मध्य प्रदेश

डॉक्टर्स के अटैचमेंट समाप्त करने अस्पताल स्टाफ हड़ताल पर

मांगों के समर्थन में कांग्रेस और भाजपा दोनों आईं समर्थन में
आंदोलन को गति देने नगर संघर्ष समिति ने गुरुवार को बुलाई सर्व समाज की बैठक

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । रायसेन जिला केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का संसदीय क्षेत्र और स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल का गृह जिला होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिसको लेकर आए दिन आंदोलन होते रहते हैं स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अटैच किए गए डॉक्टर्स व स्टाफ को वापस भेजने और रिक्त पदों पर पद स्थापन करने के लिए अस्पताल के डॉक्टर्स और स्टाफ के लिए मजबूरन हड़ताल करना पड़ी।
क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए हो रही परेशानी को देखते हुए मागों के समर्थन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों साथ खड़े नजर आए।
आपको बता दें कि सिविल अस्पताल में डॉक्टर के 22 पद स्वीकृत है करीब तीन लाख की तहसील की आबादी पर मात्र तीन डॉक्टर सीबीएमओ नितिन तोमर, डा. संदीप यादव, और डॉक्टर अमन सेन ही सेवाएं दे रहे हैं। डॉ चंद्रमोहन गुर्जर को तीन दिन पहले ही सुल्तानगंज अटैच करने के आदेश जारी किए गए हैं। डॉक्टर श्री चौरे सप्ताह में 3 दिन बेगमगंज और 3 दिन रायसेन में अपनी सेवाएं देते हैं। डा. नीलेश चौरसिया वर्ष 2018 से गैरतगंज में अटैच है गरीब डेढ़ साल से डॉक्टर राजेश अहिरवार सुल्तानगंज में अटैच हैं, डॉ प्रतीक शर्मा 2 साल से रायसेन में अटैच है एक और डॉक्टर शाहबाज खान ट्रेनिंग पर गए थे गरीब डेढ़ साल पहले तब से आज तक कोई पता नहीं है कि वह कहां है। सरकार का नियम है कि 1000 की आबादी पर एक डॉक्टर होना चाहिए। 100 बिस्तर का अस्पताल है इस हिसाब से 22 डॉक्टर को मौजूद रहना ही चाहिए। सिविल अस्पताल में मात्र 30 परसेंट स्टाफ है बाकी के पद रिक्त हैं मात्र तेरा नर्स सेवाएं दे रही हैं महिला डॉक्टर नहीं होने से डिलीवरी के जटिल केसों में पुरुष डॉक्टर को डिलीवरी कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। अन्य स्टाफ के साथ भी ऐसा ही है एक तो पदों की पूर्ति नहीं है दूसरा अटैच कर वेतन बेगमगंज से लिया जा रहा है। एक डॉक्टर बबलू साहू आरबीएसके के तहत कार्य कर रहे हैं।
ओपीडी में प्रतिदिन 500 से लेकर 800 तक मरीज पहुंच रहे हैं जिससे मरीजों की लंबी- लंबी कतारे लग रहीं हैं आए दिन डॉक्टर और मरीजों के परिजनों के बीच विवाद सामने आ रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट के लिए कोई एक्सपर्ट नहीं है एक्स रे के लिए भी लोग परेशान हो रहे हैं । ईसीजी के लिए भी कोई एक्सपर्ट उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल की एकमात्र एंबुलेंस कंडम हो जाने के कारण जब चाहे बिगड़ जाती है अस्पताल के नए भवन के शुभारंभ के समय स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मंच से घोषणा की थी कि शीघ्र दो एंबुलेंस भेजेंगे लेकिन भेजना तो दूर जो एंबुलेंस हैं वह भी नहीं सुधर रही है। वही 108 वाइन के ब्रेक फेल होने के कारण वह थाना परिषद में खड़ी मुंह चिढ़ा रही है। वहीं मंत्री पटेल ने स्टाफ की पूर्ति की भी घोषणा की थी लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई।
रोगी कल्याण समिति की बैठक में नई एंबुलेंस खरीदने के साथ-साथ ही डॉक्टर्स का अटैचमेंट समाप्त कर खाली पदों की पूर्ति करने का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा जा चुका है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है मरीजों के बोझ तले दबे हैरान परेशान डॉक्टर्स और स्टाफ आखिरकार हड़ताल करने को मजबूर हो गए जिन्हें हड़ताल समाप्त करने के लिए सीएमएचओ द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।
हड़ताल के चलते जहां मरीज परेशान हुए वहीं उपस्थित लोगों ने जिला प्रशासन मुर्दाबाद जिला स्वास्थ्य प्रशासन मुर्दाबाद, नहीं किसी से भीख मांगते हम अपना अधिकार मांगते जैसे नारे भी लगाए।
हड़ताल की जानकारी लगने पर तहसीलदार एसआर देशमुख, थाना प्रभारी राजीव ऊइके पटवारियों व पुलिस की टीम लेकर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर हड़ताल समाप्त करने का प्रयास करते देखे गए आंदोलन कर रहे लोगों का कहना था कि तत्काल डॉक्टरों का अटैचमेंट समाप्त किया जाए अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा जिसको लेकर गुरुवार की शाम 5 बजे संस्कृति भवन दशहरा मैदान में सर्व समाज की बैठक नगर संघर्ष समिति द्वारा आहूत की गई है जिसमें आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
वही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन भी तहसीलदार को सौंप कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
सुबह से चल रही हड़ताल के बाद शाम करीब 4:30 बजे सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री सिविल अस्पताल पहुंचे और समस्त स्टाफ की बैठक लेकर तो टूक शब्दों में हड़ताल समाप्त करने की समझाइश दी तब कहीं जाकर स्टाफ द्वारा हड़ताल समाप्त की गई। पत्रकारों के सवालों के जवाब में सीएमएचओ डॉक्टर दिनेश खत्री ने बताया पूरे जिले में डॉक्टर की कमी है इसलिए अभी अटैचमेंट समाप्त नहीं किया जा सकते लेकिन तीन दिन पहले डॉ चंद्र मोहन गुर्जर को सुल्तानगंज जाने के आदेश निरस्त करने के लिए बीएमओ डॉक्टर नितिन तोमर को निर्देशित किया जाकर वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है।

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