
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 01 दिसम्बर 2025
01 दिसम्बर 2025 दिन सोमवार को मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष कि एकादशी तिथि है। आज सभी वैष्णव भक्तों एवं स्मार्त भक्तों के लिए मोक्षदा एकादशी का व्रत है। आज गीता जयन्ती का परम पावन त्यौहार भी है। आज की एकादशी को ही दक्षिण भारत में वैकुण्ठ एकादशी के रूप में भी मनाते हैं। परन्तु आज अखिल भूमण्डल पर गीता ज्ञान को विस्तारित करने का संकल्प लेने का दिन है। हम सभी को चाहिए कि अपने जीवन के कुछ पल निकालकर ब्रह्माण्ड के गूढ़ ज्ञान से परिपूर्ण गीता ग्रंथ को लोगों में प्रसारित करें। आप सभी सनातनियों को “गीता जयन्ती एवं वैकुण्ठ अथवा मोक्षदा एकादशी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ *दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
*सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है। *सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
*जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है। *सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल*
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌓 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – सोमवार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि 07:01 PM तक उपरांत द्वादशी
📝 तिथि स्वामी – एकादशी के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र रेवती 11:18 PM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – रेवती नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। इसके देवता पूषा हैं, और यह मीन राशि का अंतिम नक्षत्र है।
⚜️ योग – व्यातीपात योग 12:58 AM तक, उसके बाद वरीयान योग
⚡ प्रथम करण : वणिज – 08:20 ए एम तक विष्टि – 07:01 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – 05:33 ए एम, दिसम्बर 02 तक बालव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:33:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:07:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:08 ए एम से 06:02 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:35 ए एम से 06:56 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:49 ए एम से 12:31 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 01:55 पी एम से 02:37 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:21 पी एम से 05:48 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:24 पी एम से 06:45 पी एम
💧 अमृत काल : 09:05 पी एम से 10:34 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:43 पी एम से 12:38 ए एम, दिसम्बर 02
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-शिवजी का दुग्धाभिषेक करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वैष्णव मोक्षदा एकादशी (सर्वे स्मार्त)/ गीता जयन्ती/ मौनी एकादशी (जैन)/ पंचक समाप्ति् 28.18/ राष्ट्रीय पाई दिवस, एड्स जागरूकता दिवस, भारतीय पार्श्व गायक उदित नारायण जन्म दिवस, राजनीतिक नेता अग्रणी विजया लक्ष्मी पंडितो पुण्य तिथि, भारतीय शासक मैसूर शासक टीपू सुल्तान जयन्ती, वैक्स म्यूजियम संस्थापक मैडम मैरी तुसाद जयन्ती, भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद कैफ जन्म दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी काका कालेलकर जयन्ती, सीमा सुरक्षा बल (BSF) स्थापना दिवस, पुर्तगाल में स्वतंत्रता पुनर्स्थापन दिवस, नागालैंड स्थापना दिवस, परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर शैतान सिंह जयन्ती, भारतीय लेखक, गायक, अभिनेता, नर्तक शान्तिदेव घोष स्मृति दिवस, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी दादा धर्माधिकारी पुण्य तिथि, स्वतंत्रता सेनानी भीम सेन सच्चर जयन्ती
✍🏼 *तिथि विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।। 🎗️ *Vastu tips* 🛟
घर की तिजोरी, कैश बॉक्स या पैसे रखने वाली अलमारी पर कलावा बांधना बेहद शुभ माना जाता है। इसे देवी लक्ष्मी का स्थान माना जाता है। यहां कलावा बांधने से धन की स्थिरता, बरकत और आर्थिक वृद्धि होती है।
*पूजा के कलश या जल स्थान पर बांधें वास्तु के अनुसार कलश देवी-देवताओं और पवित्र नदियों का प्रतीक है। पूजा में रखे कलश के मुख पर कलावा बांधने से घर में शांति, पवित्रता और मानसिक शीतलता बनी रहती है। *कलावा बांधते समय इन बातों का ध्यान रखें कलावा किसी शुभ दिन ही बांधना चाहिए। पुराना हो जाने पर इसे उतारकर जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, आप चाहें तो हर शुक्रवार नया कलावा भी बांध सकते हैं, इससे घर में उर्जा संतुलित रहती है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सर्वाइकल दर्द अक्सर इन कारणों से होता है—
खराब पोस्चर मोबाइल पर नीचे देखना देर तक लैपटॉप पर झुककर काम मांसपेशियों पर 25–28 किलो तक का दबाव बन जाता है, जिससे गर्दन की डिस्क कमजोर होती है।
डिस्क का डी-हाइड्रेशन उम्र या तनाव के कारण डिस्क सिकुड़ने लगती है।
नस पर दबाव (Nerve Compression) इससे हाथ में झुनझुनी, कमजोरी, दर्द।
लाइफस्टाइल बैठे रहने की आदत, स्ट्रेस, सोने की गलत पोजिशन।
आयुर्वेद के अनुसार सर्वाइकल
आयुर्वेद इसे मुख्य रूप से “वात विकार” मानता है।
वात बढ़ता है –
ठंडी हवा
देर तक बैठना
तैलीयता की कमी
स्ट्रेस
*अनियमित भोजन *पानी कम पीना
*इससे अस्थि + स्नायु + मज्जा प्रभावित होती है। 🥝 *आरोग्य संजीवनी* 🍈 त्वचा के लिए फायदेमंद कीवी फ्रूट कीवी फल खाने से त्वचा को बहुत तरह के लाभ मिलते है। जिन पौष्टिक तत्वों की कमी से त्वचा मुरझा जाती है किवी फल उनकी पूर्ति करता है। इसमें विटामिन-c होता है जो त्वचा के कालेपन को दूर करता है और सूर्य की किरणों से त्वचा की रक्षा करता है। कीवी का फल (kiwi fal) शरीर से विषैले तत्व को बाहर करता है जिस वजह से हमारी त्वचा चमकदार हो जाती है। कीवी फल हमारी त्वचा को रोग मुक्त और स्वथ्य बनाता है। *डेंगू में कीवी फ्रूट खाने का तरीका डेंगू में कीवी फ्रूट खाने का तरीका- डेंगू में कीवी के फायदे निम्नलिखित रूप से मिलते हैं क्योंकि डेंगू जैसी बीमारी में प्लेटलेट की संख्या कम हो जाती है और शरीर एक दम सुस्त हो जाता है। ऐसे में पपीता के पत्तियों का रस पीने से प्लेटलेट बढ़ने लगता है। कीवी के फल (Kiwi fruits) को भी खाने से शरीर का प्लेटलेट धीरे-धीरे बढ़ता है। किवी फल का स्वाद पपीता के पत्तियों के मुक़ाबले ज्यादा सही होता है।
📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️ घर की रक्षा के उपाय
हम जिस घर ( गृह, भवन, मकान ) में रहते हैं उसमें हमारे पुण्य से उत्पन्न दैवी शक्तियाँ और पाप से उत्पन्न विनाशक शक्तियाँ भी निवास करतीहैं। जहाँ प्रतिदिन धर्माचरण होता है वहाँ अशुभ का प्रवेश निषिद्ध होता है। एक सूक्ष्म अदृश्य कवच उस घर की रक्षा करता रहता है। सप्तशती में लिखा है कि जहाँ प्रतिदिन सप्तशती का पाठ होता है वहाँ मेरा ( देवी जी का ) निवास रहता है, मैं उस घर को कभी नहीं छोड़ती-
*जहाँ मेरे नित्य मन्दिर में इसका विधिवत पाठ होता है।मैं हमेशा उस उपस्थिति को जाने नहीं दूँगा जो मेरे साथ है घर पर कैसी कैसी विपत्तियाँ आती हैं ? इसका भी ध्यान रखना चाहिए।प्राकृतिक विपत्ति, शत्रु से विपत्ति, दस्यु ( डकैत ) से विपत्ति, राज्य की ओर से विपत्ति, शस्त्र उल्का आदि गिरने से विपत्ति, आग लगने से विपत्ति, ऊपरी बाधा से विपत्ति, भवन के फटने या ढहने से विपत्ति सम्भावित होती है। इन सभी आने वाली विपत्तियों को प्रति दिवसीय यजन से रोका जा सकता है-
*मैं घर के सदस्यों और इस घर के लोगों की रक्षा के लिए पाठ करूंगा और बलिदान दूंगा
*बाह्य देवता की स्थापना– घर की रक्षा के लिए घर के बाहर ऊंचे स्थान पर जो दिखता रहे अपने किसी इष्ट देवता की स्थापना की जाती है। इस देवता की वार्षिकी पूजा भी की जाती है। इस वार्षिकी पूजा को बाधित नहीं करते हैं। घर के ईशान कोण या मध्य भाग में पूजन की व्यवस्था की जाती है। बड़े भवनों में प्रायः मध्य भाग में तुलसी का चौरा या हवन कुंड की व्यवस्था रहती है। घर के अन्दर शुभ वृक्षों को उत्तर दिशा में लगाया जाता है।
*न कि जहां धर्म का घर हो जिस घर में हर दिन पूजन नहीं होता, आरती की ज्वाला नहीं फूटती, घण्टी की आवाज नहीं उठती, मन्त्र स्तोत्र गूंजित नहीं होते वह घर नहीं होता। यदि प्रतिदिन हवन की व्यवस्था न हो तो भी पाठ और अमावस्या, पूर्णिमा को हवन करने की व्यवस्था होनी चाहिए।
*जिस घर में केवल शयन भोजन मात्र ही होता है वह घर धीरे धीरे सुप्त हो जाता है। उसका वास्तु पुरुष विकल हो उठता है। पूजन रहित घर में रोग, शोक, भय, आक्रमण, दीनता, संतान हानि, वंश हानि होती रहती है। बच्चे निस्तेज जन्म लेने लगते है। अकाल मृत्यु होने लगती है- *बच्चे नष्ट हो जाते हैं, गर्भ नष्ट हो जाता है, ताकत रहती है, और कष्ट सहने वाले बच्चे बांझ होते हैं *बच्चे, ग्रह, भूत और रोग कोई घर नहीं जहां धर्म का आचरण हो।
*_अतः घर की आयु और उत्तमता को बनाये रखने के लिए गृह को पूजन से भरपूर रखना चाहिए। व्यक्ति के पुण्य से भूकम्प आदि में गृह सुरक्षित रहता है और गृह वासियों की रक्षा करता है।ध्यान रहे चेतन मनुष्य के प्रताप से ही जड़ जगत की भी रक्षा होती है।
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⚜️ एकादशी तिथि के देवता विश्वदेव होते हैं। नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। एकादशी तिथि एक आनंद प्रदायिनी और शुभ फलदायी तिथि मानी जाती है। इसलिये आज दक्षिणावर्ती शंख के जल से भगवान नारायण का पुरुषसूक्त से अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी प्रशन्न होती है एवं नारायण कि भी पूर्ण कृपा प्राप्त होती है।।
यदि एकादशी तिथि रविवार और मंगलवार को पड़ती है तो मृत्युदा योग बनाती है। इस योग में शुभ कार्य करना वर्जित है। इसके अलावा एकादशी तिथि शुक्रवार को होती है तो सिद्धा कहलाती है। ऐसे समय में किसी भी कार्य की सिद्धि प्राप्ति का योग निर्मित होता है। यदि किसी भी पक्ष में एकादशी सोमवार के दिन पड़ती है तो क्रकच योग बनाती है, जो अशुभ होता है। इसमें शुभ कार्य निषिद्ध बताये गये हैं। एकादशी तिथि नंदा तिथियों की श्रेणी में आती है। वहीं किसी भी पक्ष की एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।।



