शासन की आवश्यक सेवा जल जीवन मिशन योजना में करोड़ों रुपए व्यय होने के बाद भी लोग प्यासे

असफल योजना की जांच शीघ्र हो, कमीशन खोरी, भ्रष्टाचार, लापरवाही एवं मिलीभगत से नहीं मिल पाया ग्रामीणों को पानी
रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी व अति महत्वपूर्ण जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल जल योजना जो इस समय गौरझामर देवरी एवं केसली क्षेत्र में संचालित हो रही है , लापरवाही, कमीशन खोरी एवं मिलीभगत के चलते भृष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारी द्वारा की गई कमीशन खोरी एवं कथित लापरवाही ठेकेदारों को सपोर्ट करने के कारण स्थिति यह है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जो कार्य किया गया है उसमें दो-चार गांव को छोड़ दें तो पूरी योजना ही फैल प्रतीत हो रही है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग बूंद बूंद पानी को परेशान है गांवो के लोगो व ग्रामीण महिलाओ को कई किलोमीटर दूर से खेतो मे बने कुओ से पानी लेने जाना पड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत की गई थी जिसका उद्देश्य हर घर पानी पहुंचाना रहा है लेकिन कुछ भ्रष्ट अधिकारी एवं ठेकेदार की मिली भगत और कमीशन खोरी के चलते योजना फेल हो गई है। जल जीवन मिशन योजना को लेकर हर कोई नाराज है जहां सरपंच परेशान है तो वही जनप्रतिनिधियों द्वारा भी नाराजगी व्यक्त की जा रही है। बैठक से लेकर सभी में एक ही मुद्दा छाया हुआ है कि आखिर जल जीवन मिशन में करोड़ों रुपए की राशि खर्च हो जाने के बाद भी आज भी गांव के लोग प्यासे हैं,बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं तो इस योजना में किसके घर भरे हैं इसकी जांच होनी चाहिए क्योंकि जनप्रतिनिधियों को पता है कि जनता नाराज है केवल पाइप लाइन डाल दी गई है और पाइपलाइन से हवा निकल रही है। देवरी विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इमझिरा के सरपंच ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में आधी अधूरी लाइन पड़ी हुई है अभी बोर से सप्लाई करनी थी लेकिन बोर में पानी नहीं है। 800 मीटर और लाइन डाली जानी है लेकिन रिवाइज नहीं हो पा रहा है। ग्राम पंचायत डोंगर सलैया में बन रही पानी की टंकी आदि अधूरी बनी पड़ी हुई है जो केवल शोपीस बनकर रह गई है ग्रामीणों का कहना है कि लगता है की पानी की आस में इंतजार ही नसीब में लिखा हुआ है। बूंद बूंद पानी को परेशान है यही स्थिति ग्राम सिलारी की है ग्राम सिलारी में कई किलोमीटर दूर से लोग पानी लेने जा रहे हैं पिछले साल ग्राम सिलारी में पानी को लेकर आंदोलन भी हुआ था। ग्राम ज्वाप में आधा अधूरा काम पड़ा हुआ है ठेकेदार द्वारा कार्य पूरा नहीं कराया जा रहा। इसी प्रकार सागर जिले की बड़ी पंचायत गौरझामर की स्थिति है यहां पर भी पाइप लाइन डाली गई है लेकिन सभी जगह कनेक्शन नहीं किए गए आधी अधूरी लाइन पड़ी हुई है ग्रामीणों का कहना है कि पानी न आने के कारण पाइप लाइन को बांध दिया है तो कहीं पाइप लाइन टूट गई है। ग्राम पंचायत चीमाढाना में स्थिति बेहद खराब है पानी की समस्या को लेकर बड़े से लेकर बूढ़े तक परेशान है लोग अलसुबह से हैंडपंप से पानी निकालते हैं लेकिन वह हैंडपंप भी बोल गए हैं इससे लोग बुरी तरह से परेशान हो रहे हैं। जमुनापुर परासिया और जैतपुर कछया में पेय जल नल योजना की लाइन आधी अधूरी पड़ी हुई है। पत्र प्रतिनिधियो की टीम ने जब लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग द्वारा कराए गए कामो की देवरी विधान सभा क्षेत्र के लगभग 45 से अधिक ग्रामों में मौके पर पहुंचकर जायजा लिया तो पता चला कि अपवाद स्वरुप दो-तीन गांवों जिसमें ग्राम पंचायत झुनकू को छोड़ दें तो सभी ग्राम पंचायत में लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग की योजना चालू नहीं है लोग परेशान है आधी अधूरी लाइन डाली गई है वहीं बताया जा रहा है कि अधिकांश ठेकेदारों का भुगतान कर दिया गया है।
लोगो को का कहना है की जब लाइन चालू ही नहीं हुई तो भुगतान क्यो किया गया।
बता दें की जल जीवन मिशन योजना के तहत शासन द्वारा करोड़ों रुपए की राशि प्रदान की गई है जिसका उद्देश्य हर घर में नल से पानी पहुंचाना है लेकिन योजना चालू नहीं हुई ऐसा लग रहा है कि 90% योजना फेल है यानी 100 में से 10 गांव में ही बा-मुश्किल पानी मिल रहा है 90% गांव की स्थिति बेहद खराब है क्योंकि यहां लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग द्वारा काम कराए जाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है ।उक्त मामले में ग्रामीणों की मांग है कि उच्च स्तरीय टीम गठित कर सभी गांव का सर्वे कराया जाए जिसमें सभी कनेक्शन एवं डाले गए पाइप बनाई गई टंकियां एवं किए गए कार्य का निरीक्षण मूल्यांकन भुगतान आदि की जांच कराई जाए उक्त जांच केंद्र सरकार के माध्यम से कराई जाए ताकि योजना में हुए भ्रष्टाचार पर कार्यवाही हो सके।
घटिया एवं गुणवत्ताहीन हुआ कार्य, चालू होने के पहले ही क्षतिग्रस्त , लोक स्वास्थ यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए गए कार्यों की पोल खुलने लगी है बेहद घटिया एवं गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग करने के कारण पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। पानी पहुंचने से पहले ही लाइन का क्षतिग्रस्त होना योजना की पोल खुल रही है कि आखिर कितना अधिक भ्रष्टाचार इस योजना के तहत किया गया है जिसके चलते योजना फेल हो गई है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार द्वारा घटिया किस्म के पाइपों का उपयोग किया गया है लेकिन अधिकारी द्वारा ऐसे कार्यों का भी भुगतान कर दिया गया है।
करोड़ों रुपये खर्च फिर भी प्यासे है यह गांव
देवरी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुजानपुर, सिलारी , बरकोटी, पिपरिया पाठक, पिपरिया नंदे, पनारी, पथरिया दुबे, पड़रई बुजुर्ग , धुलतरा, डोंगर सलैया, जैतपुर, कोपरा, जैतपुर कछिया, जमुनापुर परासिया, चीमाढाना, हथखोय, खमरिया समनापुर खरगराम, खजुरिया, कोपरा, सूरादेही, कुसमी, ककरी बेरखेरी, खजुरिया, अनंतपुर, सालावारा, सरखेडा, समनापुर सेठ, समनापुर शाहजू, रीछई, रसेना, मोकला, मानेगांव, महाराजपुर, मढ़ी जमुनिया मढपिपरिया बेलढाना, बेरखेड़ी राजा, बीना, बिजोरा देवरी, बिछुआ भवतरा, बारहा, चिरचिटा सुखजू, गौरझामर, खामखेड़ा, इममिरा आदि। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री की कथित लापरवाही मनमानी के विरुध्द कलेक्टर सागर कडी कार्रवाही शीघ्र करे।



