ज्योतिष

16 नवम्बर 2025 नीच राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में आए सूर्य, इन राशियों देंगे अब शुभ फल

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
श्री हरि‌ नारायण
🔮 16 नवम्बर 2025 नीच राशि से निकलकर वृश्चिक राशि में आए सूर्य, इन राशियों देंगे अब शुभ फल……..
🤷🏻‍♀️ सूर्य 16 नवंबर को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन वह दोपहर 1:44 मिनट पर तुला से निकलकर वृश्चिक में अपना स्थान लेंगे। इसके बाद सूर्य 15 दिसंबर तक यही बने रहेंगे। उसके बाद सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य की राशि सिंह होती है। अगर जातक की कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में होता है तो उसे मान-सम्मान और समृद्धि की प्राप्ति होती है। जातक की कुंडली में सूर्य के अशुभ होने पर पेट, आंख और ह्रदय संबंधी रोग हो सकते हैं। माना जाता है सूर्य के अशुभ प्रभाव से जातक के सरकारी काम में भी बाधा आती है।
💁🏻 आचार्य श्री गोपी राम ने बताया कि ग्रहों के राजा सूर्य 16 नवंबर 2025 को दोपहर 1:44 मिनट पर तुला से निकलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और 15 दिसंबर 2025 तक यहीं रहेंगे। वृश्चिक एक जल तत्व की राशि है और राशि चक्र में इसका आठवां स्थान है। इस राशि का स्वामित्व मंगल ग्रह को प्राप्त है। जो कि सूर्य की मित्र राशी है। वृश्चिक राशि को सभी राशियों में सबसे संवेदनशील और सकारात्मक राशि माना जाता है। यह हमारे जीवन में तामसिक ऊर्जा, गहराई, रहस्य और परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए जब सूर्य इस राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह समय व्यक्ति के जीवन में आंतरिक रूपांतरण, आत्मचिंतन और शक्ति के पुनर्जागरण का संकेत देता है।
📜 *ज्योतिष में सूर्य ग्रह का विशेष रूप से महत्व है। सूर्य ग्रह किसी भी राशि में लगभग 30 दिनों तक विराजमान रहेंगे। जिस दिन सूर्य देव राशि परिवर्तन करते हैं, उस दिन संक्रांति मनाई जाती है।। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो लोग संक्रांति तिथि पर सूर्य देव की पूजा करते हैं, उन्हें समाज में अच्छी प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। आपकी किस्मत भी अच्छी रहेगी और आप किसी भी काम में सफलता प्राप्त करेंगे। सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में जाता है तो उसे संक्रांति कहा जाता हैं और जब सूर्य तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे वृश्चिक संक्रांति कहा जाता है। आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार प्रत्येक वर्ष में कुल 12 संक्रांति आती है और हर राशि में सूर्य 1 महीने तक रहते है। सूर्य के इसी भ्रमण की स्थिति को संक्रांति कहा जाता है। संक्रांति को बहुत ही पवित्र दिनों में से एक माना जाता है। इसलिए इसे हिन्दू धर्म में पर्व भी कहा गया है। 🐑 *मेष राशि – मेष राशि वालों के लिए सूर्य पांचवें भाव के स्वामी हैं और इस समय आपकी कुंडली के आठवें भाव से गुजरेंगे. यह गोचर आपके भीतर व्यक्तिगत बदलाव, साझा धन और भावनात्मक गहराई को बढ़ाएगा. विरासत, संयुक्त निवेश या किसी छुपी हुई बात से संबंधित मुद्दे सामने आ सकते हैं. सूर्य की दूसरे भाव पर दृष्टि आपको अपनी बोलचाल में संयम रखने और व्यवहारिक वित्तीय योजना बनाने की प्रेरणा देगी. यह समय आपको भीतर झांकने, पुराने बोझ छोड़ने और आध्यात्मिक रूप से मजबूत होने में मदद करेगा.
🪶 *उपाय: प्रतिदिन उगते सूर्य को जल अर्पित करें. रविवार के दिन मंदिर में तांबा या लाल कपड़ा दान करें. 🐂 *वृषभ राशि – सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश से वृषभ राशि वालों के व्यापार में हानि की संभावना रहेगी। किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान या संपत्ति से जुड़ा विवाद भी सामने आ सकता है। आपको वाहन चलाते समय सावधानी रखनी होगी और स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस दौरान आपको धन बचाने में कठिनाई हो सकती है, इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखें।
🪶 *उपाय: प्रतिदिन भगवान सूर्य के सामने घी का दीपक जलाएं. रविवार को जरूरतमंदों को गुड़ और गेहूं का दान करें. 👩‍❤️‍👨 *मिथुन राशि – मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी हैं और इस समय आपकी कुंडली के छठे भाव में विराजमान रहेंगे. यह स्थिति आपकी सेहत, कॉम्पीटीशन, और काम से जुड़े प्रयासों पर ध्यान दिलाएगी. आप अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए और मजबूत प्रेरणा महसूस करेंगे. लेकिन सूर्य की बारहवें भाव पर दृष्टि थकान या मानसिक दबाव बढ़ा सकती है, इसलिए खुद को ज्यादा न थकाएं. अनुशासन और रणनीति से किया गया प्रयास आपको सफलता देगा.
🪶 *उपाय: प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. कामकाज में अहंकार से बचें और संयमित व्यवहार रखें. 🦀 कर्क राशि – इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। आपको स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, साथ ही माता-पिता के साथ मतभेद की स्थिति भी बन सकती है। किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए यह समय अनुकूल नहीं रहेगा। भावनाओं में बहकर कोई निर्णय न लें, वरना रिश्तों में दरार भी आ सकती है। 🪶 उपाय: प्रतिदिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें। “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 11 बार जप करें। 🦁 सिंह राशि – आपके स्वामी ग्रह सूर्य इस समय चौथे भाव से गुजर रहे हैं. परिवार, घर और भावनात्मक स्थिरता पर आपका ध्यान बढ़ सकता है. घर सुधारने, परिवार के साथ समय बिताने और जड़ों से जुड़ने का अच्छा समय है. सूर्य की दशम भाव पर दृष्टि आपकी प्रोफेशनल छवि को मजबूत बनाती है. निजी जीवन और काम—दोनों को संतुलित रखेंगे तो प्रगति भी मिलेगी और सुकून भी. 🪶 उपाय: रोज सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल दें. रविवार को गेहूं और मसूर दान करें. 👰🏻‍♀️ *कन्या राशि – सूर्य का यह गोचर इस राशि के जातकों के लिए मानसिक तनाव और अस्थिरता लेकर आ सकता है। आपके प्रेम संबंधों में दरार या गलतफहमियां बढ़ने की संभावना है। आपकी बातों से किसी का मन आहत हो सकता है, इसलिए वाणी पर नियंत्रण रखें। आर्थिक नुकसान हो सकता है और पारिवारिक अपेक्षाओं को पूरा करना कठिन रहेगा। छात्रों को पढ़ाई में मनचाही सफलता पाने में कठिनाई आएगी।
🪶 *उपाय: हर सुबह ॐ सूर्याय नमः का जाप करें.रविवार को जरूरतमंदों को भोजन कराएं या दान दें. ⚖️ *तुला राशि – सूर्य आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी बनकर इस समय दूसरे भाव में है. परिवार, धन और बोलचाल से जुड़ी बातें महत्वपूर्ण रहती हैं. आय बढ़ाने या बचत सुधारने के अवसर मिल सकते हैं. सूर्य की आठवीं भाव पर दृष्टि किसी छिपी हुई बात या धन संबंधी मुद्दे को उजागर कर सकती है—साफ और नैतिक तरीके से काम करेंगे तो सफलता पक्की है.
🪶 *उपाय: रविवार को ब्राह्मणों को लाल फल या गेहूं दें. सूर्य को अर्घ्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें. 🦂 *वृश्चिक राशि – सूर्य का अपनी ही राशि में आगमन वृश्चिक जातकों के लिए शुभता लेकर आएगा। आपकी आत्मशक्ति और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। करियर में तरक्की के संकेत हैं और कई लोगों को मनचाही नौकरी या स्थानांतरण का अवसर मिलेगा। व्यवसाय में विस्तार के नए मौके मिलेंगे और यात्राएं भी लाभकारी सिद्ध होंगी। पारिवारिक जीवन में खुशियां लौटेंगी।
🪶 *उपाय: रविवार के दिन गुड़ और गेहूं का दान करें। सूर्य देव को लाल पुष्प अर्पित करें। 🏹 *धनु राशि – सूर्य आपकी नौवीं भाव का स्वामी होकर इस समय बारहवीं भाव में है. मन एकांत, ध्यान, आध्यात्मिकता या विदेश से जुड़े विचारों की तरफ आकर्षित हो सकता है. सूर्य की छठी भाव पर दृष्टि आपको चुनौतियों पर जीत दिलाती है—चाहे वह स्वास्थ्य, काम या दिनचर्या से जुड़ी हो. बस अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें.
🪶 *उपाय: जरूरतमंदों को लाल या पीले कपड़े दान करें. पूर्व दिशा की ओर मुख करके सूर्य को अर्घ्य दें. 🐊 *मकर राशि – सूर्य देव का यह गोचर मकर राशि वालों के लिए अत्यंत शुभ रहेगा। जो जातक विदेश से जुड़ा कार्य या व्यापार करते हैं, उन्हें विशेष सफलता मिलेगी।परिवारिक जीवन की परेशानियां कम होंगी और स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। नई नौकरी या विदेश में काम करने के अवसर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
🪶 *उपाय: रविवार को गुड़-चने का प्रसाद बांटें। घर में सूर्य के बीज मंत्र का पाठ करें। ⚱️ *कुम्भ राशि – कुंभ राशि के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी हैं और उनका गोचर आपके दशम भाव में हो रहा है। करियर में उन्नति, उपलब्धि और सम्मान के संकेत हैं। आप अधिक जिम्मेदार और महत्वाकांक्षी महसूस करेंगे। सूर्य की चतुर्थ भाव पर दृष्टि भावनात्मक स्थिरता देगी और घर-कार्य में संतुलन बनाए रखने में मदद करेगी। नेतृत्व भूमिकाएं या नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं।
🪶 *उपाय: रविवार को गेहूं और गुड़ सूर्य देव को अर्पित करें. सुबह सूर्य की दिशा में देखते हुए गायत्री मंत्र का जाप करें. 🐬 मीन राशि – सूर्य आपकी छठी भाव का स्वामी होकर इस समय नौवीं भाव में है. सीखने, यात्रा, विश्वास और आध्यात्मिक विकास से जुड़ी ऊर्जा बढ़ती है. सत्य की खोज या किसी महत्वपूर्ण ज्ञान की तरफ झुकाव हो सकता है. सूर्य की तीसरी भाव पर दृष्टि आपकी हिम्मत और अभिव्यक्ति को मजबूत बनाती है—बस बातचीत में विनम्रता बनी रहे. 🪶 *उपाय: रविवार को सूर्य देव को लाल फूल अर्पित करें गुड़ या गेहूं जरूरतमंदों को दान करें.
🌞 सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय
सूर्य देव का आशीर्वाद पाने के लिए प्रतिदिन प्रातः काल उठकर उन्हें जल अर्पित करें। रविवार के दिन व्रत रखें और पिता व वरिष्ठजनों का आदर करें। अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें और सभी से विनम्र व्यवहार करें। जरूरतमंदों की सहायता करें और दान-पुण्य में आगे बढ़ें। इन उपायों को करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।

Related Articles

Back to top button