सोमेश्वर महादेव मंदिर को वर्षभर खोलने की मांग, राष्ट्रपति–राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

सिलवानी। रायसेन दुर्ग स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक रायसेन किला में विराजमान सोमेश्वर महादेव मंदिर को वर्षभर दर्शनार्थ खोले जाने तथा रमज़ान अवधि में दुर्ग परिसर में परंपरागत तोप संचालन पर संरक्षणात्मक पुनर्विचार की मांग को लेकर सोमेश्वर धाम मुक्ति मोर्चा के तत्वधान में शनिवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन संरक्षित इस मंदिर को वर्तमान में वर्ष में केवल महाशिवरात्रि के अवसर पर एक दिन के लिए दर्शनार्थ खोला जाता है। मोर्चा का कहना है कि यह मंदिर क्षेत्रीय जनमानस की आस्था, सांस्कृतिक परंपरा एवं धार्मिक भावनाओं का प्रमुख केंद्र है, अतः इसे नियंत्रित एवं विनियमित व्यवस्था के साथ प्रतिदिन निर्धारित समयावधि में खोला जाना चाहिए।
ज्ञापन में वर्ष 1974 के जनआंदोलन का भी उल्लेख किया गया, जिसके पश्चात तत्कालीन शासन के निर्णय से महाशिवरात्रि पर एक दिन के लिए मंदिर खोले जाने की परंपरा प्रारंभ हुई थी। पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि जब एक दिन नियंत्रित व्यवस्था में दर्शन संभव है, तो वर्षभर सीमित समय के लिए भी सुरक्षा मानकों के साथ दर्शन कराए जा सकते हैं। इसके लिए सीमित समय निर्धारण, नियंत्रित प्रवेश, प्रशासनिक पर्यवेक्षण, सीसीटीवी निगरानी एवं सुरक्षा बलों की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं। साथ ही ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए संरक्षण और धार्मिक आस्था के बीच संतुलन स्थापित किया जा सकता है। ज्ञापन का दूसरा प्रमुख बिंदु दुर्ग परिसर में रमज़ान अवधि के दौरान परंपरागत रूप से किए जाने वाले तोप संचालन (गोला दागने) से संबंधित है। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी समुदाय की धार्मिक परंपरा का विरोध करना नहीं है, बल्कि संरक्षित स्मारक की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ज्ञापन में कहा गया है कि तीव्र ध्वनि एवं कंपन से प्राचीन दीवारों और संरचनाओं की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। साथ ही वन्यजीव संरक्षण एवं ध्वनि प्रदूषण नियमों का हवाला देते हुए इस पर तकनीकी परीक्षण कराए जाने और आवश्यक होने पर प्रतीकात्मक अथवा ध्वनिरहित वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने की मांग की गई है।
मोर्चा ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं एवं संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए प्रकरण पर सकारात्मक अनुशंसा कर इसे राष्ट्रपति एवं राज्यपाल तक अग्रेषित किया जाए, ताकि सक्षम स्तर पर उचित निर्णय लिया जा सके।
तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित स्तर पर प्रेषित करने का आश्वासन दिया। इस दौरान
नीरज जोशी, राहुल नामदेव, राजकुमार मेहरा, अमर रजक, हीरा कुशवाहा, अनिकेत कोरिया, आयुष तिवारी, राघवेंद्र कुशवाहा, विजय नामदेव, दिव्यांश, सीमेंत आदि मौजूद रहे।



