समिति के अनेक नवाचार, जैविक सब्जी फल अनाज पौधे सेहत को नुकसान नहीं

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा । मानव जीवन विकास समिति जिला दमोह के तेदूंखेडा जबेरा ब्लॉकों के 7500 किसानों के साथ काम कर रही है। निर्भय सिंह जी के मार्गदर्शन में जिसमें निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम से नवाचार किया जा रहा है गाँव में 10 बायो रिसोर्स सेंटर बनाकर गाँव की महिलाओं के समूह के माध्यम से जैविक खाद घनजीवामृत, जीवामृत, मटका खाद, नीमास्त्र, अग्नियस्त्र, फसल फूल वर्धक टानिक, हिंगास्त्र, वर्मीवाश इत्यादि जैविक खाद दवाईयों का निर्माण कर स्वयं उपयोग कर रही है तथा किसानों के लिए बेच रहे हैं तथा किसान स्वयं अपने खेत पर दवाई बना कर फसल में छिडकाव कर लाभ ले रहे हैं। समिति के माध्यम से 913 बर्मी बैड किसानों को निशुल्क वितरण किये गए हैं जिससेे किसानों के द्वारा बर्मी खाद एवं वर्मी वास तैयार किया जा रहा है साथ ही पशुओं के लिए आजोला पिट तैयार किये जा रहे हैं। 150 किसानों के यहाँ आजोला से पशुओं के लिए एक पौष्टिक जल चारा है इसे भूसा में मिलाकर खिलाया भी खिलाया जाता है। इसे मुर्गी बकरी भी खाती है जिससे उनका शरीर हस्ट पुस्ट रहता है और बजन भी बढता है। 120 किसानों के यहाँ मल्चिंग की खेती करने के लिए ड्रपमल्चिग निशुल्क दी गई 60 परिवारों को मुर्गी पालन कराया जा रहा है। 25 परिवारों के लिए मछली पालन, 1800 किसानों के द्वारा जैविक खेती की जा रही है स्वयं परिवारों के भोजन हेतु समिति द्वारा तिलहन दलहन खेती के लिए बढावा दिया जा रहा है एवं स्वयं सहायता समूह कि बहनों के लिए जैविक हाट बाजार से जोडने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने 56000 पौधे रोपित किये है ग्राम पंचायतों, बन विभाग ओर किसानों के साथ मिलकर जिससे धरती पर हरियाली और किसानों में खुशहाली बनी रहे तथा ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के उद्शयो की पूर्ति की जा सकते इन्ही उद्देश्यों के तहत उक्त जानकारी मानव जीवन विकास समिति समन्यक घनश्याम प्रसाद रैकवार नोहटा के द्वारा दी गई।



