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मौसम के बदलाव से बढ़ा वायरल फीवर का प्रकोप, अस्पतालों में रोज़ आ रहे 500 से अधिक मरीज

सिलवानी। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में मौसम के अचानक बदलते मिज़ाज—कभी वर्षा तो कभी तेज उमस—ने स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा दी हैं। खासकर वायरल फीवर तेजी से फैल रहा है। शासकीय सिविल अस्पताल सहित निजी चिकित्सालयों में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज वायरल बुखार, उल्टी-दस्त, टाइफाइड और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुँच रहे हैं।
हर परिवार में संक्रमित, तेजी से फैल रहा है संक्रमण
नगर के अलावा आसपास के गांवों में भी वायरल का असर व्यापक रूप से देखा जा रहा है। अधिकतर घरों में एक-दो सदस्य बीमार पाए जा रहे हैं। वायरल से पीड़ित मरीजों को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, सर्दी-खांसी और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हो रहे हैं। पूरी तरह से स्वस्थ होने में मरीजों को 10 से 15 दिन तक का समय लग रहा है।
बच्चों और नवजातों पर भी असर, अस्पतालों में बढ़ी भीड़
सिविल अस्पताल सिलवानी के बीएमओ डॉ. आर.एस. पटेल के अनुसार लोग इसे ‘शरीर तोड़ बुखार’ कह रहे हैं, जबकि चिकित्सकीय रूप से यह वायरल फीवर है। इससे प्रभावित व्यक्ति को तेज बुखार, सिर दर्द, थकावट और भूख-प्यास की कमी जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
डॉ. इंसाफ उदिन ने बताया कि वायरल शरीर में पानी की कमी पैदा करता है। इसलिए मरीज को पर्याप्त मात्रा में उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी जाती है। उन्होंने बताया कि बच्चों, विशेष रूप से नवजात शिशुओं में भी वायरस का प्रकोप बढ़ा है और उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल लाया जा रहा है।
समय पर इलाज जरूरी, वरना हो सकती है जटिलता
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि संक्रमित व्यक्ति का समय पर इलाज नहीं किया गया, तो यह टाइफाइड जैसी गंभीर समस्याओं का रूप ले सकता है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
*तेज़ी से बढ़ रही मरीजों की संख्या*
बीते कुछ दिनों से अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सरकारी और निजी दोनों प्रकार के अस्पतालों में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम दिन-रात इलाज में जुटी है। अधिकांश मरीज कमजोरी के कारण बिस्तर तक सीमित हो रहे हैं और उपचार के बाद भी उन्हें सामान्य स्थिति में लौटने में कई दिन लग रहे हैं।

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