राजनीति

पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह का जलवा मध्य प्रदेश विधानसभा में होगे नेता प्रतिपक्ष

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से दिया इस्तीफा.
नवनिर्वाचित नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह लहार विधानसभा क्षेत्र से सातवी बार विधायक, 35 वर्षो से मध्य प्रदेश विधानसभा में कर रहे प्रतिनिधित्व

पंकज पाराशर छतरपुर
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उनकी जगह मध्य प्रदेश शासन के पूर्व कैबिनेट मंत्री, लहार विधानसभा क्षेत्र के सातवी वार विधायक डॉ. गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष होंगे। बताया जा रहा है कि अगले साल मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने यह बदलाव किए हैं।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के हाथों जारी हुए पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक दल के नेता के तौर पर आपका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। पार्टी आपके योगदान की प्रशंसा करती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने डॉ. गोविंद सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाने के प्रस्ताव पर भी मंजूरी दे दी है।
नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि मैं पहले भी विधायक था। अब भी विधायक रहूंगा। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद कोई सुरखाब के पर नहीं लग गए हैं। मैं विपक्ष की भूमिका निभाता था और निभाता रहूंगा। सरकार की गलत नीतियों का विरोध करता रहूंगा। कमलनाथ ने इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि उन्होंने मुझे अपनी जिम्मेदारी में सहयोगी बनाया है। मैं उनका शुक्रगुजार हूं। उनके मार्गदर्शन में मैं विपक्ष की भूमिका निभाता रहूंगा।
*एक व्यक्ति दो पद को लेकर निशाने पर थे कमलनाथ*
पिछले कुछ समय से कमलनाथ को लेकर पार्टी में सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। विरोधी लामबंद हो रहे थे। इसकी वजह थी कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते हुए पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष पद भी अपने पास रखा था। अब भी वे पार्टी अध्यक्ष हैं और नेता प्रतिपक्ष का पद भी उनके पास था। भाजपा भी लंबे समय से कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद नियम की अनदेखी होने पर सवाल उठा रही थी। कुछ दिन पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा तक ने कह दिया था कि कमलनाथ को खुद हट जाना चाहिए और विधानसभा में गोविंद सिंह को ही नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहिए।

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