मध्य प्रदेश

मेंटेनेंस के नाम पर 5 घंटे तक बिजली गोल, भरी दुपहरी लोग गर्मी से बेहाल

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । बिजली की आंख मिचोली से जहां लोग हलाकान है वहीं गुरुवार को कंट्रोल रुम में काम के नाम पर भरी दुपहरी में बिजली गोल किए जाने के कारण आम जन अत्यधिक परेशान हुए उमस भरी गर्मी मैं करीब 5 घंटे बिजली गोल होने से इनवर्टरो ने भी साथ छोड़ दिया। गत दिवस ईद के त्योहार पर भी बिजली की आंख मिचोली का यही हाल रहा।
जब शहर में बिजली बंद होती है, और उपभोक्ता इसकी जानकारी लेने कंट्रोल रूम फोन करते हैं, तो अधिकतर फोन रिसीव नहीं किया जाता यदि फोन रिसीव कर भी लिया जाए तो उपभोक्ता को सही जानकारी नहीं दी जाती है। और वरिष्ठ अधिकारी भी फोन नहीं उठाते हैं। यह समस्या आम आदमी की नहीं बल्कि नेताओं और अधिकारियों के फोन भी नहीं उठते। ऐसे में उपभोक्ताओं को इस उमस भरी गर्मी में बिना बिजली के दिनभर रहना पड़ता है।
फ्री मानसून की बारिश होने के बावजूद और अधिक बार-बार अघोषित कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है। मेंटेनेंस के नाम पर कंपनी कुछ देर का परमिट लेकर ज्यादा समय निकाल देती है। जिससे भी बिजली उपभोक्ता खासे परेशान होते हैं। वहीं बिजली की अघोषित कटौती से शहर में लगे सभी तरह के कुटीर उद्योग में कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं पेयजलापूर्ति भी प्रभावित है। जिसकी वजह से उन तमाम लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
बिजली न होने के कारण सबसे अधिक परेशानी पानी की है। जनता को पीने का पानी भरने के लिए रात को जागना पड़ रहा है। मौहल्लो में हैंडपंप से पानी भरने के लिए सुबह से ही लाेगों की भीड़ जुट जाती है। लोग पानी भरने के लिए वाहनों से कई किमी दूर स्थित ट्यूबवेल पर पहुंच रहे हैं। बिजली कंपनी के अफसरों से कई बार शिकायत की है, लेकिन वह सुनते नहीं है। किसानों का कहना है कि उनकी कोई सुनता नहीं है। बिजली कंपनी अधिकारियों का कहना है कि जब मेंटेनेंस होता है उस दौरान कटौती होती है। क्षेत्र में बिजली पर्याप्त सप्लाई हो रही है।
शहर में तीन दिन से हो रही बिजली की ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बिजली की अघोषित कटौती से मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। इस संबंध में लोगों द्वारा बिजली कंपनी के अधिकारियों से शिकायत की गई है। लेकिन उसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर के किसी एक मोहल्ले में बिजली में फल डालने के बाद पूरे क्षेत्र की बिजली बंद करना बिजली कंपनी के कर्मचारियों का शेवा बन गया है जबकि बिजली कंपनी पूर्व में ही अलग-अलग इलाकों में डिपियां स्थापित कर चुकी है जिस इलाके में फालतू उसे इलाके की लाइट गोल करना चाहिए जबकि ऐसा नहीं हो रहा है।
संतराम उईके सुपरवाइजर, बिजली कंपनी का कहना है कि इस मौसम में बिजली की खपत बढ़ गई हैं। मेंटनेंस का कार्य शुरू किया गया है। जहां केबल लाइन या डीपी में ज्यादा परेशानी है वहां पर सुधार किया जा रहा है। हवा, आंधी और बारिश के कारण जब कभी भी तार टूटते हैं सप्लाई बंद करनी पड़ती है।

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