धार्मिक

भागवत कथा के चौथे दिन मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

सिलवानी। ग्राम पंचायत सिंगपुरी उचेरा में बालमुकुन्द यादव (बाबूजी), सेवानिवृत्त पोस्ट मास्टर एवं महेंद्र पाल यादव सरपंच प्रतिनिधि के द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान कथा पंडाल में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ पर सभी श्रद्धालु काफी देर तक झूमते व थिरकते रहे। श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव कार्यक्रम को लेकर कथा पंडाल को गुब्बारे व फूल-माला से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कथा वाचक पंडित रेवाशंकर शास्त्री मवई वालों ने प्रवचन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष की महत्ता पर व्याख्यान किया। कथावाचक ने कहा कि जब-जब अत्याचार, अनाचार व अन्याय बढा है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। अत्याचार को समाप्त कर धर्म की स्थापना को लेकर ही प्रभु का अलग-अलग रूपों में अवतार होता है। जब कंस ने सभी मर्यादाएं तोड दी, तो प्रभु श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। प्रवचन के क्रम में कथावाचक ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है, तो संकल्प लेना जरूरी है। हर बच्चे को अपने माता-पिता व गुरू की बातों को मानना चाहिए। जिन बच्चों के ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है, उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त है। हर एक माता-पिता को चाहिए कि अपने साथ बच्चों को भागवत कथा, सत्संग, कीर्तन में जरूर साथ लाएं। धर्म की कथा सुनने से बच्चों में अच्छी संस्कार आती है। कथा के अंत में प्रसिद्ध आरती ‘श्री भागवत भगवान की है आरती, पापियों को पाप से है तारती’ का सामूहिक रूप से गायन हुआ। फिर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।

Related Articles

Back to top button