आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि_
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 05 जून 2024
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि : बुधवार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 07:55 PM तक उपरांत अमावस्या
✏️ तिथि स्वामी : चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर। इस तिथि में भगवान शंकर की पूजा करने से मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों को प्राप्त कर लेता है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र कृत्तिका 09:16 PM तक उपरांत रोहिणी
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र के स्वामी सूर्य और राशि के स्वामी शुक्र हैं।
⚜️ योग : सुकर्मा योग 12:35 AM तक, उसके बाद धृति योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 08:56 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : शकुनि – 07:54 पी एम तक चतुष्पाद
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:15:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:45:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:02 ए एम से 04:43 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:22 ए एम से 05:23 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:39 पी एम से 03:34 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:15 पी एम से 07:36 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:17 पी एम से 08:17 पी एम
💧 अमृत काल : 07:00 पी एम से 08:31 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:40 ए एम, जून 06
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकले।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी बटुक को हरा छाता भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : सर्वार्थसिद्धि योग/भद्रा, सावित्री चतुर्दशी (बंगाल), फलहारिननी कालिका पूजा, अमावस्या प्रारंभ रात्रि 07 .55, उत्तर प्रदेश राज्य के 21वें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्मोत्सव, विश्व पर्यावरण दिवस, राष्ट्रीय वेजी बर्गर दिवस, राष्ट्रीय जिंजरब्रेड दिवस, एचआईवी दीर्घकालिक उत्तरजीवी दिवस, राष्ट्रीय मूनशाइन दिवस, रैंडम एक्ट्स ऑफ कार्डनेस दिवस, समग्र क्रान्ति दिवस, संविधान दिवस डेनमार्क, मुक्ति दिवस, वर्ल्ड एन्वारयर्नमेंट डे (World Environment Day)
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🗼 Vastu tips 🗽
जरूर चढ़ाएं यह पते ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गणेश जी को अर्जुन वृक्ष के पत्ते बेहद प्रिय हैं. जो लोग बेरोजगार हैं, नौकरी में प्रमोशन चाहते हैं या फिर सैलरी में बढ़ोतरी चाहते हैं, उन्हें गणेश जी को अर्जुन के वृक्ष के 5 या 7 पत्ते अर्पित करने चाहिए. बुधवार को इस वृक्ष के पत्ते चढ़ाने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार केतकी फूल की कोमल पत्तियां अर्पित करने से भगवान प्रसन्न होते हैं. इस पौधे की पत्तियां विशेष रूप उन लोगों को अर्पित करनी चाहिए, कोई नया उद्यम या काम शुरू करना चाहते हैं. मान्यता है कि भगवान गणेश के बारह नामों में एक नाम का जाप करते हुए इस पौधे की पत्तियां अर्पित करने से शीघ्र लाभ होता है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गणेश जी को सेम की पत्तियां अर्पित करने से जल्द मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है. इन पत्तियों को अर्पण करने से पहले जांच लें कि पत्तियां कटी-फटी न हो. यदि किसी कार्य में बार-बार बाधाएं आ रही है तो इस उपाय को अवश्य करना चाहिए.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान गणेश आक यानी अकवन के पत्ते चढ़ाने से भी बहुत प्रसन्न होते हैं. यह पत्ता शिवजी को भी बहुत प्रिय है. आर्थिक संकट से परेशान व्यक्ति वित्तीय स्थिरता के लिए आक के पत्ते का उपाय कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें कम से कम 11 पत्ते अर्पित करने चाहिए.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का दिन गणेश जी को प्रिय है. इस दिन सफेद या फिर पीले रंग के कनेर के फूल की पत्तियां अर्पित की जाएं, तो गणेश जी प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि कनेर की पत्तियां अर्पित करने से हर प्रकार का संकट जल्द दूर होता है और व्यक्ति को परेशानियां से मुक्ति मिलती है.
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गर्मियों में चक्कर क्यों आते हैं? गर्मी और हीट स्ट्रोक की वजह से चक्कर या बेहोशी जैसी आने लगती है। शरीर का टेंपरेचर हाई हो जाता है। जिसकी वजह से गर्मी सीधे दिमाग में चढ़ जाती है। धूप में बाहर निकलने वाले लोगों और गर्मी में बाहर रहने वाले लोगों को ये समस्या ज्यादा होती है। कई बार गर्म गाड़ियों में बंद होकर बैठने से भी ये परेशानी हो सकती है।
गर्मी में बेहोशी क्यों होती है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ज्यादा गर्मी के अलावा और कई दूसरी स्थितियां मिलकर बेहोशी की स्थिति पैदा कर सकती हैं। जिसमें थकान, कमजोरी, चक्कर आना शामिल है। जब शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है और जरूरत से ज्यादा पसीना निकल जाता है तो पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कई बार इंसान बेहोश हो जाता है या चक्कर खाकर गिर पड़ता है।
🍒 आरोग्य संजीवनी 🍶
हार्ट के लिए फायदेमंद- रेगुलरली अखरोट का सेवन करना आपकी हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित होगा। अखरोट खाने से आप हार्ट से जुड़ी गंभीर और जानलेवा बीमारियों से खुद को बचा सकते हैं।
कंट्रोल करे ब्लड प्रेशर- हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है तो आपको अखरोट को अपनी डेली डाइट में शामिल कर लेना चाहिए। अखरोट आपके बीपी को कंट्रोल करने में मददगार साबित होगा।
इम्प्रूव करे ब्रेन फंक्शनिंग- अखरोट आपकी ब्रेन की फंक्शनिंग को भी काफी हद तक इम्प्रूव कर सकता है। अखरोट का सेवन करने से आप अपने फोकस को बढ़ा सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सनातन धर्म में भगवान की पूजा करते समय घी और तेल के दीपक जलाने का नियम है और इसे बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. कहा जाता है कि भगवान की पूजा दीपक के बगैर अधूरी मानी जाती है. कुछ लोग लंबी बाती का दीपक जलाते हैं और कुछ लोग गोल बाती का दीपक लगाते हैं. यदि इनका पालन नहीं किया गया तो यही दीपक घर की बर्बादी का कारण बन जाते हैं.
मान्यता है कि दीपक जलाकर देवी-देवता की आरती करने से पूजा पूर्ण होती है. इसके साथ ही घर का वातावरण शुद्ध होता है और अधिक सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है. आमतौर पर देवी-देवता के समक्ष दीपक की बाती कलावा या फिर रूई से बनाई जाती है और इसे जलाने के लिए घी, सरसों या फिर तिल के तेल का इस्तेमाल किया जाता है.
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, गोल बाती का दीपक ब्रह्मा जी, इंद्रदेव, शिव जी, विष्णु जी सहित अन्य देवता के मंदिर में लगाना शुभ होता है. गोल बाती को फूल बाती भी कहा जाता है. इसके साथ ही तुलसी के पौधे के सामने भी गोल बाती वाला दीपक ही जलाना चाहिए. गोल बाती जलाने से घर में स्थिरता आती है, जिससे मां लक्ष्मी का घर में हमेशा वास रहता है.
लंबी बाती जलाने से सुख-समृद्धि, धन-संपदा, ऐश्वर्य में वृद्धि होती है. इस बात का ध्यान रखें कि लंबी बाती का दीपक केवल मां लक्ष्मी, दुर्गा जी, सरस्वती सहित अन्य देवी के पूजन में जलाया जाता है. लक्ष्मी जी के सामने लंबी बाती का दीपक जलाने से धन की वृद्धि होती है और कुल देवता के समक्ष ये बाती जलाने से कुल की वृद्धि होती है.
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

