झाड़ियों में मिला नवजात, 8 डिग्री ठंड में 48 घंटे लड़ी मौत से जंग
रोने की आवाज सुन ग्रामीण ने बचाई जान, मां ने कबूली फेंकने की बात
जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।
सिलवानी । सिलवानी थाना क्षेत्र अंतर्गत सलैया गांव में सोमवार की सुबह झाड़ियों के बीच एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। सुबह करीब 8 बजे खेत की ओर से बच्चे के रोने की आवाज सुनकर एक ग्रामीण मौके पर पहुंचा और तत्काल गांव के चौकीदार जमना प्रसाद को सूचना दी। चौकीदार ने पुलिस को अवगत कराया, जिसके बाद ग्रामीणों और पुलिस की मदद से नवजात को सिलवानी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार नवजात की हालत फिलहाल स्थिर है और वजन भी लगभग 3 किलो ग्राम है। और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की नाल तक कटी हुई नहीं थी, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि जन्म के तुरंत बाद उसे खेत में छोड़ दिया गया।
नवजात स्टेट हाईवे पन्द्रह पर सिलवानी बरेली मार्ग स्थित सलैया गांव में किसान महेंद्र पटेल के खेत की झाड़ियों में मिला था। सूचना मिलते ही डायल एक सौ बारह के माध्यम से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
मामले में सिलवानी पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास के गांवों, अस्पतालों और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि इसी गांव की एक महिला शनिवार को अधिक रक्तस्राव की समस्या लेकर सिविल अस्पताल सिलवानी आई थी, जहां से उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रायसेन रेफर किया गया था।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जब गांव पहुंची तो उक्त महिला अपने घर पर मिली। पूछताछ के दौरान महिला ने नवजात को खेत की झाड़ियों में फेंकने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
48 घण्टे झाड़ियों के बीच सुरक्षित रहा बच्चा,
जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय वाली कहावत आज फिर से सच साबित हो गई, जहां 48 घंटे 8 डिग्री ठंड में जिंदगी और मौत की जंग झाड़ियों के बीच लड़कर सुरक्षित मिला। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ आरएस पटेल ने बताया कि बच्चे का वजन 3 किलोग्राम है। बच्चे के दोनों पैर में घाव हो गए थे जिनका इलाज किया जा रहा है। इलाज के दौरान बच्चे को एक अन्य महिला से स्तनपान भी कराया गया। वह अब पूरी तरह स्वस्थ है। स्वास्थ्य परीक्षण हेतु जच्चा बच्चा को जिला अस्पताल रायसेन रैफर किया गया है।
मानवीय संवेदना के इस मामले की जानकारी मिलते ही जिला बाल कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
महिला ने एक मासूम को जन्म देने के बाद झाड़ियों के बीच क्यों फेंका ? यह प्रश्न का उत्तर जानने के लिए पुलिस और नागरिक उत्सुक है।



