सांप काटने पर मरीज को तुरंत अस्पताल लेकर जायें, झाड़ फूंक, नीम-हकीम के चक्कर में न पडे़

स्वास्थ्य अधिकारी की आमजन को सलाह
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम में सांप काटने की घटनाएं बढ़ जाती है। इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रीता चटर्जी ने सर्पदंश के लक्षण, सर्पदंश की स्थिति में क्या करें, क्या न करें इस संबंध में एडवाईजरी जारी की है।
उन्होंने बताया कि सांप काटने की घटना सामने आने पर संबंधित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्था यथा जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में लाकर चिकित्सक से परीक्षण करवायें। चिकित्सक के परामर्श अनुसार एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन से संबंधित की जान बचाई जा सकती है। इन सभी संस्थाओं में सर्पदंश से जीवन रक्षा के लिए जीवन रक्षक एंटी स्नेक वेनम वॉयल उपलब्ध है।
डॉ. चटर्जी ने कहा कि आमतौर पर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटना सामने आने पर ग्रामीण जन डॉक्टर के पास जाने के बजाय झाड़ फूंक, नीम-हकीम के चक्कर में उलझकर अथवा घरेलु उपाय मिर्च या नीम के पत्ते खा लेने से जहर नहीं फैलता, इस तरह की भ्रांति के चलते पीड़ित व्यक्ति की जान को खतरे में डाल देते है। सांप जहरीला हो तो घरेलू उपचार काम नहीं करते इसलिए इसमें समय बर्बाद न करें। सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जायें। पीड़ित व्यक्ति को जहां सांप ने काटा है, वहां पर चीरा नहीं लगाना चाहिए इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
सर्पदंश के लक्षण
सांप काटने पर काटने वाली जगह पर सूजन आ जाती है, जबडे़, घुटने पर दर्द शुरू हो जाता है, यह इंगित करता है कि शरीर में जहर फैलने लगा है।
क्या करें
उन्होंने कहा जिसे सांप ने काटा है उसे धीरज बंधायें, हिम्मत दें। यह विश्वास जगायें कि उसे कुछ नहीं होगा। घबराने से हृदय की गति बढ़ जाती है, जिससे जहर का फैलाव शरीर में तेजी से हो सकता है। पीड़ित व्यक्ति को गुनगुना पानी पिलायें, उल्टी करायें ताकि जहर अंदर न फैले। झाड़ फूंक, नीम-हकीम के चक्कर में न पड़कर सांप काटने पर मरीज को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अथवा जिला अस्पताल लेकर जाएं।
सांप काटने पर प्राथमिक उपचार के लिए क्या करें
इस बात का ध्यान रखें कि जिस जगह पर सांप ने काटा है उसे बिल्कुल न हिलायें। अगर सांप ने मरीज को पांव में काटा है तो व्यक्ति के लिए चलना भी मना है, ऐसी स्थिति में उसे स्टेचर या खाट पर यथाशीघ्र अस्पताल लेकर जायें। इस दौरान सांप के काटने के समय का ध्यान रखें। ब्लीडिंग होने पर खून को बहने दें। जिस स्थान पर सांप ने काटा है, काटे गये स्थान के ऊपर ढीली साफ पट्टी अथवा कपड़ा बांधकर घाव को कवर कर दें। इस बात का ध्यान रखें कि कपड़ा बहुत ज्यादा न कसा हो न ही बहुत अधिक ढीला हो। इस तरह प्राथमिक उपचार के बाद जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचें। समय पर अस्पताल पहॅुचने पर व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। देर हो जाने पर दवायें काम नहीं कर पाती है। यदि संभव हो तो सांप की पहचान मसलन सांप के रंग, आकार और अन्य विशेषताओं को याद रखें। सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।



