सिलवानी न्यायालय में नेशनल लोक अदालत का आयोजन, 298 मामलों का हुआ निराकरण

सिलवानी। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में शनिवार, 14 मार्च को सिलवानी न्यायालय परिसर में सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
लोक अदालत के अवसर पर आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता पचौरिया ने उपस्थित अधिवक्ताओं और पक्षकारों को संबोधित करते हुए कहा कि लोक अदालत में न्याय की प्रक्रिया त्वरित होती है और पक्षकारों को शीघ्र न्याय प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों के बीच आपसी सद्भाव बढ़ता है तथा कटुता समाप्त होती है। साथ ही समय, धन और श्रम की भी बचत होती है। लोक अदालत में निराकृत मामलों में न्याय शुल्क भी वापस प्राप्त हो जाता है।
लोक अदालत के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सुनीता पचौरिया की खंडपीठ का गठन किया गया, जिसमें न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य सिविल, आपराधिक, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद तथा बैंक रिकवरी से संबंधित मामलों का निराकरण किया गया। इस दौरान न्यायालय में लंबित 30 मामलों का आपसी सहमति से समाधान किया गया।
इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन प्रकरणों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगर परिषद सिलवानी एवं विभिन्न बैंकों से संबंधित कुल 268 मामलों का निराकरण किया गया, जिनमें 1 करोड़ 17 लाख 10 हजार 300 रुपये की वसूली हुई।
लोक अदालत के दिन बड़ी संख्या में पक्षकार अपने मामलों के निराकरण के लिए न्यायालय पहुंचे और समाधान के बाद संतोष व मुस्कान के साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।
इस अवसर पर न्यायाधीश सुनीता पचौरिया ने बैंक एवं नगर परिषद सिलवानी द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा पक्षकारों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने उपस्थित संबंधित विभागों के कर्मचारियों को समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए।
लोक अदालत में पीठासीन सदस्य एवं अध्यक्ष अधिवक्ता संघ सिलवानी जी.एस. रघुवंशी सहित अधिवक्ता दीपेश समैया, आलोक श्रीवास्तव, अतुल श्रीवास्तव, नितिन सोनी तथा बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।



