धार्मिक

ज्वारे रखकर भक्ति भाव से हो रही माँ भगवती की उपासना, भव्य रूप से सजी माँ की बगिया

सोमवार दोपहर निकलेगा आकर्षक चल समारोह
रिपोर्टर: कमल याज्ञवल्क्य
बरेली। अंचल में नवरात्र पर्व के दौरान ज्वारे रखकर माँ भगवती की उपासना करने की प्राचीन परंपरा रही है, जो पूर्णिमा तक श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ निभाई जाती है। कई स्थानों पर नवरात्र के प्रथम दिन से लेकर तीन-चार दिनों तक ज्वारे रखने का क्रम चलता है और जिस दिन ज्वारे रखे जाते हैं, उसी क्रम में उनका विसर्जन भी किया जाता है। इस प्रकार पूरे नौ दिनों तक माँ की आराधना का वातावरण बना रहता है।
इसी क्रम में बरेली के समीप स्थित खरगोन कस्बे में बमरेले परिवार द्वारा माँ करूणा सागर की उपासना ज्वारे रखकर श्रद्धा भाव से की जा रही है। परिवार द्वारा माँ की बगिया को अत्यंत भव्य एवं आकर्षक रूप से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।इस आयोजन की एक विशेषता यह भी है कि परिवार की बहू द्वारा माँ की सुंदर एवं दिव्य प्रतिमा का निर्माण स्वयं घर पर ही किया गया है। यह प्रतिमा अपनी भव्यता और सौंदर्य के कारण दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। बमरेले परिवार की इस भक्ति भावना की सराहना खरगोन सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही है, और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं।पूरे अनुष्ठान का संचालन पंडित विभाकर गुरुजी द्वारा वैदिक विधि-विधान के साथ किया जा रहा है। प्रतिदिन होने वाली भव्य आरती में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
सोमवार को निकलेगा भव्य चल समारोह
माँ की विदाई के अवसर पर बमरेले परिवार द्वारा भव्य तैयारियाँ की गई हैं। श्रीराम बमरेले, राजू बमरेले एवं धीरज बमरेले ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार दोपहर कस्बा खरगोन में भव्य एवं आकर्षक चल समारोह निकाला जाएगा। इसके पश्चात खेड़ापति माता मंदिर में विधिवत पूजन कर ज्वारों को माँ को अर्पित किया जाएगा और तत्पश्चात माँ नर्मदा में उनका विसर्जन किया जाएगा। परिवार द्वारा समस्त क्षेत्रवासियों से इस भव्य एवं धार्मिक आयोजन में ससम्मान पधारने का आग्रह किया गया है।

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