MP Crime Update: कुख्यात डकैत चैनसिंह को सिलवानी पुलिस ने चोरी करते किया गिरफ्तार
तीन दिन से था भूखा, खाने की ही चोरी करने आया था आरोपी
सिलवानी । सागर जिले के गैंगरेप के आरोपी चैनसिंह को सिलवानी पुलिस ने सोमवार की रात्रि में चोरी करते गिरफ्तार किया। और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सागर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
उक्त आरोपी को सोमवार की रात्रि में सियरमऊ रोड पर आरडीएसएस परिसर चोर घुसे होने की सूचना पर थाना प्रभारी भारत सिंह, एएसआई रामाशीष शर्मा आरक्षक मुकेश यादव ने पकड़ कर सागर पुलिस के हवाले कर दिया है।
उक्त आरोपी को गिरफ्तार करने की जानकारी के लिए सिलवानी थाना प्रभारी भारत सिंह को बार बार फोन करने पर उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। मीडिया के पास सिलवानी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की खबर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह तीन दिन से भूखा था और भोजन की तलाश में आरडीएसएस परिसर की भोजन गृह में भोजन की चोरी कर रहा था। तभी सोमवार की रात्रि लगभग 3 बजे सूचना पर सिलवानी पुलिस से दबिश देकर पकड़ा, वह भूखा होने के कारण भाग नहीं पाया और जाली से टकरा कर गिर गया। जिसे सिलवानी पुलिस ने गिरफ्तार कर लगभग 4:30 बजे सागर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
इस संबंध में आरडीएसएस के प्रभारी फादर जैन का कहना है कि परिसर में दो तीन बार पहले उनके भोजनालय से चोरी की घटना हो चुकी है। जिस कारण हमने हमारे कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया था। सोमवार की रात्रि लगभग 3 बजे भोजन शाला से आवाज आने पर सभी एकत्रित होकर सिलवानी थाने सूचना दी गई और उक्त चोर को हमारे परिसर से पकड़ा गया है। बाद में ज्ञात हुआ कि उक्त चोर का नाम चैन सिंह है जो सागर का आरोपी है।
उक्त आरोपी को सागर पुलिस कई मामलों में तलाश कर रही थी। कई दिनों से आरोपी चैनसिंह, जंगल में छका रहा। सागर के जैसीनगर में 20 वर्षीय युवती के साथ हुए गैंगरेप के मामले का मुख्य आरोपी चैनसिंह वारदात के बाद से फरार था। पुलिस टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। आरक्षक से लेकर आईजी मैदान में थे। मुख्य आरोपी पर 20 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पोस्टर भी चस्पा कराए गए थे। मुखबिर तंत्र सक्रिय किया, फिर भी आरोपी चैनसिंह को दबोचने में पुलिस फेल रही। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगातार सर्चिंग कर रही थी।
मुखबिर की सूचना पर अलग-अलग स्थानों पर पुलिस दबिश दे रही थी। लेकिन आरोपी नहीं पकड़ा जा रहा था। बताया जा रहा है कि गैंगरेप का मुख्य आरोपी चैनसिंह जंगल में छिपा बैठा था। वह रायसेन जिले में मूवमेंट कर रहा था। पुलिस को रायसेन जिले से आरोपी के संबंध में कुछ सूचनाएं मिली थी। लेकिन मुखबिर की सूचना के आधार पर जब तक लोकेशन पर पुलिस पहुंचती है, तब तक आरोपी गायब हो जाता था। पुख्ता लोकेशन नहीं मिलने से आरोपी गिरफ्त में नहीं आ पा रहा था।
मददगारों की तलाश, घात लगाकर बैठी पुलिस
गैंगरेप के मामले में फरार आरोपी के मददगारों की पुलिस को तलाश थी। पुलिस को संदेह है कि कोई उसे मदद कर रहा था। हालांकि आरोपी चैनसिंह मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा था। इस कारण उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। आरोपी की घेराबंदी के लिए पुलिस ने नया जाल बिछाया है। जिसके तहत पुलिस टीमों को अलग -अलग स्थानों पर मुस्तैद किया गया था। रोजाना आला अधिकारी मामले को लेकर जैसीनगर पहुंच रहे थे। वे लगातार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चल रही कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे।
यह था पूरा मामला
5 मई की शाम 20 वर्षीय युवती अपने जीजा के साथ जैसीनगर आ रही थी। तभी ग्राम रमपुरा के पास जंगल के रास्ते में आरोपियों ने रोक लिया। जहां जीजा के साथ मारपीट की और युवती को उठाकर जंगल में ले गए थे। जंगल में करीब 4 किमी अंदर ले जाकर युवती के साथ जबरदस्ती की थी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित बरामद किया गया था। मामले में पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी चैनसिंह फरार हो गया था। पुलिस और प्रशासन ने वारदात सामने आने पर आरोपियों के अवैध मकानों को भी जमींदोज करा दिया था।



