नवरात्रि पर सजे मां के पावन दरवार, दर्शन हेतु लगी भक्तो की भारी भीड

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर। चैत्र नवदुर्गा के पुनीत पावन पर्व पर इन नौ दिनो मे मां के भक्त प्रचलित माता के नौ रूपो शैलपुत्री, बृम्हचारिणी, चन्द्रघंटा, कूष्मांण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, व सिध्दीदात्री इन नव रुपो की पूजा अर्चना आराधना उपासना पूरे विधि विधान व भक्ति भाव से करते है नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी देवी दरवार मंदिर विधुत साज सज्जा के साथ सजे हुए है जहां भक्तो की व्यापक चहल पहल देखी जा रही है गौरझामर मे खेरापति माता मंदिर, मरईमाता मंदिर, बीजासेन माता मंदिर, बरकोटी की टौरिया वाली माता सिंहवाहिनी, रानगिर की माता हरसिध्दी देवी, टिकीटौरिया की सिंहवाहिनी माता, पनारी की चौसठ योगिनी माता, झारखंडन माता मंदिर हथखोह, वनदेवी टडा मार्ग सहित सभी देवी मंदिरो मे इस समय शक्ति की भक्ति का आलम है जहां बृम्हमुहूर्त से ही पुरुष महिलाए बच्चे माता के दर्शन करने व पूजा अर्चना आरती व जलाभिषेक के लिये उमड रहे है। श्रृध्दालुओ की अटूट जनआस्था देखते ही बन रही है इस समय भक्तिभाव से भरी भारी भीड देवी दर्शन के लिए उमड पडी है नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्त नौ दिनी जवारे , बारी, लगाकर वृत उपवास रखकर माता की उपासना मे लीन हो गये है सभी ओर भक्ति गीतो भजन लोकगीतो के स्वर डीजे आदि पर सुनाई दे रहे है जिससे वातावरण भक्तिभय हो गया है। बतादें की इस बार भक्तो को माता के एक नये धाम के दर्शन चौसठ योगिनी के रुप मे समीपस्थ शक्ति पीठ सुरखी में होगे जहां परमा से चौसठ मूर्तियो की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है। चैत्र नवरात्रि पर रानगिर मे विशाल वार्षिक मेला लगता है जहां पूरे भारत वर्ष से श्रृध्दालु अपनी अपनी मनोकामना लेकर आते है और माता को सोलह श्रृंगार चुनरी जासौन पुष्प श्रीफल प्रसाद दृव्य आदि अर्पण करते है इन दिनो लोग माता के देवी गीत भजन लोकगीत ढोलक, मंजीरा, मृदंग, टिमकी, तारे, झनकोरा, झूला बांसुरी आदि साजबाज के साथ नाचते हुए गाते है देवी मंदिरो चबूतरों पर भक्तो की अपार भीड देखी जा रही है।


