कृषिपर्यावरण

रायसेन में बारिश से किसान खुश : गेहूं के लिए अमृत की बूंदे, दलहनी फसल को नुकसान, खरीदी केंद्रों में खुले में रखी धान भीगी

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। मौसम के मिजाज फिलहाल बदलते रहेंगे।16 जनवरी को मौसम बदलने की घोषणा मौसम वैज्ञानिकों ने की है।कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो बेमौसम बारिश से जहां किसानों के चेहरे में साफ खुशी झलक रही है। वहीं उपार्जन केन्द्र में खुले में रखी धान से समितियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
दावा है​ कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने पहुंच रहे किसान तो तिरपाल ढक कर फसल ला रहे है, लेकिन रात में अचानक से हुई बारिश से कई समितियों में धान भीगने की भी खबरें आ रही है।
इसी तरह रहेगा मौसम…..,
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि जम्मू कश्मीर में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोप के साथ ही राजस्थान में चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय बना हु जिला रायसेन समेत क्षेत्र के अन्य जगहों में गरज चमक के साथ बारिश व बूंदाबांदी होती रहेगी। 16 जनवरी तक इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा।
दलहनी फसलों को नुकसान
बीते एक सप्ताह से प्रदेशभर में पड़ रही तेज ठंड के चलते जहां पहले दलहनी फसलों में पाला लगने की संभावना थी। वहीं बीती रात से चालू हुई बारिश के चलते खेतों में पकी खड़ी दलहनी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। कृषि वैज्ञानिकों डॉ स्वप्निल दुबे कृषि विज्ञान केन्द्र नकतरा आदि का कहना है कि चना और मसूर की फसल को कम पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में बेमौसम मावठे की बारिश का साफ असर दिख सकता है।
शीतलहर से ठिठुरा रायसेन जिला :आसमान में छाए बादल, सर्द हवाएं चलने से दिन का तापमान गिरा, न्यूनतम पारा 8 डिग्री पर आया
बारिश ने बढ़ाई ठिठुरन…..
बारिश थमने के बाद रायसेन सहित जिले में ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। शीतलहर चलने से वातावरण में ठिठुरन रही। दिन के समय धूप नहीं निकली। सर्द हवाओं के कारण कंपकंपा देने वाली ठंड रही। कमोवेश बुधवार को भी मौसम के कुछ ऐसे ही हालात रहे।मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में रायसेन में शीतलहर चलने की संभावना है।

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