम में जिन लोगों का विवाह भी नहीं है उनके नामों से कुटीर आ गई है परंतु प्रार्थी के नाम से अभी तक कुटीर प्रदान नहीं की गई है। उक्त मेघा अहिरवार वह कोई शासकीय कार्य व जनहितैषी मूलक योजनाओं का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं करती है और महिला होने का नजायज फायदा उठाकर आमजन को परेषान करती है तथा पूरा शासकीय कार्य महिला का पति लखन अहिरवार करता है। आवेदक रामप्रसाद अहिरवार, देवीशरण अहिरवार ने आवेदन सौंपकर उक्त दोषी सचिव मेघा अहिरवार व उसके पति लखन अहिरवार द्वारा रिष्वत में 20 हजार रूपए राशि लिए जाने व अभी तक प्रधानमंत्री आवास प्रदान न किए जाने के संबंध में कार्यवाही करने की मांग की है।
इस संबंध में मेघा अहिरवार, सचिव ग्राम पंचायत सिंहपुरी उचेरा का कहना है कि रामप्रसाद अहिरवार का पीएम आवास का प्रमाण पत्र दे दिया, आवास प्लस की सूची में इनका नाम है एवं देवीषरण का सर्वे के टाइम सर्वर के कारण अटक गया है। पोर्टल खुलने पर दोबारा सर्वे के बाद नाम जोड़ दिया जाएगा।

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